Jump to content

Leaderboard

  1. Vidyasagar.Guru

    Vidyasagar.Guru

    Members


    • Points

      15

    • Content Count

      7,801


  2. संयम स्वर्ण महोत्सव

    • Points

      4

    • Content Count

      20,171


  3. Singer Ansh

    Singer Ansh

    Members


    • Points

      2

    • Content Count

      6


  4. Saurabh Jain

    Saurabh Jain

    Moderators


    • Points

      1

    • Content Count

      1,463



Popular Content

Showing content with the highest reputation since 12/18/2019 in all areas

  1. 1 point
    वर्ष 2020 के आगमन पर श्रमदान प्रस्तुत कर रहा हैं हथकरघा प्रतियोगिता प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये नीचे लिंक पर क्लिक करें https://www.shramdaan.in/quiz?utm_source=news&utm_medium=vidyasagar_guru&utm_campaign=nyquiz
  2. 1 point
  3. 1 point
  4. 1 point
    👣अनियत विहारी गुरुदेव का मंगल विहार हुआ 👣 दिनांक - 04 जनवरी 2020 ⛳आज का रात्रि विश्राम:-* सिल्वर गार्डन बाईपास (८ किमी)_ _*🛣 कल की आहार चर्या:-* एम्पायर स्टेट बड़जात्या फॉर्म हाउस (३.८ किमी)_ *आगामी विहार दिशा-* इन्दौर _*🦋 यहाँ से इंदौर की दूरी मात्र १० किमी दूर है ५ जनवरी को शाम उदयनगर में होगी आगवानी 🦋*_ दिनांक - 03 जनवरी 2020 आज का रात्रि विश्राम:- सम्यक फॉर्म हाउस(७ किमी) रात्रि विश्राम सम्यक फार्म हाउस चोखी ढाणी के सामने हो रहा है 🛣 कल की आहार चर्या:- चमेली देवी (२.५ किमी) दिनांक - 02 जनवरी 2020 आज आचार्यश्री ससंघ का *रात्रि विश्राम शासकीय माध्यमिक विद्यालय (तलाई नाका) सिमरोल, जिला इंदौर, मध्यप्रदेश* में हो रहा है *🌏सिमरोल की गूगल मैप लिंक* 👇🏽👇🏽👇🏽 Simrol Madhya Pradesh 452020 https://maps.app.goo.gl/GVTnUYxxjSeagcjX8 🌳 कल *०३/०१/२०२०* को आचार्यश्री ससंघ की आहार चर्या *सिमरोल, जिला इंदौर, मध्यप्रदेश* में ही होने की संभावना है *👣अनियत विहारी गुरुदेव का मंगल विहार हुआ 👣* दिनांक - 01 जनवरी 2020, वुधवार _संत शिरोमणि ,धरती के देवता ,पूज्यगुरुदेव आचार्य भगवन *श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज* का मंगल विहार दोपहर 2.20 बजे *चोरल* से हुआ_ *रात्रि विश्राम - बाईं ग्राम संभाभित* *➡ दिशा - जल्द नववर्ष 2020 में इंदौर प्रवेश संभाभित* दिनांक - 31 दिसंबर 2019 ,मंगलवार संत शिरोमणि ,धरती के देवता ,पूज्यगुरुदेव आचार्य भगवन श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज का मंगल विहार दोपहर 2.20 बजे ग्वालू से हुआ ⛳आज का रात्रि विश्राम:- योगा लाइफ आश्रम चोरल(४ किमी) 🛣 कल की आहार चर्या:- श्यामला हिल्स चोरल(७०० मी.आगे) WhatsApp Video 2019-12-31 at 4.55.18 PM.mp4 *👣अनियत विहारी गुरुदेव का मंगल विहार हुआ 👣* दिनांक - 30 दिसंबर 2019 ,सोमवार ◆रात्रि विश्राम - बलराज रिट्रीट होटल के सामने ग्राम:- ग्वालू गांव ◆विहार दिशा- इन्दौर संत शिरोमणि ,धरती के देवता ,पूज्यगुरुदेव आचार्य भगवन श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज का मंगल विहार अभी बल वाडा से हुआ *➡ दिशा - जल्द इंदौर प्रवेश संभाभित* *🏵🥁🎷विशेष पूज्यगुरुदेव की भव्य मंगल आगवानी एवं चरण वंदना करेंगे नगर में विराजमान पूज्यगुरुदेव के परम शिष्य पूज्य मुनिश्री १०८ विशद सागर जी महाराज🎷🥁🏵* *विहार अपडेट 29.12.19* ◆ आज रात्रि विश्राम- बलवाड़ा ◆ कल की आहार चर्या- बलबाड़ा ग्राम में संभावित। ◆ विहार दिशा- इन्दौर (बलबाड़ा से 35 किमी) 28 दिसम्बर, दोपहर परम पूज्य आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार- ◆ आज रात्रि विश्राम- बागफल। ◆ कल की आहार चर्या- उमरिया ग्राम में संभावित। ◆ विहार दिशा- इन्दौर । 👣अनियत विहारी गुरुदेव का मंगल विहार👣 दिनांक - 26 दिसंबर 2019 ,गुरुवार संत शिरोमणि ,धरती के देवता ,पूज्यगुरुदेव आचार्य भगवन श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज का मंगल विहार अभी श्री सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट से हुआ आज का रात्रि विश्राम श्री चौगड़े जी की गो शाला कोठी गांव कल की आहार चर्या श्री आदिनाथ दिंग्मबर जैन मंदिर मोटक्का कल दोपहर बाद बडबाह मे प्रवेश 🙏🏻🙏🏻 https://vidyasagar.guru/gallery/album/848-photo-album/ WhatsApp Video 2019-12-26 at 2.14.56 PM.mp4 WhatsApp Video 2019-12-26 at 2.14.58 PM.mp4 *पूज्य आचार्यश्री जी मंगल विहार अपडेट* 23 दिसंबर 2019 आज सुबह हुआ सिद्धवरकूट में मंगल प्रवेश।* 22 दिसम्बर, दोपहर *परम पूज्य आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार-* ◆ *आज रात्रि विश्राम-* कड़िया कुंड। ◆ *कल प्रातःकाल की शुभ मंगल बेला में होगा सिद्धवरकूट में मंगल प्रवेश।* 21 दिसंबर 2019 *👣अनियत विहारी गुरुदेव का मंगल विहार👣* *👣सिध्दोदय से सिद्धवरकूट तक 👣* _संत शिरोमणि ,धरती के देवता ,पूज्यगुरुदेव आचार्य भगवन *श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज* ससंघ का मंगल विहार अभी *काट कूट* से हुआ_ *_➡दिशा -1997 से प्रतीक्षा श्री सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट की ओर ।। संभाभीत प्रवेश 22 दिसंबर को ।।_* 20 दिसंबर 2019 ◆रात्रि विश्राम - कानाद संभावित ◆कल आहारचर्या - मुनि श्री 108 मल्ली सागर जी की जन्म स्थली बड़वाह संभावित ◆ कल सुबह करेगे बड़वाह के भक्तगण भव्य मंगल आगवानी बड़वाह में ◆ संभावित विहार दिशा - *श्री सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट 19 दिसंबर 2019 *मंगल विहार* गुरु जी का बढ़ते कदम सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट 💥💥💥 🏳‍🌈🏳‍🌈🏳‍🌈🏳‍🌈🏳‍🌈🏳‍🌈🏳‍🌈 *🗓१९,दिसम्बर,१९ गुरुवार🗓* *परम पूज्य संत शिरोमणि* *आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार किशनगढ़ ( मध्यप्रदेश ) से हुआ* ◆रात्रि विश्राम - *उदयनगर संभावित* ◆कल आहारचर्या - *उदयनगर संभावित* ◆ *शाम को करेगे उदयनगर के भक्तगण भव्य मंगल आगवानी उदयनगर में* ◆ *संभावित विहार दिशा - *श्री सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट* 18 दिसंबर 2019 विश्व वन्दनीय, संत शिरोमणी, अनियत विहारी, आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार पुंजापुरा से हुआ...!! ⛳ आज का रात्रि विश्राम:- राता तलई (७ किमी) 🛣 कल की आहार चर्या:- किशनगढ़ ग्राम (७ किमी) 🦋 आगामी सम्भावित विहार दिशा:- सिद्धवरकूट 17 दिसंबर 2019 *👣रात्रि विश्राम👣* *संत शिरोमणि ,धरती के भगवान ,पूज्यगुरुदेव का रात्रि विश्राम* *🚩संभाभित रात्रिविश्राम - पलासी🚩* *कल आहारचर्या - पुंजापुरी* *16 दिसम्बर 2019* दोपहर 3:00 परम पूज्य आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार- ◆ आज रात्रि विश्राम- कान्हड़ा ग्राम ◆ कल सम्भावित आहारचर्या- गोदना। सम्भावित दिशा: इन्दौर / सिद्धवरकूट *16 दिसम्बर 2019* दोपहर 2 50 विहार अपडेट सोमवार, 16 दिसम्बर को आचार्यश्री ने ससंघ आहारचर्या (सामायिक) के बाद ग्राम लोहारदा से विहार किया.. इंदौर जाने के लिए हाइवे का रास्ता पीछे छूटा.. हालांकि आगे से भी पुंजापुरा-उदयनगर होते हुए एक मार्ग इंदौर जाता है.. अब प्रबल संभावना सिद्धवरकूट की... बाकी अनियत विहारी गुरुदेव का मन.. कल शाम तक पता चलेगा कि 20 साल बाद इंदौर की किस्मत खुलती है.. या इंतज़ार अभी और लंबा है.. *16 दिसम्बर 2019* दोपहर 1 50 _संत शिरोमणि ,धरती के देवता ,पूज्यगुरुदेव आचार्य भगवन *श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज* का मंगल विहार अभी अभी *लोहारदा* के हुआ_ *➡दिशा निश्चित नही* *लोहारदा से 3km बाद रास्ते -- इंदौर* *-- बड़वानी* *-- सिद्धवरकूट* 15- 12 - 2019 दोपहर 1 : 35 गुरु जी का गमन हुआ सतवास से आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* (३२ मुनिराज) ससंघ का *सतवास* से मंगल विहार हुआ। आज रात्रि विश्राम :- *लोहारदा* सम्भावित विहार दिशा :- *इंदौर /बड़वानी/सिद्धवरकूट* • भोपाल की ओर विहार- मुनिश्री प्रमाणसागरजी के साथ अब मुनिश्री अरहसागरजी • खातेगांव की ओर विहार- मुनिश्री समतासागरजी और मुनिश्री अजितसागरजी • मुनिश्री विराटसागरजी अब आचार्यश्री के साथ १3 - १२ - २०१९ दोपहर १ : ३० विश्व वंदनीय आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज (ससंघ) का अजनास नेमावर से हुआ विहार ◆आज रात्रि विश्राम संभावित - ग्राम झाबरिया ◆कल की आहारचर्या:-सतवास १२ - १२ - २०१९ दोपहर १ : ३० विश्व वंदनीय आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज (ससंघ) का सिद्धोदय सिद्धक्षेत्र नेमावर से हुआ विहार विहार दिशा:- कच्चे रास्ते से अजनास होते हुए सतवास (श्री पंचकल्याणक महोत्सव में मिल सकता है सानिध्य) ◆आज रात्रि विश्राम - ग्राम बरछा ◆कल की आहारचर्या सम्भावित - दुर्लभ सागर जी की जन्म स्थली अजनास में ◆सम्भावित विहार दिशा - सतवास( श्री पंचकल्याणक महोत्सव ) परम पूज्य आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ पूज्य मुनिश्री समतासागर जी, मुनिश्री प्रमाण सागर जी, मुनिश्री अजितसागर जी महाराज ससंघ सहित सम्पूर्ण मुनिसंघ गुरुदेव के साथ विहार कर रहे हैं। दोपहर सामायिक उपरांत मंगल विहार श्री दिगंबर जैन रेवातट सिद्धोदय सिद्ध क्षेत्र ट्रस्ट : नेमावर, से कच्चे रास्ते से अजनास होते हुए सतवास की ओर हुआ।संभावित सतवास में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव में मिल सकता है सानिध्य एवं मिल सकती हैं, कुछ अच्छी बड़ी खबर।।। 🙏🏼 गुरु चरणों में बारम्बार नमोस्तु,नमोस्तु,🙏🏼 संभावित दिशा - सतवास (पंचकल्याणक महोत्सव में मिल सकता है सानिध्य) WhatsApp Video 2019-12-12 at 2.08.31 PM.mp4
  5. 1 point
    वक्ता / गायक / प्रस्तुतकर्ता: आचार्य विद्यासागर जी
    2000 वर्ष पूर्व स्वामी समन्तभद्र महाराज जी द्वारा रचित स्वयंभू स्तोत्र जो कि चौबीस तीर्थंकर भगवान की स्तुति है जो अनंत पापों का क्षय करने वाली है इस पवित्र स्तोत्र का पाठ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज प्रतिदिन 3 बार करते हैं
  6. 1 point
    सागर में आर्यिका 105 सुनयमति माताजी की समाधि हुई सागर/ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका माँ 105 सुनयमति माताजी की समाधि में भाग्योदय तीर्थ में हो गई। मुनिसेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि आर्यिका सुनयमति माताजी ने 16 अगस्त 1980 को आचार्य श्री जी से मुक्तागिरी में ब्रह्मचर्य व्रत लिया था। 6 जून 1997 को उन्हें सीधी आर्यिका दीक्षा रेवातट नेमावर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने दी थी शुरू में आर्यिका आलोकमति माताजी का संघ था बाद में माताजी का स्वास्थ्य अनुकूल नहीं होने से व्हील चेयर पर चलती थी। 27 दिसंबर की रात्रि प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र नैनागिर में सामायिक के दौरान कोयले की सिगड़ी की आग भड़कने से माताजी के वस्त्रों तक पहुंच गई जिससे वे लगभग 90 प्रतिशत जल गई थी उन्हें भाग्योदय तीर्थ अस्पताल लाया गया जहां पर उन्होंने समाधि की इच्छा जताई और 29 दिसंबर की सुबह 5:30 बजे के लगभग उनकी समाधि हो गई उनका डोला अभी 10:00 बजे भाग्योदय तीर्थ से 25 एकड़ प्लाट भाग्योदय के सामने मुनि श्री क्षमा सागर महाराज की समाधि स्थल जाएगा
  7. 1 point
  8. 1 point
  9. 1 point
  10. 1 point
  11. 1 point
  12. 1 point
  13. 1 point
  14. 1 point
  15. 1 point
  16. 1 point
  17. 1 point
  18. 1 point
    अब तत्त्वों को जानने का उपाय बतलाते हैं- प्रमाणनयैरधिगमः॥६॥ अर्थ - प्रमाण और नयों के द्वारा जीवादिक पदार्थों का ज्ञान होता है। सम्पूर्ण वस्तु को जानने वाले ज्ञान को प्रमाण कहते हैं। और वस्तु के एकदेश को जानने वाले ज्ञान को नय कहते हैं। English - Knowledge (of the seven categories) is attained by means of pramana and naya. विशेषार्थ - प्रमाण के दो प्रकार हैं - स्वार्थ और परार्थ। जिसके द्वारा ज्ञाता स्वयं ही जानता है। उसे स्वार्थ प्रमाण कहते हैं। इसी से स्वार्थ प्रमाण ज्ञानरूप ही होता है; क्योंकि ज्ञान के द्वारा ज्ञाता स्वयं ही जान सकता है। दूसरों को नहीं बतला सकता। और जिसके द्वारा दूसरों को ज्ञान कराया जाता है, उसे परार्थ प्रमाण कहते हैं। इसी से परार्थ प्रमाण वचनरूप होता है; क्योंकि ज्ञान के द्वारा ज्ञाता स्वयं जानकर वचन के द्वारा दूसरों को ज्ञान कराता है। आगे ज्ञान के पाँच भेद बतलाये हैं - मतिज्ञान, श्रुतज्ञान, अवधिज्ञान, मन:पर्ययज्ञान और केवलज्ञान। इनमें से श्रुतज्ञान के सिवा शेष चार ज्ञान तो स्वार्थ प्रमाण ही हैं, क्योंकि वे मात्र ज्ञानरूप ही हैं, परन्तु श्रुतज्ञान ज्ञानरूप भी है और वचनरूप भी है, अतः श्रुतज्ञान स्वार्थ भी है और परार्थ भी है। ज्ञानरूप श्रुतज्ञान स्वार्थ प्रमाण है, और वचनरूप श्रुतज्ञान परार्थ प्रमाण है। जैसे तत्त्वार्थसूत्र के ज्ञाता को तत्त्वार्थसूत्र में वर्णित विषयों का जो ज्ञान है, वह ज्ञानात्मक श्रुत होने से स्वार्थ प्रमाण है। और जब वह ज्ञाता अपने वचनों के द्वारा दूसरों को उन विषयों का ज्ञान कराता है, वह वचनात्मक श्रुतज्ञान परार्थ प्रमाण है। इस श्रुतज्ञान के ही भेद नय हैं।
  19. 1 point
  20. 1 point
  21. 1 point
  22. 1 point
  23. 1 point
  24. 1 point
    Path ka Matlab Aushdhi. Hamara Janma Maran Ka Rog samapt hoga Kahan ? Moksh path (SE) Par. Us path par Chalne ke liye PAAP se MUH MODNA HOGA. VRATTI Nirvratti se pahele ki awastha Hai jo ki Punya ke sath chaleni ki charitra ki kriya Hai.Aisi moksh path ki saral aur sidhi line ij chalte rahne se hardam harpal sukhi rahoge.
  25. 1 point

    Version 1.0.0

    30,980 downloads

    डाउनलोड करें आचार्यश्री जी के हाई रिजोल्यूशन में चित्र और वॉलपेपर. Please click green button to download High Resolution images of Acharyashree Ji.
×
×
  • Create New...