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    1. *‼आहारचर्या*‼
       *श्री सिद्धयोदय नेमावर*
        _दिनाँक :२५/०८/२०१९_
      *आगम की पर्याय महाश्रमण युगशिरोमणि १०८ आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* _को आहार दान का सौभाग्य *श्रीमान बबलू जी जैन भंडारी परिवार विदिशा* वालो को एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ है।_

      इनके पूण्य की अनुमोदना करते है।
                  💐🌸💐🌸
      *भक्त के घर भगवान आ गये*
                🌹🌹🌹🌹
      *_सूचना प्रदाता-:श्री अक्षय जी जैन खातेगांव_*
             🌷🌷🌷
      *अंकुश जैन बहेरिया
      *प्रशांत जैन सानोधा

    2. *करोड़ों की लागत से नेमावर में निर्मित पंच बालयति मंदिर का पंचकल्याणक महोत्सव फरवरी में*
      भारत की शिक्षा नीति में बदलाव की आवश्यकता : आचार्य विद्यासागर जी महाराज

      ~~~~~~~~~~~~~~~
      इंदौर:-प्रसिद्ध जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से सिद्धोदय सिद्ध क्षेत्र नेमावर में निर्माणाधीन पंच बालयति सहस्त्रकूट जिनालय, त्रिकाल चौबीसी जिनालय और संत सदन का निर्माण पूर्ण होकर भव्य पंच कल्याणक महोत्सव फरवरी 2020 में आयोजित किया जाएगा_।
      _यह जानकारी सिद्धोदय सिद्ध क्षेत्र, नेमावर तीर्थ क्षेत्र निर्माण समिति के प्रमुख संजय जैन ‘मैक्स’, मंत्री कमल अग्रवाल, संरक्षक अशोक डोसी और प्रचार प्रमुख प्रदीप गोयल ने स्टेट प्रेस क्लब म.प्र. के प्रतिनिधिमंडल को दी। उन्होंने बताया कि, आचार्य श्री की प्रेरणा से नेमावर में इस तीर्थ का निर्माण वर्ष 1997 से चल रहा है जो अब अंतिम दौर में है। करोड़ों रूपयों की लागत से निर्मित हो रहे इस तीर्थ के निर्माण में लोहा और सीमेन्ट की बजाये लाल-पीले पाषण का उपयोग किया जा रहा है। विश्व के श्रेष्ठ आर्किटेक्स वीरेन्द्र त्रिवेदी (अक्षरधाम मंदिर के आर्किटेक्ट) इस कार्य में अपनी सेवाएं दे रहे है।_
      _उन्होंने बताया कि मुख्य मंदिर का शिखर 131 फीट ऊंचा रहेगा जबकि गुरू मंडल में 11 फीट ऊंचा शिखर बनाया जा रहा है। सहस्त्रकूट जिनालय में 1008 मूर्तिया विराजित होगी। संपूर्ण परिसर के इर्द-गिर्द 2400 फीट लंबाई का परिक्रमा पथ भी बनाया जा रहा है।_


      *_मीडिया से बातचीत_*........
      _आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति में सुधार की जरूरत है। हमें अपनी संस्कृति को केन्द्र में रखते हुए नई शिक्षा नीति तैयार करना होगी, जिसमें भारतीय भाषाओं का भी समावेश हो।
      _स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के प्रतिनिधि मंडल के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में आचार्य श्री ने कहा कि अनुसरण के लिये हमें इस बात का भी अध्ययन करना होगा कि अंग्रेजी और उर्दू भाषा के बगैर किस तरह की शिक्षा पद्धति दुनिया के कई देशों में सफल तरीके से चल रही हैं।_
      _आचार्य श्री ने देश की राजनीति के गिरते स्तर पर कहा कि जब देश में कोई राजा ही नहीं बचा तो नीति कहां से बचेगी। उन्होंने तमाम राजनैतिक दलों से अपेक्षा की कि वे राष्ट्रहित में अपनी नीतियां और कार्यक्रम धर्मनिष्ठ बनाएं।
      _उन्होंने जानकारी दी कि स्वरोजगार के लिये अनेक स्थानों पर हथकरघा योजनाएं चलाई जा रही है। देश की लगभग 15 जेलों में कैदियों के लिये भी यह योजना चल रही है, जिसके अंतर्गत प्योर काटन धागा और कपड़े बनाए जा रहे है। इस कार्य से होने वाली आमदनी से कैदियों एवं उनके परिवार का जीवन बदल रहा है। इस कढ़ी में शीघ्र ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में हथकरघा यूनिट आरंभ की जा रही है, जिसका शुभारंभ केन्द्रीय गृह मंत्री एवं गृह मंत्री, दिल्ली शासन के करकमलों से होगा।
      _आचार्य श्री ने देश से विलुप्त हो रही आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को संरक्षित करने की जरूरत पर बल देते हुए बताया कि जबलपुर में पूर्ण आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किया जा रहा है, जिसमें भारत के श्रेष्ठ आयुर्वेदाचार्य और वैद्य नई पीढ़ी को अपनी सेवाएं देंगे। अस्पताल के लिये पाषाण का भवन तैयार हो रहा है।आचार्य श्री ने बताया कि, इंदौर, जबलपुर, रामटेक, पपोरा जी और डोंगरगढ़ में प्रतिभास्थली का संचालन किया जा रहा है, जहां 350 प्रतिभाशाली ब्रह्मचारिणी दीदियों द्वारा कन्याओं को गुरूकुल पद्धति पर आधारित संस्कार युक्त शिक्षा दी जा रही है।_


      *स्टेट प्रेस क्लब के अभियान को दिया आशीर्वाद*........
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      _इस अवसर पर आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने स्टेट प्रेस क्लब म.प्र. के वृक्षारोपण, पौधा वितरण और जल संरक्षण कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दी।_ 
      _आचार्य श्री की पावन उपस्थिति में वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र जैन भोपाल, हरदा नगर पालिका अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन, नेमावर तीर्थ के कार्याध्यक्ष संजय जैन ‘मेक्स’, महामंत्री कमल अग्रवाल, संरक्षक अशोक डोसी, प्रचार प्रमुख प्रदीप गोयल, ब्रह्मचारी सुनील भैय्या ने जल संरक्षण पर आधारित पोस्टर सीरिज का लोकार्पण भी किया।_
      _प्रारंभ में स्टेट प्रेस क्लब की ओर से प्रवीण खारीवाल, अभिषेक बड़जात्या, मनोज सिंह राजपूत, सुशील शर्मा, आकाश चौकसे, अजय भट्ट, राकेश द्विवेदी, आलोक बाजपेयी, महेन्द्र जैन, नंदकिशोर अग्रवाल, मीना राणा शाह ने आचार्य श्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजकों ने मीडियाकर्मियों को आचार्य श्री के विभिन्न प्रकल्पों पर केन्द्रित साहित्य भी भेंट किया।_ _इस मौके पर स्थानीय मीडियाकर्मियों के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्टेट प्रेस क्लब मेंबर्स और मीडियाकर्मी मौजूद थे।_


      *_🚂L🚋A🚋D🚋D🚋U🚋_*

    3. पूज्यगुरूदेव आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी
                             एवं

      संघस्थ मुनिश्री
       

       मुनिश्री दुर्लभसागर जी 

       मुनिश्री निश्चलसागर जी 

       मुनिश्री श्रमणसागर जी

       मुनिश्री संधानसागर जी

       

       

      के   सिद्धोदय सिद्धक्षेत्र नेमावर  में हुए  केश लोच |

  • गागर में सागर - हायकू (512).jpg

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    आचार्य श्री द्वारा रचित हाइकू (हायकू)

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    आचार्य श्री द्वारा रचित हाइकू (हायकू)

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    आचार्य श्री द्वारा रचित हाइकू (हायकू)
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  • संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज

    ये ऐसे संत है जिनका जीवन एक सम्पूर्ण दर्शन है जिनके आचरण में जीवों के लिए करुणा पलती है जिनके विचारों में प्राणी मात्र का कल्याण आकर लेता है,जिनकी देशना में जगत अपने सदविकास का मार्ग प्रशस्त करता है |आप निरीह, निस्पृह वीतरागी है फिर भी आपके विचार भारतीयता के प्रति अगाध निष्ठा, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यपरायणता से ओतप्रोत है आपका चिंतन प्राचीन भारतीय हितचिंतको दार्शनिको एवं संतो का अनुकरण करते हुए भी मौलिक है |आचार्य महाराज तो ज्ञानवारिधी है और उनके विचारों को संकलित करना छोटी सी अंजुली में सागर को भरने का असंभव प्रयास करना है|

    रास्ता उनका, सहारा उनका, मैं चल रहा हूँ दीपक उनका, रौशनी उनकी मैं जल रहा हूँ प्राण उनके हर श्वास उनकी मैं जी रहा हूँ

     

    From Wikipedia Acharya Shri Vidyasagarji Maharaj (born 10 October 1946) is one of the best known modern Digambara Jain Acharya(philosopher monk). He is known both for his scholarship and tapasya (austerity). He is known for his long hours in meditation. While he was born in Karnataka and took diksha in Rajasthan, he generally spends much of his time in the Bundelkhand region where he is credited with having caused a revival in educational and religious activities. Know more about him

     

     

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