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  2. *‼आहारचर्या*‼ *इंदौर* _दिनाँक :१६/०२/२०२०_ *आगम की पर्याय,महाश्रमण युगशिरोमणि १०८ आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* के आहारचर्या कराने का सौभाग्य *प्रथम निर्यापाक श्रवण परम पूज्य जेष्ठ श्रेष्ठ मुनि श्री 108 समय सागर जी महामुनिराज के संघ में सुशोभित मुनि श्री 108 निराकार सागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन के परिवार जन* _*● श्रीमान पवन कुमार जी,श्रीमती हेमलता जी जैन श्री रूपेश कुमार जी,नीलेश जी जैन हाटपिपलिया वाले सुखदेव नगर इंदौर ●*_ वालो को एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ है। इनके पूण्य की अनुमोदना करते है। 💐🌸💐🌸 *भक्त के घर भगवान आ गये* 🌹🌹🌹🌹 *_सूचना प्रदाता-:श्री अक्षय जी जैन_* 🌷🌷🌷 *अंकुश जैन बहेरिया * *प्रशांत जैन सानोधा
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  5. *‼आहारचर्या*‼ *इंदौर* _दिनाँक :१४/०२/२०२०_ *आगम की पर्याय,महाश्रमण युगशिरोमणि १०८ आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* के आहारचर्या कराने का सौभाग्य _*● श्रीमान राकेश जी, दिनेश जी अखिलेश जी जैन कालानी नगर इंदौर मध्यप्रदेश ●*_ वालो को एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ है। इनके पूण्य की अनुमोदना करते है। 💐🌸💐🌸 *भक्त के घर भगवान आ गये* 🌹🌹🌹🌹 *_सूचना प्रदाता-:श्री अक्षय जी जैन_* 🌷🌷🌷 *अंकुश जैन बहेरिया *प्रशांत जैन सानोधा
  6. *‼आहारचर्या*‼ *इंदौर* _दिनाँक :१३/०२/२०२०_ *आगम की पर्याय,महाश्रमण युगशिरोमणि १०८ आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* के आहारचर्या कराने का सौभाग्य _*● श्रीमान पद्म कुमार जी जैन श्रीमती निर्मला जी जैन सुदामा नगर इंदौर मध्यप्रदेश ●*_ वालो को एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ है। इनके पूण्य की अनुमोदना करते है। 💐🌸💐🌸 *भक्त के घर भगवान आ गये* 🌹🌹🌹🌹 *_सूचना प्रदाता-:श्री अक्षय जी जैन_* 🌷🌷🌷 *अंकुश जैन बहेरिया *प्रशांत जैन सानोधा
  7. आमंत्रण पत्र विद्धत संगोष्ठी विषय- "राष्ट्र निर्माण में श्रमण वैदिक संस्कृति का योगदान" मंगल आशीर्वाद- परम पूज्य अध्यात्म सरोवर के राजहंस, आचार्य भगवन 108 श्री विद्यासागर जी महाराज मंगल सानिध्य- परम पूज्य मुनि 108 श्री कुन्थुसागर जी महाराज पावन मार्गदर्शन- प.पू. मुनि श्री 108 प्रमाणसागर जी महाराज एवं श्रद्धेय ऐलक 105 श्री सिद्धांत सागर जी महाराज प्रेरणा- ब्र. जिनेश मलैया, संस्कार सागर इंदौर, ब्र. धीरज भैया राहतगढ़, ब्र. आकाश भैया वाराणसी -कार्यक्रम- 13 फरवरी 2020 गुरुवार उद्घाटन सत्र- प्रातः 8:30 से 10:00 तक प्रथम सत्र- दोपहर 1:00 से 2:45 तक द्वितीय सत्र- दोपहर 3:00 से 4:30 तक तृतीय सत्र- सांय 6:00 से 8:00 तक 14 फरवरी 2020 शुक्रवार चतुर्थ सत्र- प्रातः 8:30 से 10:00 तक पंचम सत्र- दोपहर 1:00 से 2:45 तक षष्ठम सत्र- दोपहर 3:00 से 4:30 तक समापन सत्र- सांय 6:00 से 8:00 तक संगोष्ठी स्थल- भगवान पार्श्वनाथ जन्म स्थली, दिगंबर जैन मंदिर परिसर, भेलूपुर, वाराणसी आयोजक- सकल दिगंबर जैन समाज, वाराणसी एवं स्याद्वाद संस्कृत महाविद्यालय, भदैनीघाट, वाराणसी संयोजक- डॉ मुकेश विमल,दिल्ली निर्देशक-डॉ कमलेश जैन सह संयोजक- कमलेश जैन मुख्य अतिथि- मान.अमरीश जी, क्षेत्रीय मंत्री विश्व हिंदू परिषद संपर्क सूत्र- 98188 55130, 89898 34767, 89895 05108 निवेदन- आप भी आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
  8. *‼आहारचर्या*‼ *इंदौर* _दिनाँक :११/०२/२०२०_ *आगम की पर्याय,महाश्रमण युगशिरोमणि १०८ आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* के आहारचर्या कराने का सौभाग्य _*● डॉ संजय जी जैन श्रीमान नेमीचंद जी जैन,जैन कॉलोनी नेमीनगर इंदौर मध्यप्रदेश ●*_ वालो को एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ है। इनके पूण्य की अनुमोदना करते है। 💐🌸💐🌸 *भक्त के घर भगवान आ गये* 🌹🌹🌹🌹 *_सूचना प्रदाता-:श्री अक्षय जी जैन_* 🌷🌷🌷 *अंकुश जैन बहेरिया *प्रशांत जैन सानोधा
  9. *देवरी 10/02/2020* *मुनिश्री प्रशांत सागर जी ससंघ का हुआ मंगल आगमन * देवरी , जिला- सागर( मध्यप्रदेश) में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री प्रशांत सागर जी, मुनि श्री निर्वेग सागर जी, एवं क्षुल्लक श्री देवानंद सागर जी (नगर गौरव) का मंगल आगमन हुआ। कृषि उपज मंडी के पास मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागर जी, मुनि श्री अचल सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज, ने देवरी जैन समाज के साथ भव्य आगवानी की। जगह-जगह पाद प्रक्षालन किया गया। आरती उतारी गई। रंगोली सजाई गई। नगर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। मुनिराजों के *सानिध्य* में एवं प्रतिष्ठाचार्य वाणी भूषण विनय भैया जी बंडा के निर्देशन में 14 से 20 फरवरी 2020 तक पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव संपन्न होगा। यह कार्यक्रम गीतांजलि कॉलोनी, माणिकचंद पेट्रोल पंप के सामने, देवरी, जिला सागर(म.प्र) में संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। शासन, प्रशासन के अतिथि भी आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री हर्ष यादव जी एवं एसडीएम श्री राजेंद्र पटैल जी ने पंचकल्याणक स्थल का अवलोकन किया। इस कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। 14 वर्ष बाद मुनिराजों का मिलन हुआ। 11 फरवरी मंगलवार को दोपहर 1बजे से विद्याविहार कॉलोनी में पात्र चयन होगा। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी ने पंचकल्याणक की महिमा बताई। मुनि भाव सागर जी महाराज ने कहा, कि पूजन करने से जीवन में सब कुछ प्राप्त हो जाता है।
  10. *देवरी 10/02/2020* *मुनिश्री प्रशांत सागर जी ससंघ का हुआ मंगल आगमन * देवरी , जिला- सागर( मध्यप्रदेश) में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री प्रशांत सागर जी, मुनि श्री निर्वेग सागर जी, एवं क्षुल्लक श्री देवानंद सागर जी (नगर गौरव) का मंगल आगमन हुआ। कृषि उपज मंडी के पास मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागर जी, मुनि श्री अचल सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज, ने देवरी जैन समाज के साथ भव्य आगवानी की। जगह-जगह पाद प्रक्षालन किया गया। आरती उतारी गई। रंगोली सजाई गई। नगर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। मुनिराजों के *सानिध्य* में एवं प्रतिष्ठाचार्य वाणी भूषण विनय भैया जी बंडा के निर्देशन में 14 से 20 फरवरी 2020 तक पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव संपन्न होगा। यह कार्यक्रम गीतांजलि कॉलोनी, माणिकचंद पेट्रोल पंप के सामने, देवरी, जिला सागर(म.प्र) में संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। शासन, प्रशासन के अतिथि भी आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री हर्ष यादव जी एवं एसडीएम श्री राजेंद्र पटैल जी ने पंचकल्याणक स्थल का अवलोकन किया। इस कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। 14 वर्ष बाद मुनिराजों का मिलन हुआ। 11 फरवरी मंगलवार को दोपहर 1बजे से विद्याविहार कॉलोनी में पात्र चयन होगा। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी ने पंचकल्याणक की महिमा बताई। मुनि भाव सागर जी महाराज ने कहा, कि पूजन करने से जीवन में सब कुछ प्राप्त हो जाता है।
  11. *देवरी 10/02/2020* *मुनिश्री का होगा मंगल आगमन पंचकल्याणक महोत्सव के लिए* देवरी , जिला- सागर( मध्यप्रदेश) मे सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री प्रशांत सागर जी मुनि श्री निर्वेग सागर जी मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि श्री धर्म सागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री देवानंद सागर जी के *सानिध्य* में एवं प्रतिष्ठाचार्य वाणी भूषण विनय भैया जी बंडा के निर्देशन में पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न होगा। यह कार्यक्रम गीतांजलि कॉलोनी, माणिकचंद्र पेट्रोल पंप के सामने, देवरी ,जिला सागर,(म.प्र) में संपन्न होगा। यह महोत्सव 14 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। इस कार्यक्रम में देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। शासन, प्रशासन के अतिथि भी आ रहे हैं। इस कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। इसके अंतर्गत मुनिश्री प्रशांत सागर जी मुनिश्री निर्वेग सागर जी और नगर गौरव श्री देवानंदसागर जी का मंगल प्रवेश 10 फरवरी को दोपहर में 4 बजे के लगभग होने की संभावना है।ज्ञात हो कि, मुनिश्री विमल सागर जी महाराज ससंघ आगवानी करेंगे। और 14 वर्ष बाद मुनिराजों का मिलन होगा। 11 फरवरी मंगलवार को विद्याविहार कॉलोनी में पात्र चयन होगा। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी ने धर्म की महिमा बताई। मुनि भाव सागर जी महाराज ने कहा ,कि दान देने से विश्व में प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है। दान देने वाले की चर्चा प्रत्येक व्यक्ति के द्वारा होती है। प्रेषक: अंशुल बजाज 7898931276 सार्थक बजाज 8982529215 साकेत बजाज 7415281537 सोनू जैन बीना जी बारहा 7000084538 पंकज जैन 91316 25153 गौरव मोदी 7415143478 अनिमेष जैन 9174213925
  12. *‼आहारचर्या*‼ *इंदौर* _दिनाँक :१०/०२/२०२०_ *आगम की पर्याय,महाश्रमण युगशिरोमणि १०८ आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* के आहारचर्या कराने का सौभाग्य _*● श्रीमान नीलेश कुमार जी सुरेश कुमार जी जैन काला जैन कॉलोनी नेमीनगर इंदौर मध्यप्रदेश ●*_ वालो को एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ है। इनके पूण्य की अनुमोदना करते है। 💐🌸💐🌸 *भक्त के घर भगवान आ गये* 🌹🌹🌹🌹 *_सूचना प्रदाता-:श्री अक्षय जी जैन_* 🌷🌷🌷 *अंकुश जैन बहेरिया *प्रशांत जैन सानोधा
  13. गुरु में आस्था है, गुरु में ही भक्ति है, गुरु में विश्वास है, गुरु से ही शक्ति है।
  14. जिनके चरणों की धूल भी बन जाती चंदन है, ऐसे गुरुदेव को हमारा शत् शत् वंदन है।
  15. आओ,गुरु के गुणों को अपने जीवन में सजाते है, उनके ही विचारों से अपना जीवन महकाते है।।
  16. Earlier
  17. हिंदी विषय पर आचार्य श्री के सानिध्य में हुई अहम बैठक, देश भर के विद्वान शामिल हुए,
  18. ■ हिंदी विषय पर आचार्य श्री के सानिध्य में हुई अहम बैठक, देश भर के विद्वान शामिल हुए, आचार्य भग्वन के हुए विशेष प्रवचन ■ हिंदी विषय पर आज विशेष बैठक आचार्य श्री के सानिध्य में हुई। आचार्य श्री का हिंदी अभियान बीते अनेक साल से चल रहा है। अब इस अभियान को धरातल पर लाने के लिए जैन कालोनी में अहम बैठक हुई। यह जानकारी देते हुए बाल ब्रह्मचारी सुनिल भैया और मिडिया प्रभारी राहुल सेठी ने बताया की हिंदी को प्रचारित करने के लिए देश भर से आए जैन समाजजन की बैठक आज जैन कालोनी में आचार्य श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज के सानिध्य में हुई। इस बैठक को ब्रह्मचारी सुनिल भैया जी द्वारा संजोया गया था। प्रफुल्ल भाई पारिख पूना, अशोक पाटनी, राजेंद्र गोधा जयपुर, एस के जैन दिल्ली, निर्मल कासलीवाल, कैलाश वेद उपस्थित थे। संचालन निर्मल कासलीवाल ने किया और आभार कैलाश वेद ने माना। ● आचार्य श्री ने बैठक में कहा की रामटेक में हमारा चातुर्मास चल रहा था, या गर्मी का काल चल रहा था, इंदौर से एक समूह आया था, उस समूह में इंजीनियर के सिवा कोई नहीं था, उनकी बड़ी भावना था, हम तो सामाजिक कार्य में तो भाग लेते ही है, हमारे पास जो समूह बना है उसको धार्मिक क्षेत्र में भी उपयोग किया जाए और जैन धर्म के पास इतनी क्षमता विद्यमान है, हम आशा नहीं विश्वास के साथ हम आए है आप इसके लिए अवश्य ही प्रेरणा एवं उत्साह प्रदान करे। विज्ञान की बात कर रहे है एक साधू से और ठीक विपरीत जैसा लगता है लेकिन सोचने की बात ये है इन दोनों का एक ही आत्मा है, स्पष्ट है किन्तु हम इसको जन जन तक क्यों नहीं ले जा पा रहे, इस कमियों को भी अपनी और देखना चाहिए। वो कमी हमने महसूस किया है, वो आपके सामने रखता हूं कि हमे बता दो विज्ञानं के द्वारा आखिर क्या होता है, विज्ञान कुछ उत्पन्न करता है या जो उत्पादित है उसको वितरित करता है या कुछ है उसको अभ्यक्त करता है।_ उनमें हमे सोचना है कि हमारे पास क्या क्षमता है और किस प्रकार की क्षमता है, इस और देखना चाहिए। जैसे समझने के लिए फूल की एक कली है , इस कली को मैं अपने विज्ञानं के माध्यम से खोल दू, खिला दू महक को चारों और बिखरा दू , क्या यह संभव है? समय से पूर्व ये काम करना असंभव है। विज्ञान इस क्षेत्र के लिए काम कर रहा है तो वो गलत माना जाएगा, हां उसका एक कार्य क्षेत्र अवश्य हो सकता है कि वो क्या है, उसके बारे में अपने को सोचना है कि हर एक व्यक्ति का अपना दृष्टिकोण रहता है और उसको फैलाने का वह अवश्य ही पुरुषार्थ भी करता है और एक समूह भी एकत्रित कर लेता है। तो हमे आज उपयोगी क्या है, आवश्यक क्या है ये सोचना है। दर्शन विचारों में बहुत जल्दी प्रमोद वगैरह को खो देता है, खोना भी चाहिए लेकिन हम युग की बात करते है , युग तक आपके पास जो धरोहर के रूप में आपके पास विद्यमान है, उसको आप कहाँ तक पहुँचा सकते है, इसकी उपयोगिता, उसके लिए कितनी है और उस उपयोग के माध्यम से कितने व्यक्ति उसकी गहराइयों तक पहुच सकते है, ये हम अपने दर्शन के माध्यम से ले जाना चाहे तो बहुत जल्दी ले जा सकते है। विज्ञान कहते है अतीत हमारा सब बंद हो जाता है केवल वर्त्तमान और भविष्य उसके साथ जुड़ जाता है। ये हमारा एक भ्रम है, किन्तु अतीत के साथ जुड़ कर के ये विज्ञान काम क्यों नहीं कर रहा, लगभग कर रहा है, फिर बीबी उसको यथावत रखने का साहस वो क्यू नहीं कर रहा है। आज इतिहास को छपाने से क्या हानि होती है आपके सामन है, देश को सुरक्षा प्रदान करने के लिए चुनाव होते है, आपका ही देश है ये।। एक देश चीन है, और उसने वास्तु चीज़े छुपाने का प्रयास कर दिया और उसको वह जो नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहा था, ताकि लोगो को दहशत न हो। आवश्यक था कि शासन का क्या कर्त्तव्य है, बड़ा पेचीदा है ये, इस शासन, प्रसाशन आदि आदि हमेशा हमेशा जागरूक रहना चाहिए, उनको अनुमति लेनी पड़ी, कोर्ट से अनुमति लेनी पढ़ी, क्या अनुमति ली आप सोचेंगे तो दंग रह जाएंगे, लेकिन स्थिति ऐसी गंभीर हो गई, यदि इसके बारे में हम कदम नहीं उठाते है तो ये लाख की संख्या करोड़ के ओर जाने में देर नहीं लगेगी, ऐसी स्थिति में हम केवल हाथ में माला ले करके बैठ जाए तो कुछ नहीं हो सकता है। इसीलिए उनको चाहिए की युग को संचालित करने के लिए आपको इतिहास का आधार लेना चाहिए। जहा भारत के पास विज्ञान था, ऐसा मैं पूछुंगा तो असंभव है, लेकिन इतिहास को तो देखना संभव नहीं कर सकेंगे, इतिहास हमारे सामने है, प्रशासकीय परीक्षाओं के कुछ इतिहास निर्धारित किया है उसी को इतिहास में करके हम चल रहे, इतिहास सबका होता रहता है, विश्व में बहुत सारे देश है , भारत को आखिर अपना इतिहास कुछ खोजना तो पढ़ेगा। क्या भारत के पास कोई इतिहास ही नहीं था, केवल 18 वीं शताब्दी को अपने हाथ में लेते है, आप दंग रह जाएंगे, इसीलिए मैं कहता हूं ,विज्ञानं को चाहिए भारतीय इतिहास क्या था, काम से कम भारत वाले तो इसको जानने का प्रयास करे, जिसने इस तथ्य को अपना लिया, पकड़ लिया, ऐसे iit के छात्रों के 15-16 साल अथक परिश्रम करके टेक्सटाइल विश्वविद्यालय में उन्होंने अपने अनुभव लिए दिए है। उन्होंने कुछ ऐसे वैज्ञानिक तथ्य भी सामने ला करके रखे है, इनको अमेरिका स्वीकार करता है। ऐसी दिशा में उन्होंने अपने इस अनुभव को विश्व के सामने लाने का प्रयास किया, वह भारतीय है। अब आपको सोचना चाहिए की iit कहते ही, आप ये नहीं कह सकते की ये कोण धर्मोनिष्ठ व्यक्ति आ गया, आपको तो मानना ही पढ़ेगा की iit का विद्यार्थी तो ज़माने में माना जाता है, वह कह रहा है, अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल। इतना ही मैंने 2-3 महीने के पीछे इसको पहुचाने का मात्र कार्य किया है। 🔅 चीन देश ने अंग्रेज़ी को क्यू नहीं स्वीकारा- आचार्य श्री जी आचार्य श्री ने आगे कहा की अब ये बता दो चीन ने अंग्रेजी को क्यों नहीं स्वीकारा उन्नति के लिए? आर्थिक, ज्ञान, अनेक प्रकार की उन्नतियां है जो अपने राष्ट्र के लिए अपेक्षित है, चीन ने क्यों नहीं अपनाया, चीन की कोनसी भाषा है। उन्होंने चीन की भाषा में ही सब प्रबंध किया है। रूस के पास क्या कमी है ये बताओ, अमेरिका के साथ वो हिम्मत रखता था, आज वो कमजोर हो गया है। इसके उपरांत जर्मन और जापान कई बार मिट जाते है ये देश, और कई बार खड़े हो जाते है ये देश उन्हें किसी की आवश्यकता नहीं है, उनकी भाषा कोनसी है आप पूछो तो। आप पूछते भी नहीं और चिंता करते भी नहीं
  19. *विदिशा-* *नौ मुनिराजों का एवं ५८ आर्यिका माताओं* का *दीक्षा दिवस मनाया गया।* इस अवसर पर स्वर्ण प्राशन संस्कार वच्चों के शिविर का आयोजन किया गया। *मुनिश्री पुराण सागर जी* ने कहा कि *कर्नाटक* के इस संत ने *भारत का इतिहास पलट* कर रख दिया। *जंहा पर पहले दूर दूर तक मुनिराज के दर्शन नजर नही होते थे।* *पंडित दौलतराम जी* और *पंडित वनारसी दास जी* ने तो लिखा हैं कि *मुनि दर्शन को ये अंखिया तरस गयी* तो आज वही आज चारों और पूरे भारत में जैन मुनि महाराज नजर आ रहे है, एवं सभी *आचार्य गुरुवर विद्यासागरजी महाराज की जय जयकार* हो रही हैं। ★ उन्होंने कहा कि मेरे से किसी ने पूंछा कि *महाराज जी आपको वैराग्य कैसे आया?* तो उन्होंने कहा कि *गुरूवर की शांतमय मुद्रा को और उनकी वीतराग मुद्रा* को देख *उनकी चर्या को देखा और उनके पीछे* लग गये। उन्होंने पूज्य गुरुदेव का आभार मानते हुये कहा कि आज में धन्य हो गया और आज मेरा *मोक्षमार्ग प्रशस्त* हो गया। 🅰®
  20. ‼आहारचर्या*‼ *इंदौर* _दिनाँक :०९/०२/२०२०_ *आगम की पर्याय,महाश्रमण युगशिरोमणि १०८ आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज* के आहारचर्या कराने का सौभाग्य _*● श्रीमान कमल नरोत्तम जी जैन (नानू) श्री अक्षय जी जैन (पीनू), (बांझल परिवार) जैन कॉलोनी नेमीनगर इंदौर मध्यप्रदेश ●*_ वालो को एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ है। इनके पूण्य की अनुमोदना करते है। 💐🌸💐🌸 *भक्त के घर भगवान आ गये* 🌹🌹🌹🌹 *_सूचना प्रदाता-:श्री अक्षय जी जैन_* 🌷🌷🌷 *अंकुश जैन बहेरिया *प्रशांत जैन सानोधा
  21. पूज्यगुरूदेव आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी एवं संघस्थ मुनिश्री मुनिश्री दुर्लभसागर जी मुनिश्री निश्चलसागर जी मुनिश्री निर्लोभ सागर जी मुनिश्री निर्मोह सागर जी मुनिश्री निर्दोष सागर जी मुनिश्री श्रमणसागर जी मुनिश्री संधानसागर जी के नेमिनगर इंदौर में हुए केश लोच |
  22. *आदर्शमय पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव* 1008 श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ श्री 1008 दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर विद्या विहार कॉलोनी देवरी तहसील देवरी जिला सागर (मध्य प्रदेश) *दिनांक* 14से 20फरवरी 2020 *कार्यक्रम स्थल* गीतांजलि कॉलोनी माणिक चंद्र पेट्रोल पंप तहसील देवरी जिला सागर (मध्यप्रदेश) *आशीर्वाद* बाल ब्रह्मचारी संघनायक आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज *सानिध्य* मुनि श्री प्रशांत सागर जी मुनि श्री निर्वेग सागर जी मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्मसागर जी, मुनि श्री अचल सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज आ. श्री गुणमति माताजी ससंघ क्षुल्लक श्री देवानंद सागर जी (नगर गौरव) *प्रतिष्ठाचार्य* प्रतिष्ठा सम्राट , प्रतिष्ठा रत्न वाणी भूषण बाल ब्रह्मचारी विनय भैया जी बंडा (सम्राट) *मांगलिक महोत्सव कार्यक्रम* *पात्र चयन* 11 फरवरी 2020, मंगलवार 1 बजे *स्थान* विद्या विहार कॉलोनी देवरी *घट यात्रा* *ध्वजारोहण* 14फरवरी 2020 शुक्रवार फाल्गुन कृष्ण 6, दोपहर 1 बजे *गर्भ कल्याणक पूर्व रूप* 15फरवरी 2020 शनिवार फाल्गुन कृष्ण 7 *गर्भ कल्याणक उत्तररूप* 16फरवरी 2020 रविवार फाल्गुन कृष्ण 8 *जन्म कल्याणक* 17 फरवरी 2020 सोमवार फाल्गुन कृष्ण 9 *तप कल्याणक* 18फरवरी 2020 मंगलवार फाल्गुन कृष्ण 10 *ज्ञान कल्याणक* 19फरवरी 2020 बुधवार फाल्गुन कृष्ण 11 *मोक्ष कल्याणक/गजरथ फेरी* 20फरवरी 2020 गुरुवार फाल्गुन कृष्ण 12 *विशेष निवेदन* इस कार्यक्रम में आप सपरिवार इष्ट मित्रों सहित आमंत्रित हैं। आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था है। *सभी को आना है सभी को लाना है सभी को बताना है* *आयोजक* पंचकल्याणक समिति, सकल दिगंबर जैन समाज देवरी कलाँ जिला सागर। (मध्य प्रदेश) *देवरी पहुंच मार्ग:* राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 26 पर स्थित है।निकटतम रेलवे स्टेशन सागर करेली है । नरसिंहपुर 72 कि.मी, करेली 57 कि.मी, जबलपुर 125 कि.मी, सागर 64 कि.मी, राजमार्ग 31 कि.मी , बीनाबारह तीर्थक्षेत्र 9 कि.मी, महाराजपुर 14 कि.मी, रहली पटनागंज 35 कि.मी *संपर्क सूत्र* 6263042075 9926509972, 9589338318, 9425641111, 9425451092, 9893227105
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