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  2. पूज्य दादा गुरु आचार्य गुरुवर समाधि ज्ञान सागर जी महाराज के 48 वे समाधि दिवस के उपलक्ष में पूज्य मुनि श्री 108 प्रसाद सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में श्री जिनोदय तीर्थ नसिया जी सिरोंज पर लाईव कार्यक्रम का आयोजन किया गया पूज्य मुनि पंच बाल यति मुनिराज श्री द्वारा आचार्य गुरुवर के बारे में विस्तारपूर्वक संस्मरण दिए एवं लाइव प्रवचन दिए आचार्य गुरुवर की पूजन एवं आचार विधान आचार्य विधान का आयोजन रात्रि में 48 दीपों से भक्तांबर आरती का आयोजन रखा गया महाकवि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि दिवस पर भाव भीनी विनयाजली महाकवि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज 20 वीं सदी के दिगंबर जैन आचार्यों में से है जिनके द्वारा कई संस्कृत महाकाव्यों की रचना करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने विश्व वंदनीय आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को दीक्षा दी। उनका जन्म पंडित के रूप में हुआ था। श्री भूरमल जी छाबड़ा (पंडित श्री भूरामल जी छाबड़ा)। उनके पिता श्री चतुर्भुज जी और माता श्रीमति गृहिणी देवी थीं। वह पाँच भाइयों में से दूसरे थे (छगनलाल सबसे बड़े और गंगाप्रसाद, गौरीलाल और देवदत्त छोटे भाई थे)। अपने गाँव में प्राथमिक अध्ययन पूरा करने के बाद, उन्होंने आगे बनारस में संस्कृत का अध्ययन किया। उन्होंने आचार्य श्री वीरसागर जी महाराज द्वारा क्षुल्लक दीक्षा प्रदान की गयी थी । तब उन्हें क्षुल्लक श्री 105 ज्ञानभूषण सागर जी महाराज नाम दिया गया था। उन्हे आचार्य श्री 108 शिवसागर जी महाराज द्वारा मुनि दीक्षा प्रदान की गयी , जो 1959 में खनिया जी, जयपुर में प्रदान की गयी । उन्हें 1968 में राजस्थान के नसीराबाद में आचार्य पद प्रदान किया गया 1 जून, 1973 को नसीराबाद में समाधि प्राप्त की। तिथि जेठ कृष्णा अमावस्या आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज संस्कृत में एक विशेषज्ञ के रूप में, वह संस्कृत में एक महान संगीतकार थे। कम से क/म 30 शोधकर्ताओं ने उनके कार्यों का अध्ययन किया और डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। उनके काम पर कम से कम 300 विद्वानों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। उनकी रचनाओं में 4 संस्कृत महाकाव्य और 3 और जैन ग्रंथ शामिल हैं और वह भी उस समय में जब संस्कृत रचना लगभग अप्रचलित थी। इन कृतियों ने हमेशा आधुनिक संस्कृत विद्वानों को आश्चर्यचकित किया है। आचार्य श्री सचमुच दिव्यद्रष्टि वाले थे महाकवि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज सचमुच दिव्यद्रष्टि वाले थे जिसका साक्षात उदाहरण आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के रूप मे है आज वह सम्पूर्ण विश्व पर जिनधर्म की पताका लहरा रहा है क्या खूब कहा है हीरे को परख लिया आचार्य ज्ञानसागर फिर ऐसा प्रकाश किया कण कण विद्या सागर शत शत नमोस्तु
  3. नई दिल्ली,11 मई (वीएनआई) देश और दुनिया भर में जहा कोरोना महामारी के इस चुनौती भरें काल में महामारी का ईलाज खोजने के साथ साथ लॉक डाउन की वजह से घरों के अंदर रह कर दुआयें, प्रा्र्थनायें की जा रही हैं, वहीं तपस्वी दार्शनिक संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से कोरोना महामारी से विश्व शान्ति हेतु 72 घंटे के णमोकार महामंत्र के अखंड जाप का आयोजन ऑनलाइन किया गया जिसने 23 देश के 22 हज़ार श्रावको ने संकल्प लेकर जाप किया.पहली बार हुए इस तरह के जाप के आयोजन में इन देशों के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने भारी उत्साह और भक्तिभाव से हिस्सेदारी की. पूरी रिपोर्ट इस लिंक पर देखे : जाप करने वालों के नाम भी देख सकते हैं सभी वीडियो सभी फोटो इस कार्यक्रम के आयोजक विद्यासागर डॉट गुरु के संचालक सौरभ जैन ने बताया की तीन दिनों को आधा आधा घंटे के 144 स्लॉट में विभाजित कर जाप कराया गया.देश विदेश के समय अनुसार जाप के लिये टाईम स्लॉट तय किये गये. विदेशों में रहे जैन श्रावको ने उन समय के स्लॉट लिए जब भारत में रात थी. इस प्रकार 72 घंटे का अखंड जाप सरलता पूर्वक संपन्न हुआ.वेबसाइट पर संकल्प एवं जाप सम्पूर्ण होने के लाइव डैशबोर्ड बनाये गए, जिस पर तुरंत नाम , संकल्प संख्या इत्यादि की जानकारी सभी को मिलती रही. देश भर में भी जैन श्रावक अन्य धर्मों के भक्तों की तरह मंदिरों के बंद होने की वजह से घरों के अंदर रह कर इसी तरह से सामूहि्क रूप से णमोंकार मंत्र और भक्तामर स्तोत्र जैसे धार्मिक अनुष्ठान सामूहि्क रूप से कर रहे हैं.इसी श्रंखला में गत रविवार को बीकानेर स्थित दिगंबर जैन मंदिर नसियॉ जी के जैन श्रद्धालुओं ने एक नियत समय में अपने अपने घरों में बैठ कर णंमोंकार मंत्र का पाठ किया, जिस में बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. इस सामूहिक पाठ मे सपरिवार हिस्सा लेने वाली श्रीमति साधना अग्रवाल के अनुसार लॉक डाउन की वजह से मंदिर के दर्शन ्नहीं हो पाते हैं, निश्चित तौर पर इस तरह के सामूहिक भक्ति पाठ से ऐसे कठिन समय में एकजुटता बढती हैं, बल मिलता हैं. तपस्वी संत आचार्य विद्या सागर संत इस समय इंदौर प्रवास में हैं. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से लॉक डाउन के सरकारी निर्देशों का पालन कर घरों मे ही रहने और घरों में ही रह कर पूजा पाठ करने का संदेश दिया हैं. आचार्यश्री ने विशेष तौर से श्रद्धालुओं को डॉक्टरो, स्वास्थय कर्मियों, पुलिस, सफाई कर्मचारी जैसे कोरोना योद्धाओं का सम्मान करने और उन्हें काम करने के लिये अनुकूल माहौल दिये जाने का संदेश दिया हैं.आचार्यश्री और संतों के आह्वान के चलतें इस माह महावीर जयंती के अवसर पर देश भर में जैन श्रद्धालुओं ने घरों में रह कर पूजा पाठ की और जरूरत मंदों की मदद की, लंगर आयोजित कियें. Source http://www.vniindia.com/news-hindi-online-international-namokar-jap
  4. ■ जिनके पास खाने के पैसे नहीं थे, शराब ख़रीदने कैसे आ गए- आचार्य विद्या सागर जी ने दिया देश के नाम संदेश ■ शराब और मांस ही क़ोरोना के दोस्त है, बंद नहीं किया तो अब सम्भालना मुश्किल होगा तीर्थोदय तीर्थ क्षेत्र साँवेर रोड पर विराजित आचार्य श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज ने आज देश के नाम संदेश दिया। आचार्य श्री ने कहा की जिन लोगों के पास कुछ दिन पहले भोजन के लिए रुपए नहीं थे, उनके पास शराब ख़रीदने के लिए पैसे कहा से आ गए? आज ४६ दिन बाद आचार्य श्री ने सम्बोधन किया। आचार्य श्री ने कहा की शराब और मांस ही तो क़ोरोना के दोस्त है। ये दोनो जहा रहेंगे वहा पर क़ोरोना रोग बरकरार रहेगा। लगभग २ महीने से शराब की बिक्री बंद थी, इससे लोगों ने संयम रखा हुआ था। अब फिर से शराब की बिक्री शुरू हो गयी है, इससे अब ऐसे हालात होने की सम्भावना रहेगी की हालात सुधारना मुश्किल हो जाएगा। सरकार कह रही है की इससे अर्थ व्यवस्था सुधरेगी। सही दिशा में काम करने से भी देश की अर्थ व्यवस्था का संचालन किया जा सकता है। इसके लिए इस समय शराब की दुकान खोलने की ज़रूरत नहीं है। इससे तो ओर अधिक लोगों का दिमाग़ ख़राब होगा, तबियत खराब होगी। एक ओर तो आप लोग दिन रात चिकित्सक और पुलिस को लगा कर मरने से जनता को बचाने में जुटे हो, वही दूसरी ओर शराब पिला कर मारने का काम कर रहे हो। शराब नहीं मिल रही थी इतने दिनो से तो देश में संयम, संस्कार दिखने लगा था। अब शराब पीने से लोग पागलपन करने लगेंगे। लोगों में आर्थिक, आलोकिक और धार्मिक स्वालंबन होना चाहिए। 🔰 नशा बंदी और ओर शराब बंदी से मिलेगा फ़ायदा आचार्य श्री ने आगे कहा की आज के समय में भारत में नशा बंदी और शराब बंदी पूरी तरह से होना चाहिए। उसी से सबसे बड़ा फ़ायदा मिलेगा। इधर देश में अब बाहर की कंपनियो पर भी रोग लगाने का समय आ गया है। कारण की इन कम्पनियों के गंदे पानी से हमारी गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी पवित्र नदियाँ का पानी दूषित होता है। फिर उस पानी के सेवन से मानव का दिमाग़ दूषित होने लगता है। 🔰 देश बंद हुआ तो भोजन को तरस गये, और अब आचार्य श्री ने आगे कहा की जब देश में क़ोरोना से बचाव के किए लाकड़ाउन किया तो लोग भोजन को तरस गए थे। सरकार ने व्यवस्था भी की साथ ही अनेक संस्थाओ ने भी मदद की। अब जैसे शराब की दुकाने खुली तो लोगों के पास पैसे आ गए। लम्बी लाइन लगा कर शराब ख़रीदने पहुँच गए। इसी से क़ोरोना के फैलने का सबसे अधिक सम्भावना रहेगी।
  5. मुख्यमंत्री का संदेश लेकर आचार्य श्री के पास पहुँचे जल संशाधन मंत्री सिलावट आचार्य श्री ने कहा भारत को लाक डाउन ही रखो अच्छे परिणाम आयेंगे इंदौर। तीर्थोंदय तीर्थ क्षेत्र सावेर रोड पर विराजित दिगम्बर जैन समाज के सबसे बड़े संत आचार्य श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज के पास आज मप्र शासन के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश लेकर जल संशाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पहुँचे। आचार्य श्री संघ के ब्रह्मचारी सुनिल भैया और मीडिया प्रभारी राहुल सेठी ने बताया कि श्री सिलावट ने आचार्य श्री से आग्रह किया की आप ऐसा आशीर्वाद दो की मप्र सहित पूरे देश से ये रोग समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी जनता के लिए विशेष आशीर्वाद माँगा है। क़ोरोना के लिए आचार्य श्री ने कहा की अभी भारत को लाकडाउन ही रखो, इसी से अच्छे परिणाम आयेंगे। वैसे ये काम किसी एक व्यक्ति का नहीं है। भारत में लोकतंत्र स्थापित है। इसलिए सभी लोगों को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। योग्यता अनुसार कार्य करना चाहिए, जिससे परिणाम आने लगेंगे। दो माह में परिणाम दिखने भी लगेंगे। देश-विदेश में भी इस लाकडाउन की प्रणाली को स्वीकारा है। इस समय देश की सभी जनता की सरकार के द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। सरकार के सभी निर्णय देश के हित में ही है। इधर मंत्री सिलावट ने आचार्य श्री से आग्रह किया है की आपको इंदौर में रह कर पूरे देश की जनता को आशीर्वाद देना है, यही मेरी आपसे विनय है। जैसे परीक्षा देने जाते हो वैसे घर पर बैठे आचार्य श्री ने कहा कि जिस प्रकार कोई विद्यालय या महाविद्यालय में परीक्षा देने जाता है तो दूर-दूर बैठना पड़ता है। उसी प्रकार इस समय अपने घर में भी एक-दूसरे से दूर बैठना चाहिए। यह समय सबकी परीक्षा का ही चल रहा है। इसी से फिर आप सभी इस कठिन परीक्षा में सफल हो सकेंगे।
  6. जय जिनेन्द्र घर घर स्वाध्याय के अंतर्गत प्रथम तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ ऋषभदेव (भगवान आदिनाथ) पर आधारित प्रस्तुति प्रतियोगिता भगवान् आदिनाथ सम्बंधित कोई भी एक विषय पर एक प्रस्तुति रिकॉर्ड कर अपलोड करें एवं फॉर्म भरे | https://flipgrid.com/swadhyay(समय अवधि 5 मिनिट)👉 भगवान आदिनाथ का जीवन परिचय👉 माता मरु देवी के सोलह स्वप्न👉 ब्राह्मी - सुंदरी👉 भरत - बाहुबली👉 आजीविका चलाने के लिए षट्कर्म का उपदेश ( असि ,मसि कृषि , विद्या,शिल्प, वाणिज्य)👉 निलान्जना के नृत्य द्वारा आदिकुमार को वैराग्य की उत्पत्ति👉 नवधा भक्ति👉 समवशरण में दिव्य ध्वनि का खिरना👉 अक्षय तृतीया पर्व👉 भगवान् आदिनाथ के उपदेश👉 इत्यादि अन्य प्रासंगिक विषयप्रतियोगिता में भाग लेने अंतिम तिथि २७ अप्रैल 2020.27 अप्रैल तक जितनी भी प्रस्तुतियां प्राप्त होगी, उनमे से अधिक लाइक प्राप्त करने वालों में से 3 विजेताओं को लकी ड्रा द्वारा चुना जायेगा एवं उनको उपहार प्रदान किया जायेगा |गुणवत्ता बनाए रखें : स्वाध्याय कर प्रस्तुति दे |
  7. विशेष निर्देश प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 25 अप्रैल कर दी गई हैं एक बच्चे की एक ही प्रस्तुति अपलोड करें वीडियो अपलोड कर फॉर्म भरना अनिवार्य आप भी दे सकते हैं उपहार सहयोग सभी प्रस्तुतियां इस लिंक पर देखे : अपलोड भी इसी लिंक पर होगा https://flipgrid.com/jainpathshala प्रतियोगिता का आज आखिरी दिन आप सभी को बच्चो की प्रस्तुति कैसे लगी नीचे कमेंट कर बताए इस प्रतियोगिता में आपके अनुभव साझा करें ( दर्शन , अभिवावक् , प्रतियोगी) रूप में बताये आपको कौनसी प्रस्तुति ने सबसे ज्यादा मन मोह लिया : यह भी बताये जय जिनेन्द्र घर घर पाठशाला (जैन पाठशाला) प्रस्तुत करते हैं नन्हें वीरों द्वार प्रथम प्रस्तुति प्रतियोगिता आप अपने बच्चो को जैन धर्म सम्बंधित प्रस्तुति सिखाएं , रिकॉर्ड करें और ऊपर दिए गए लिंक पर अपलोड करें | https://flipgrid.com/jainpathshala FLIPCODE jainpathshala समय अवधी 1 से 5 मिनिट गुणवत्ता बनाए रखें : पूर्ण प्रस्तुति अपलोड करें आपको जो प्रस्तुति अच्छी लगें, उसको लाइक कर प्रोत्साहन दे | आपका लाइक उनको उपहार दिलाने में सहायक होगा | https://flipgrid.com/jainpathshala अभी 25 अप्रैल तक जितनी भी प्रस्तुतियां प्राप्त होगी, उनमे से अधिक लाइक प्राप्त करने वालों में से 5 विजेताओं को लकी ड्रा द्वारा चुना जायेगा एवं उनको उपहार प्रदान किया जायेगा | विजेताओं की घोषणा एवं समस्त जानाकारी आचार्य श्री विद्यासागर मोबाइल ऐप्प में उपलब्ध रहेगी https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.vidyasagar
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