Jump to content
आचार्य श्री विद्यासागर मोबाइल एप्प डाउनलोड करें | Read more... ×

Vidyasagar.Guru

Members
  • Content Count

    2,398
  • Joined

  • Last visited

  • Days Won

    33
My Favorite Songs

Vidyasagar.Guru last won the day on November 21

Vidyasagar.Guru had the most liked content!

Community Reputation

154 Excellent

About Vidyasagar.Guru

  • Rank
    Advanced Member

Recent Profile Visitors

The recent visitors block is disabled and is not being shown to other users.

  1. आचार्य पदारोहण दिवस
  2. ललितपुर समाचार अपडेट
  3. धन्य हो गई आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ के आगमन से लालित्य नगरी आचार्यश्री के पदविहार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ऐतिहासिक रूप में हुआ नगर प्रवेश पगडण्डी कहाँ चली गयी जो पहले थी : आचार्य श्री विद्यासागर जी बुंदेलखंडी 'हओ' पर श्रद्धालुओं को खूब गुदगुदाया आचार्यश्री ने कई किलोमीटर की लंबाई थी अगुवानी के जनसैलाव की ललितपुर। जिस घड़ी का इंतजार ललितपुर वासियों को तीन दशक से अधिक समय से था वह इंतजार 21 नवम्बर को पूरा हो गया जब साधना के सुमेरु भारतीय संस्कृति के संवाहक संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज अपने विशाल संघ के साथ ललितपुर नगर में प्रवेश किया। आचार्यश्री का पदविहार वांसी से ललितपुर की ओर प्रातःकाल 6 बजे शुरू हुआ।जैसे ही लोंगो ने आचार्य श्रेष्ठ के नगर आगमन की सुनी तो खुशियों का ठिकाना नहीं रहा।कोई पैदल तो कोई गाडी से पदविहार में सम्मिलित होने के लिए पहुंचा। इतनी सुबह सुबह भारी जनसैलाव उमड़ा देख रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोग भी उमड़ पड़े और आचार्यश्री की एक झलक पाने को लालायित देखे गए। जन सैलाव इतना था कि पुलिस प्रशासन लोगों से दूर से ही दर्शन करने की अपील कर रहे थे। बांसी से (ललितपुर से दूरी 20 किलोमीटर) ही हजारों की संख्या में बिना जूते-चप्पल के श्रद्धालु चल रहे थे। जैसे-जैसे आचार्यश्री के पग आगे बढ़ रहे थे श्रद्धालुओं का जन सैलाव बढ़ता ही जा रहा था। हाइवे पर दूर-दूर तक अपार भीड़ ही भीड़ दिख रही थी। आलम यह था कि रोड की दूसरी ओर चलने वाले वाहनों को भी रुक-रुक चलना पड़ रहा था। इस दौरान आगे-पीछे और बीच में बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन व्यवस्था को सुचारू करने में लगे थे। आचार्यश्री के आगे आगे बैंड बाजे चल रहे थे इसके बाद पचरंगा झंडे लेकर कार्यकर्ता चल रहे थे इसके बाद पुलिस के पदाधिकारी चल रहे थे जो आचार्यश्री के दर्शन लोगों से दूर से करने की अपील कर रहे थे ताकि पद विहार में बाधा उत्पन्न न हो। इसके बाद आचार्यश्री संघ सहित चल रहे थे पश्चात उनसे कुछ दूरी पर जन सैलाब चल रहा था। नगर में पूर्व से विराजमान मुनि श्री अविचल सागर जी ने नदनवारा पहुँचकर आचार्यश्री के चरणों में नमोस्तु पूर्वक नमन किया। रास्ते में रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े जा रहे थे। आचार्यश्री पदविहार करते हुए महर्रा ग्राम स्थित आदिनाथ कालेज प्रांगण में पहुंचे जहाँ पर मुख्य द्वार पर कालेज प्रबन्धन ने आचार्यश्री का वंदन किया। इसके पूर्व जैन पंचायत समिति और पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने आचार्यश्री के चरणों में श्रीफ़ल समर्पित कर आरती की। आदिनाथ कॉलेज में सबसे पहले आचार्यश्री की पूजन भक्ति भाव से की गई। इस अवसर पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी एक चीज गुम गयी है। मैं आ रहा था, आप लोग भी आ रहे थे। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या वह चीज आप लोगों को मिल गयी? इस पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा 'हओ'। इस पर चुटकी लेते हुए आचार्यश्री ने कहा कि ललितपुर में भी 'हव' चलता कि नहीं। इस पर जन समुदाय ने कहा 'हओ'। उन्होंने कहा कि जो मतलब आप लोग समझ रहे हैं वह नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मैं सोच रहा था कि भूल गए हैं आप लोग। उन्होंने कहा कि अब पगडण्डी जीवित है कि नहीं। अब शायद पगडण्डी जीवित नहीं रह पाएगी क्योंकि पगडंडियों पर चलाना तो चाहते हैं लेकिन चलना नहीं चाहते। अंत में उन्होंने कहा कि वाहनों पर लिखा रहता है 'फिरमिलेंगे'। संचालन संघस्थ ब्र. सुनील भैया जी ने किया। एसडीएम सदर घनश्याम वर्मा ने महर्रा पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को समुचित दिशा निर्देश दिए। आचार्यश्री की आहारचर्या महर्रा स्थित आदिनाथ कॉलेज परिसर में हुई। सामायिक के बाद महर्रा से ललितपुर नगर की ओर विहार हुआ जिसमें पूरा नगर उमड़ पड़ा। आज ललितपुर के इतिहास में एक नया इतिहास जुड़ गया। लोग कह रहे थे उन्होंने आज तक किसी संत के नगर आगमन पर इतना जनसैलाव उमड़ते नहीं देखा है। प्रवेश के दौरान पूरे रास्ते में पड़ने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मालिकों द्वारा अपने द्वार पर स्वयं सजावट और स्वागत की गई थी। आचार्यश्री के नगर में प्रवेश करते ही ऐसा लग रहा था जैसे पूरा शहर थम गया हो, एकमात्र आचार्यश्री के दर्शनों को लाखों आँखे निहार रही थी। सभी समुदाय के लोग आचार्यश्री को नमन कर रहे थे और स्वागत वंदन के लिए खड़े हुए थे। नगर प्रवेश का दृश्य अपने आप में देखने योग्य था। पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह , अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए पुलिस अधिकारी और सिपाही बड़े ही आनंद के साथ आचार्यश्री के आगे और पीछे दौड़ते भागते चल रहे थे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए गए थे। पंचायत समिति ने नगर की सीमा चंदेरा पर भव्य अगुवानी की। इसके बाद विशाल जनसैलाब गल्लामंडी, इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, तुवन चौराहा होते हुए विशाल शोभायात्रा स्टेशन रोड स्थित क्षेत्रपाल मंदिरजी पहुँची। रास्ते में लोगों ने श्रद्धालुओं को जल, मिठाई, फल देकर उनका खूब स्वागत किया। रास्ते में जहॉ नवयुवक करतब दिखाते हुए चल रहे थे वहीं अनेक बग्गियां, घोड़े पर ध्वज लेकर चल रहे थे। विभिन्न स्वयंसेवी संगठन अपनी सेवाएं दे रहे थे। जिसने भी आज का यह नजारा देखा कह उठा अद्भुत, अकल्पनीय, ऐतिहासिक, भूतो न भविष्यति। नगर में जब जुलूस चल रहा था तो जिसको जहॉ जगह मिली वहॉ से इन अमूल्य पलों को देखने को आतुर थे। ऐसी कोई छत नहीं थी जिस पर बड़ी संख्या में नगरवासी न हो। कई लोग जब जगह नहीं मिली तो अन्य साधनों पर चढ़कर देख रहे थे। अनेक लोग तो वृक्षों पर चढ़कर इन पलों के साक्षी बन रहे थे। सचमुच अद्भुत नजारा। शब्द ही नहीं है आज के इस भव्यता से पूर्ण मंगल प्रवेश के वर्णन के लिए। क्षेत्रपाल मंदिर पहुँचने पर आचार्यश्री की भव्य अगुवानी की गई । इस दौरान तैयार विशेष मंच से जब आचार्यश्री संघ सहित चल रहे थे वह दृश्य अपने आपमें देखने योग्य, ऐतिहासिक और दर्शनीय था। चारों ओर से इस दौरान आवाज आचार्यश्री नमोस्तु की आवाज गुंजायमान हो रही थी। यह पल सभी अपने मोबाइल में भी कैद कर रहे थे। बैरिकेट लगे होने के बाद भी उसके अंदर पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं को हाथ से हाथ पकड़कर सुरक्षा जंजीर बनानी पड़ी। मैं भी इस व्यवस्था में शामिल होकर इन अद्भुत नजरों को करीब से देखकर पुलकित हो रहा था। आज नगर वासियों की भक्ति देख सचमुच लग रहा था कि नगर में चलते-फिरते भगवान आये हैं। अनेक हमारे जैनेतर भाई कह भी रहे थे ये तो धरती के देवता हैं। इनका दर्शन आखिर कौन नहीं करना चाहेगा। नगर में उत्सव जैसा माहौल था। पाठशाला के बच्चे आचार्यश्री के अभियान हथकरघा, इंडिया नहीं भारत बोलो आदि की तख्तियां लेकर चल रहे थे। कई किलो मीटर की लंबाई में अगुवानी जुलूस देखने योग्य था। आचार्यश्री के नगर आगमन पर स्वागत के लिये पूरा शहर सजाया गया था। सड़क के ऊपर किनारों में झिलमिल चमकनी तो नीचे रंगोली बनाई गई थी। अनेक स्वागत द्वार बनाये गए थे। शहर के लोग धरती के देवता को अपने बीच पाकर धन्य हो रहे थे। जयकारों से आकाश गुंजायमान हो रहा था। विभिन्न परिधानों में महिलाएं स्वागत के लिए खड़ी थी।उल्लेखनीय है कि जहां बतौर राज्य अतिथि उनका प्रथम नगर बार नगर आगमन हो रहा था तो वहीं वह 31 वर्ष बाद नगर में आ रहे थे। उधर जैन शिक्षक सामाजिक समूह के सदस्यों ने आचार्यश्री के नगर आगमन की ख़ुशी में जिला अस्पताल में फल वितरण किया। नगर सजाने में वीर क्लब का योगदान रहा। इस अवसर पर राज्यसभा सासंद चंद्रपाल यादव, विधायक रामरतन कुशवाहा, सपा जिलाध्यक्ष ज्योति कल्पनीत, नगर पालिका अध्यक्षा रजनी साहू आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नगर पालिका के पार्षदगण उपस्थित रहे। गोलाकोट, खनियाधाना से बड़ी संख्या में लोग बसों से आये हुए थे साथ ही में गुरुकुल के बच्चे गुरुवर गोलाकोट चलो की तख्तियां लेकर चल रहे थे। इस दौरान ललितपुर के साथ ही बार, बांसी, कैलगुवा, गदयाना, महरौनी, मड़ावरा, पाली, तालबेहट, बबीना,जखौरा, बिरधा, टीकमगढ़, सागर, शिवपुरी, झाँसी, ग्वालियर,बीना, खिमलासा, दिल्ली, दमोह, ग्वालियर, छतरपुर, बरुआसागर आदि अनेक स्थानों के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। नगर के सभी पत्रकार बंधु भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जैन पंचायत समिति , पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव समिति, नगर की सभी स्वयंसेवी संस्थाओं, उप समितियों का योगदान उल्लेखनीय रहा। आचार्यश्री के देश-विदेश में लाखों की संख्या में भक्तों को देखते हुए इस भव्य मंगल प्रवेश का जिनवाणी चैनल पर लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे देश -विदेश में देखा देखा गया। उल्लेखनीय है कि आचार्यश्री के सान्निध्य में मसौरा स्थित दयोदय गौशाला परिसर में श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव 24 नवम्बर से 30 नवंबर तक बड़े ही उत्साह से होने जा रहा है। अनियत विहारी का विहार : आचार्य विद्यासागर जी महाराज कभी किसी को बता के विहार नहीं करते इसलिए उनके आगे अनियत विहारी संत लिखा जाता है। ललितपुर नगर प्रवेश को लेकर यह देखने भी मिला है। नगरवासी 22 नवम्बर को उनके नगर प्रवेश की पूर्ण संभावना मानकर चल रहे थे। 22 नवम्बर के हिसाब से ही लोग तैयारी में जुटे थे। बाहर से आने वाले इष्ट मित्र, रिश्तेदारों को भी यही सूचना दी गयी थी। लेकिन अचानक ही 21 तारीख को आचार्यश्री का मङ्गल पदार्पण नगर में हो गया। आज जब इतना जनसैलाव उमड़ पड़ा था यदि निर्धारित तिथि 22 नबम्बर को प्रवेश होता तो न जाने कितना जनसैलाव उमड़ता। जिलाधिकारी, एसपी पहुँचे आशीर्वाद लेने : शाम को क्षेत्रपाल मंदिर पहुंच कर जिलाधिकारी श्री मानवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री ओपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश विजेता ने आचार्य श्री विद्या सागर जी मुनिराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और नगर आगमन पर उनको वंदन करते हुए नगरवासियों का सौभाग्य बताया। -डॉ. सुनील जैन संचय,ललितपुर मीडिया प्रभारी
  4. 21 को ललितपुर में होगा आचार्यश्री का मङ्गल प्रवेश! बार और बांसी में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ की अगुवानी के लिए उमड़ा श्रद्धा का जन सैलाव लड़वारी के ग्रामवासियों ने बनाई घर-घर रंगोली तीन दशक बाद नगर आ रहे हैं आचार्यश्री सजाया गया पूरा नगर, बनाई गईं आकर्षक रंगोली, बनाये गए तोरण द्वार ललितपुर। जिस घड़ी का इंतजार ललितपुर वासियों को तीन दशक से था वह इंतजार अब 21 नवम्बर को पूरा होने जा रहा है। अपराजेय साधक भारतीय संस्कृति के संवाहक आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज अपने विशाल संघ के साथ ललितपुर नगर में प्रवेश करने जा रहे हैं। प्रवेश के दौरान पूरे रास्ते में पड़ने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मालिकों द्वारा अपने द्वार पर स्वयं सजावट और स्वागत की तैयारी की जा रही है। आचार्यश्री के देश-विदेश में लाखों की संख्या में भक्तों को देखते हुए इस भव्य मंगल प्रवेश का जिनवाणी चैनल पर लाइव प्रसारण भी होगा, जिसे देश -विदेश में देखा जा सकेगा। मंगलवार को प्रातः ग्राम रमपुरा से आचार्य श्री विद्यासागर जी मुनिराज ससंघ का कस्बा बार के लिए पद विहार हुआ। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले ग्राम लड़वारी में आचार्यश्री के स्वागत के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने अनाज, रंग आदि से अपने दरवाजों पर रंगोली बना रखी थी साथ ही तांबे के मंगल कलश भी रखे गए थे। दीवालों पर भी लिखावट की गई थी। चारों ओर महिलाएं भी खड़ी होकर आचार्य वंदना के मंगल गीत गा रही थी। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उनके आगमन पर नमन कर आशीर्वाद लिया। जैसे ही आचार्यश्री कस्बा बार पहुंचे तो वहां उपस्थित लगभग तीन हजार की जनता सड़क के दोनों ओर खड़े हो कर अगुवानी करने लगे। सभी को आशीर्वाद देते हुए आचार्य संघ मन्दिर दर्शन के लिए पहुँचा। आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पंडित दयाचंद्र शास्त्री बार भेलोनी सूबा वालों को प्राप्त हुआ। विहार के दौरान उमड़ा हजारों का जनसैलाव देखने योग्य था। बार में आहारचर्या सम्पन्न हुई । सामायिक के बाद ग्राम बांसी के लिए उनका पद विहार हुआ। रास्ते में पड़ने वाले पुलवारा, बस्तगुवा, गड़िया के सैकड़ों ग्रामीण सड़क किनारे खड़े होकर नमन कर रहे थे। जैसे ही आचार्य संघ और उनके साथ हजारों की संख्या में चल रहे श्रद्धालु शाम 4 .30 बजे बांसी पहुँचे यहां उनका पलक -पावड़े बिछाकर स्वागत किया। पूरे गांव को सजाया गया था। लोग अपने घर दुकान के बाहर पानी और फल श्रद्धालुओं के लिए प्रदान कर प्रसन्न हो रहे थे। जगह जगह रंगोली बनाई गई थी। आशीर्वाद ग्रहण करने अपार जनसैलाव उमड़ पड़ा। यहाँ पर स्वागत द्वार, रंगोली बनाकर अपने गुरुवर का श्रद्धा के साथ वंदन किया। बांसी वाले कह रहे थे अपने जीवन में इतना जनसैलाव किसी संत के आगमन पर पहली बार देख रहे हैं। रात्रि विश्राम आचार्यश्री का बांसी रहेगा। बुधवार को प्रातः यहाँ से विहार कर आदिनाथ कॉलेज महर्रा में आहार होंगे। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 नवम्बर 2018 की शाम ललितपुर नगर में प्रवेश होगा। इस दौरान जैन पंचायत समिति, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव समिति ललितपुर तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाव उपस्थित रहा। सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए पुलिस अधिकारी और सिपाही बड़े ही आनंद के साथ आचार्यश्री के आगे और पीछे दौड़ते भागते चल रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए गए थे। उमड़े भारी जनसैलाब को व्यवस्थित तरीके से चालने में पुलिस प्रशासन जुटा रहा। श्री योगेंद्र बहादुर सिंह अपर जिलाधिकारी ने भी पहुँचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आचार्यश्री से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस दौरान ललितपुर के साथ ही बार, बांसी, लड़वारी, कैलगुवा, गदयाना, महरौनी, मड़ावरा, पाली, तालबेहट, बबीना,जखौरा, बिरधा, टीकमगढ़ आदि समीपवर्ती स्थानों के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। गल्ला मंडी से मसौरा तक बन रही है आकर्षक रंगोली : आचार्यश्री के भव्य स्वागत के लिए गल्ला मंडी से लेकर पंचकल्याणक महोत्सव स्थल मसौरा तक भव्य, मनोरम रंगोली बनाई जा रही है। जो राहगीरों के लिए आकर्षण बन रही है। सड़क के ऊपर किनारों में झिलमिल चमकनी तो नीचे बनी रंगोली को देखकर तो राहगीर भी आने वाले संत के दर्शनों को बेताब हो उठे हैं। गल्ला मंडी, इलाइट , राजघाट रोड, सदन शाह चौराहा, बस स्टेण्ड, घंटाघर, सावरकर चौक, तलाबपुरा, मवेशी बाजार, स्टेशन रोड, देवगढ़ रोड, नई बस्ती, गांधीनगर आदि नगर के सभी स्थानों की सजावट की गई है। साथ ही पचरंगा झंडे भी लगाए गए हैं। आयोजन स्थल गौशाला परिसर एवं बाहर हाइवे को भी दुल्हन की तरह सजाया गया है। नगर की सजावट की जिम्मेदारी वीर क्लब को सौंपी गई है। क्षेत्रपाल जैन मंदिर की हुई मनोरम सजावट : स्टेशन रोड स्थित क्षेत्रपाल जैन मन्दिर में आचार्यश्री के आने को लेकर तैयारियां बहुत ही जोरों पर चल रही हैं एक ओर मन्दिर जी की साफ सफाई तो दूसरी ओर धर्म शालाओं में रंग रोगन ,डोम पांडाल में जहाँ पत्थरों को तराशने का काम चल रहा था खाली करा कर उसमें एक सुंदर सी मंच बनाने का काम भी प्रारंभ हो चुका है जो अंतिम चरण में है। रात्रि में क्षेत्रपाल मंदिर की सजावट देखते ही बनती है। आचार्यश्री के क्षेत्रपाल में मङ्गल पदार्पण की संभावना को देखते हुए पूरे प्रांगण को भव्य रूप में सजाया गया है। स्वागत के लिये लगे सैकड़ों होर्डिंग : सारे शहर के गणमान्य नागरिकों के बैनर पोस्टर सड़क के दोनों ओर लगते ही जा रहे हैं जिसे भी जहां जगह मिलती है वह अपने बैनर को सुंदर से सुंदर बनवा कर लगाने का प्रयास करते ही जा रहे हैं, कहीं- कहीं तो देखने में ऐसा प्रतीत होता है कि बनाने वाले ने अपनी सारी भावनाओ को ही उसमें उड़ेल दिया है । लगाए गए होर्डिंग्स में आचार्यश्री के अनेक संदेशों को लिखा गया है, जो पठनीय और प्रेरित करने वाले हैं। बने अनेक स्वागत द्वार : पूरे नगर में अनेक स्वागत द्वार बनाये गए हैं। अनेक श्रद्धालुओं ने भी अपने द्वार पर स्वागत के लिए द्वार बनाये हैं तथा घर के बाहर घर की महिलाएं रंगोली बनाने में जुटी हैं । -श्रीश सिंघई डॉ. सुनील संचय ललितपुर
  5. ललितपुर। आगामी 24 नवम्बर से दयोदय गौशाला मसौरा ललितपुर परिसर में होने जा रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव में साधना के सुमेरु भारतीय संस्कृति के संवाहक आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज संसघ के मङ्गल सान्निध्य की उम्मीदें बढ़ गयी हैं। ललितपुर की ओर आचार्यश्री के पग तेज गति से बढ़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार्यश्री को राज्य अतिथि की घोषणा की थी। सोमवार को आचार्यश्री की आहारचर्या मोहनगढ़ में हुई। इसके बाद अपने विशाल संघ के साथ उत्तरप्रदेश की सीमा रमपुरा-कठवर में बतौर राज्य अतिथि के रूप में पहली बार उनका प्रवेश हुआ। इस अवसर पर दिगम्बर जैन पंचायत समिति व पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने उत्तर प्रदेश की सीमा पर पहुँचकर उनकी भव्य अगवानी की। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने ललितपुर से भारी जनसैलाव उमड़ पड़ा। इस दौरान चारों ओर आचार्यश्री नमोस्तु और जयकारा गुंजायमान हो उठा। इस दौरान शासन-प्रशासन भी मौजूद रहा। पुलिस प्रशासन मुस्तेज रहा। इस अवसर पर थाना प्रभारी हाकिम सिंह एसएचओ कृष्णपाल सिंह सरोज ने एकबालपुरा-रमपुरा (कठवर) पर शासन की ओर से अगुवानी की। श्री योगेंद्र बहादुर सिंह अपर जिलाधिकारी ललितपुर ने रमपुरा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आचार्यश्री से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष ज्योति कल्पनीत, नीलू तिवारी वरिष्ठ पत्रकार, श्यामबिहारी , पूर्व पार्षद वीरेश रजक, ग्राम प्रधान अच्छे लाल यादव, गजेंद्र सिंह हल्केराजा भेलोनी प्रधान, केहर सिंह रमपुरा प्रधान लखन सिंह, राजेन्द्र चोवे प्रधान रमपुरा जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल अंचल, महामंत्री डॉ अक्षय टडैया, पंचकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष ज्ञानचंद इमलिया, स्वागत अध्यक्ष नरेन्द्र कडंकी, संयोजक प्रदीप सतरवास, , सुरेश बढ़ेरा, मोदी पंकज जैन पार्षद, श्रीश सिंघई, डॉ सुनील संचय, संजय रसिया, शुभेन्दू मोदी, अभिषेक अनौरा, विपिन हिरावल, मंगू पहलवान, अन्नू भैया, अमित भैया, राजीव, कमलेश पहलवान, अक्षय अलया, शीलचंद अनौरा, सनत खजुरिया, अंतू जैन पत्रकार,विनोद कामरा, आनंद जैन बार, महेंद्र मयूर, अमित जैन,कैप्टन राजकुमार, नीलेश सिंघई, मुकेश सराफ, संदीप सराफ, जिनेन्द्र डिस्को, लकी जैन, डॉ संजीव कंडकी, मयंक जैन, गेंदालाल सतभैया, गौलू, गिरीश साहू, नीरज गुललन, प्रफुल्ल जैन, आशीष जैन, छोटे पहलवान, भगवानदास कैलगुवा, बैभव जैन,वीरेंद्र प्रेस, वीरेंद्र विद्रोही, महेंद्र चौधरी, जिनन्द रजपुरा, पंचम जैन, कमंडल सेवा मंडल, ललितपुर के सभी जैन मंदिरों के प्रबंधक आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समीपवर्ती बार, बांसी, कैलगुवा, लड़वारी आदि की जैन समाज भी उपस्थित रही। ग्राम के मोनियो ने भी अपनी भक्ति प्रदर्शित करते हुए पद विहार में अपने लोकनृत्य प्रस्तुत कर आचार्यश्री के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। आसपास के सैकड़ों ग्रामीण भी उनके दर्शन को उमड़ पड़े। नगर के होटल देगें किराए में रियायत : उधर ललितपुर के होटल ऐसोसिएसन की एक बैठक ललित पैलेस में आयोजित हुई जिसमें पंच कल्याणमहोत्सव एवं आचार्यश्री के आगमन पर सभी ने अपने होटल के किराए में कटौती कर यात्रियों के लिए पूर्ण सहयोग का मन बनाया जिसमें सभी होटल्स के संचालक मौजूद रहे। डॉ सुनील संचय ने बताया कि आज रात्रि विश्राम बार लड़वारी के पास रमपुरा ग्राम के स्कूल में हो रहा है तथा मंगलवार को यहॉ से बार की तरफ विहार होगा। श्रीश सिंघई ने बताया कि ललितपुर प्रवेश के दौरान आचार्यश्री के देश-विदेश में लाखों की संख्या में भक्तों को देखते हुए इस भव्य मंगल प्रवेश का जिनवाणी चैनल पर लाइव प्रसारण भी होगा, जिसे देश -विदेश में देखा जा सकेगा। प्रेषक डॉ सुनील संचय, मीडिया प्रभारी
  6. दयोदय गौशाला में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा और गजरथ महोत्सव के लिए युद्ध स्तर पर चल रही हैं तैयारियां, सजाया जा रहा है नगर - आगामी 24 नवम्बर से अपराजेय साधक संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में दयोदय गौशाला परिसर मसौरा ललितपुर में होने जा रहे श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महामहोत्सव तथा विश्वशांति महायज्ञ के लिए दयोदय गौशाला में युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। समारोह स्थल को जहां खूब सजाकर आकर्षक बनाया जाएगा वहीं भारी जनसैलाव उमड़ने की संभावना को देखते हुए तमाम व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने में कार्यकर्ता रात-दिन जुटे हुए हैं। मुख्य पंडाल में वेदिका का निर्माण द्रुत गति से चल रहा है। मुख्य पंडाल में हजारों लोगों के बैठने के हिसाब से भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। पांडुक शिला का निर्माण भी चल रहा है। जन सुविधाओं के लिए जहां बड़ी संख्या में पक्के शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है वहीं अस्थायी शौचालय भी पर्याप्त मात्रा में बनाये जा रहे हैं। स्थायी और अस्थायी आवास निर्माण किये जा रहे हैं। संत आहारचर्या के लिए भी दो मंजिला निर्माण हो रहा है। 350x84 की जनरल भोजन शाला के लिए भी सुविधायुक्त पंडाल बनाया जा रहा है। इसके अलावा त्यागी-व्रतियों, पंचकल्याणक के पात्रों के लिए शुद्ध भोजन हेतु भोजनशाला का समुचित प्रबंध किया जा रहा है। आवास एवं चौका लगाने हेतु व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था हेतु भी कार्य चल रहा है। वाहनों की पार्किंग के लिए एक पार्किंग स्थल बनाने का कार्य परिसर के बगल में चल रहा है। इसके अलावा अस्थायी बाजार के लिए कार्य किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर लोगों की सुविधा के लिए अनेक कार्यालय भी स्थापित रहेंगे, जैसे पूछताछ कार्यालय, आवास, परिवहन, भोजन, अमानती सामान आदि। आकर्षण का केन्द्र रहेगा सफेद संगमरमर से निर्मित मंदिर और स्तम्भ : समारोह स्थल पर आकर्षण का केंद्र यहाँ नव निर्मित मंदिर, मानस्तम्भ, आचार्य विद्यासागर कीर्ति स्तम्भ रहेंगे जो सभी को अपनी भव्य, मनोरम बनावट के कारण सभी को अपनी ओर आकर्षित करेंगे। इनका निर्माण सफेद संगमरमर से बाहर से आये कुशल कारीगरों द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह भव्य मंदिर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य, तरूणाई के प्रखर वक्ता, मुनि प्रमाण सागर जी महाराज की प्रेरणा से अल्प समय में ही अथक श्रमपूर्वक बनवाया गया। मंदिर प्रांगण में नव निर्मित भव्य कीर्ति स्तम्भ, मानस्तम्भ का शिलान्यास आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परम शिष्या वंदनीय आर्यिका रत्न पूर्णमती माता जी संसघ के सान्निध्य में हुआ था। यह दोनों बनकर तैयार हो गये हैं। गौशाला में निर्मित इसी भव्य संगमरमरी जिनालय का पंचकल्याणक महोत्सव सम्पन्न होने जा रहा है | सागर रोड के हाईवे से गुजरने वाले सभी लोगों को रोड से ही यह भव्य मंदिर दिखाई देगा। यहां से आने-जाने वाले सभी लोगों के लिए यह दर्शनीय होगा। मंदिर, स्तम्भ का निर्माण जिस कलाकारी के साथ किया गया उससे प्रत्येक व्यक्ति अपने आप खिचा चला आएगा। मंदिर के चारों ओर का प्राकृतिक मनमोहनीय वातावरण चुंबकीय आकर्षण पैदा करेगा। आने वाले समय में सफेद संगमरमर का यह मंदिर ललितपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा में नए आयाम स्थापित करेगा। आयोजन की ऐतिहासिक सफलता के लिए दिगम्बर जैन पंचायत समिति, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के साथ ही अनेक उप समितियों के कार्यकर्तागण अथक श्रम कर महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। एसडीएम ने किया आयोजन स्थल का निरीक्षण : कैप्टन राजकुमार जैन ने बताया कि शनिवार को एसडीएम घनश्याम वर्मा ने गौशाला पहुँचकर समारोह स्थल का निरीक्षण किया और समिति के पदाधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर कार्यक्रम के संबंध में जानकारी भी ली। ज्ञानचंद्र इमलिया अध्यक्ष पंचकल्याणक महोत्सव समिति, जैन पंचायत के अध्यक्ष इंजी. अनिल अंचल, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, संयोजक प्रदीप सतरवांस, स्वागत अध्यक्ष नरेन्द्र कड्की, जनरल कैप्टन मेला कैप्टन राजकुमार जैन, संतोष इमलिया, अभिषेक मुच्छाल, पंकज मोदी पार्षद, डॉ. संजीव कडूंकी, डॉ. सुनील संचय, संजीव सीए, महेंद्र सिंघई, अनूप कैरू, नेमिचन्द्र चंद्रा,श्रीश जैन, सत्येन्द्र गदयाना, जितेंद्र राजू,धर्मेंद्र सिंघई, धन्यकुमार करमुहारा, विनोद कामरा, शैलेन्द्र जैन, मनोज बबीना, संजय जैन, मुकेश जैन, अनूप जैन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। ललितपुर की ओर बढ़ रहे हैं आचार्यश्री के कदम : 17 नबम्बर की प्रातः आचार्य श्री विद्यासागर मुनिराज के आहार धमना -दिगौडा में हुए जहां उनके पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पश्चिम बंगाल से पधारे एक ऐसे परिवार को प्राप्त हुआ जिसने आज पहली बार ही आचार्य विद्यासागर जी महाराज ससंघ के दर्शन किये थे। कल प्रातः 7:30 बजे लगभग मुनि संघ का मंगल प्रवेश बंधाजी क्षेत्र पर होगा। विहार में नगर के कमंडल सेवा मंडल के साथ ही अनेकों लोग साथ चल रहे हैं। जैसे-जैसे आचार्यश्री ससंघ के पग ललितपुर के निकट आ रहे हैं लोगों की खुशी और उत्साह बढ़ता जा रहा है |
  7. 16नवम्बर प्रवचन ःभीमकुंड/हथकरघा-1अरब मीटर कपडा निर्यात द्वितीय विश्वयुध के समय
  8. 15नवम्बर 2018 आचार्य विद्यासागर जी प्रवचन -सही बंधु कौन? उदा.सूर्यऔर कमल
×