Jump to content
आचार्य विद्यासागर स्वाध्याय नेटवर्क से जुड़ने के लिए +918769567080 इस नंबर पर व्हाट्सएप करें Read more... ×
  • entries
    57
  • comments
    66
  • views
    7,309

Contributors to this blog

About this blog

Entries in this blog

 

ऐतिहासिक  मंगल कलश स्थापना से चातुर्मास शुरू सम्यकज्ञान, सम्यक चारित्र और दान आपके साथ रहेगा - आचार्य विद्यासागर

ऐतिहासिक  मंगल कलश स्थापना से चातुर्मास शुरू
सम्यकज्ञान, सम्यक चारित्र और दान आपके साथ रहेगा - आचार्य विद्यासागर
छतरपुर । आध्यात्म एवं पर्यटन नगरी खजुराहो में आचार्य विद्यासागर जी महाराज का आज से चातुर्मास प्रारंभ हुआ। कलशस्थापना समारोह में  देश-विदेश से भारी संख्या में उनके अनुयायी यों  ने पर्यटन नगरी खजुराहो पहुंचकर उनका आर्शीवाद लिया। जिला कलेक्टर रमेश भंडारी और उनकी पत्नी ने भी इस मौके पर पहुंचकर आचार्य विद्यासागर जी के चरण पखारे और आर्शीवाद प्राप्त किया। इस मौके पर कलशस्थापना भी की गयी। आज के इस कार्यक्रम में भारी संख्या में जैन समाज सहित अन्य धर्मो के लोग भी शामिल हुए। कलश स्थापना के इस कार्यक्रम का संचालन और निर्देशन बा.ब्र. सुनील भैया अनन्तपुरा वालों द्वारा किया गया। 
रविवार को दोपहर २ बजे से से तीन प्रकार के कलशों के माध्यम से समाज के श्रावकगण   चातुर्मास की कलश स्थापना हर्सोल्लास के साथ की गयी। प्रथम कलश यानि सबसे बड़े 9 कलश स्थापित किये गये ,मध्यम 27 कलश और सबसे छोटे 54 कलश स्थापित किये किये। ये सभी कलश आचार्य श्री के मुखारविंद से विधिविधान पूर्वक मंत्रो के उच्चा रण से स्थापित हुए,जिसे श्रावकगण बोली लेकर स्थापित किया गया। ये सभी कलश विश्व शांति और विश्व कल्याण के उद्देश्य और  वर्षायोग के निर्विघ्न सम्पन्न होने   की कामना से स्थापित किये जाते है। प्रथम कलश का सौभाग्य तरूण जी काला मुम्बई 2 करोड़ 7 लाख, द्वितीय कलश डॉ. सुभाषशाह जैन मुम्बई 1 करोड़ 51 लाख, तृतीय कलश का सौभाग्य हुकुमचंद्रजी काका कोटा 1करोड़ 17 लाख, चतुर्थ कलश का सौभाग्य उत्तमचंद्र जैन कटनी कोयला वाले 1 करोड़ 8 लाख, पंचम कलश का सौभाग्य प्रेमीजैन सतना वाले 1 करोड़ 31 लाख, छठवां कलश का सौभागय श्री प्रभातजी जैन मुम्बई पारस चैनल करोड़  8 लाख, सातवां कलश ऋषभ शाह सूरत 1 करोड़ 8 लाख, आठवां कलश  पं. सुभाष जैन भोपाल 54 लाख एवं पुष्पा जैन बैनाडा आगरा वाले एवं नौवां कलश का सौभाग्य अशोक पाटनी 2 करोड़ 52 लाख को प्राप्त हुआ। 
स्थानीय विधायक विक्रम सिंह नाती राजा और नगर परिषद् अध्यक्षा कविता राजे बुंदेला, इंदौर विधायक रमेश मेंदोला  ने भी कलश स्थापना समारोह में आचार्य श्री को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। 
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि आप सब यहां सम्यकज्ञान, सम्यक चारित्र और दान देकर अगले भव के लिए अपने साथ ले जाने वाले है। आचार्यश्री ने कहा कि लगभग 38 वर्ष पूर्व मै खजुराहो पंचकल्याणक के लिए आया था। यहां कि कमेटी बार-बार खजुराहो के लिए आग्रह करती रही। मैं भी इस बार चलते-चलते यहां पहुंच गया। आचार्यश्री ने कहा कि यहां के राजा छत्रसाल का कुण्डलपुर के बड़े बाबा से गहन संबंध रहा है। राजा छत्रसाल ने बड़े बाबा को जब छत्र चढ़ाया उसके साथ ही उन्हें विजय प्राप्त हुयी। महाराजश्री ने कहा कि व्यक्ति को धन अपने पास श्वास जैसा रखना चाहिए ताजी ग्रहण करें और पुरानी निकालते जाए, सम्पत्ति हाथ का मैल है इसे साफ करते रहें। आचार्यश्री ने कहा कि आप सबका उत्साह सराहनीय है। खजुराहो क्षेत्र के विकास के लिए  अपना योगदान देते रहें। पूर्व में खजुराहो क्षेत्र कमेटी सहित जैन समाज छतरपुर, पन्ना,सतना, टीकमगढ़ सहित एवं बाहर से पधारे अतिथियों ने आचार्यश्री को श्रीफल भेंट किया।
 

आचार्य श्री विद्यासागर जी के ससंघ चतुर्मास कलश की स्थापना आज,देश-विदेश से आएंगे श्रद्धालु

खजुराहो । प्रख्यात जैन संत शिरोमणि108 आचार्य विद्या सागर जी महाराज के ससंघ चातुर्मास( वर्षायोग) के कलश की स्थापना आज रविवार 30 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी खजुराहों में एक गरिमामयी औऱ भव्य कार्यक्रम में होगी।इस बड़े और अनूठे धार्मिक आयोजन के प्रत्यक्षदर्शी बनने न केवल समीपी क्षेत्रों से वरन देश-विदेश से आचार्यश्री के भक्तजन व श्रद्धालु खजुराहो पहुंचना शुरू हो गए है।              आचार्य विद्या सागर महाराज  ससंघ खजुराहो में 14 जुलाई से  विराजमान है। पूज्य आचार्यश्री ने बुधवार को ससंघ अपनी चातुर्मास स्थापना शांति नाथ भगवान के समक्ष विधि विधान के साथ कर ली थी।इस दिन संघ के सभी साधुओं ने उपवास भी रखा था। अब आचार्यश्री ससंघ एक निश्चित सीमा बांधकर अब 4 माह तक खजुराहो में रहकर धर्म ध्यान करेगे।           आज  रविवार 30 जुलाई को दोपहर 1:30 से तीन प्रकार के कलशों के माध्यम से समाज के श्रावकगण  चातुर्मास की कलश स्थापना हर्सोल्लास के साथ करेंगे। प्रथम कलश यानि सबसे बड़े 9कलश स्थापित किये  जाएंगे ,मध्यम 27 कलश और सबसे छोटे 54 कलश स्थापित किये जायेंगे ।ये सभी कलश आचार्य श्री के मुखारविंद से विधिविधान पूर्वक मंत्रो के उच्चा रण से स्थापित होंगे,जिसे श्रावकगण बोली लेकर स्थापित करेगे।ये सभी कलश विश्व शांति और विश्व कल्याण के उद्देश्य और  वर्षायोग के निर्विघ्न सम्पन्न होने   की कामना से स्थापित किये जाते है। इस बार के चातुर्मास की ख्याति विश्व स्तर पर होगी और  अतिशय क्षेत्र खजुराहो के जिनालयों के दर्शन करने के लिए देश विदेश के आएंगे। खजुराहो क्षेत्र में आचार्यश्री के चातुर्मास से जैन धर्म और दर्शन की प्रभावना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।        साधुजन इस लिए करते हैं चातुर्मास-- डॉ. सुमति प्रकाश जैन ने चातुर्मास की अवधारणा और उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि जैन धर्म अहिंसा प्रधान धर्म है।वर्षाकाल में लाखों जीवों की उत्पत्ति होती है और वे बहुतायत से चहुंओर व्याप्त रहते हैं।ऐसे में पदबिहारी साधुजनों से किसी सूक्ष्म से सूक्ष्म जीव की हिंसा न हो,इस लिए जैन साधु वर्षाकाल के चार महीनों में अपनी पदयात्रा को रोक कर किसी एक स्थान पर रुक कर अपने आत्मकल्याण हेतु स्वाध्याय,धार्मिक-आध्यात्मिक ग्रंथो, जैन धर्म व दर्शन का अध्ययन-मनन करते हैं और श्रावकों को अपने मंगल प्रवचनों से सदमार्ग पर निरन्तर चलने की प्रेरणा देते हैं।डॉ जैन ने बताया कि जैन धर्म के साथ साथ हिन्दू धर्म मे भी साधुओं के चातुर्मास की परंपरा है।वे भी वर्षाऋतु में एक जगह रह कर अपना चातुर्मास व्यतीत करते हुए धर्मध्यान में लीन रहते है।        कलश स्थापना के इस कार्यक्रम का संचालन और निर्देशन ब्र. सुनील भैया ,अनन्तपुर करेंगे ।आयोजन को सानन्द ओर निर्विघ्न सम्पन्न करने के लिए विभिन्न समितियां बना कर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई ह
 
 

संयम स्वर्ण महोत्सव पर विशेष डाक लिफाफा जारी

डाक विभाग ने आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव पर विशेष डाक लिफाफा जारी किया अशोक नगर  संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव पर अशोक नगर डाक विभाग ने आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव पर विशेष आवरण लिफाफा अतिशय क्षेत्र थूवोनजी कमेटी के पुण्यर्जन मैं मुनि श्री निर्णय सागर जी महाराज मुनि श्री पदमसागर जी महाराज के सान्निध्य सुभाष गंज में विशेष समारोह के दौरान  जारी किया है ।
समारोह में डाक विभाग साभागिये अधीक्षक व्ही एस तोमर सहा अधीक्षक टी एस व्हील व्ही पी राठौर आर के शिवहरे  एम के शर्मा अशोक नगर  का थूवोनजी कमेटी के अध्यक्ष सुमत अखाई महामंत्री राकेश कासंल मत्री विनोद मोदी विपिन सिघई समाज के अध्यक्ष रमेश चौधरी उपाध्याय गिरीश जैन वजरंड़कमेटी के मत्री प्रदीप जैन यज्ञनायक पदम कुमार वाझल राकेश अमरोद आदिके साथ विशेष लिफाफा जारी किया  अतिथियो का सम्मान कमेटी ने किया इसके पहले धर्म सभा को संबोधित करते हुए थूवोनजी कमेटी के प्रचार मत्री विजय धुर्रा ने कहा कि आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के  संयम स्वर्ण महोत्सव पर डाक विभाग ने डाक टिकट के साथ लिफाफा जारी किया है जिसको हम मुनि संघ के सान्निध्य में विमोचन कर रहे हैं 
मुनि श्री निर्णय सागर जी महाराज ने कहा कि  आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज ने जंगलो में रहकर   कठिन तपस्या करते हुए नर्वदा नदि के तट पर वालिकाओ की शिक्षा के लिए प्रतिभा स्थली की नारायण श्री कृष्ण ने गायो की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को उठा लिया नारायण श्री कृष्ण जी  के गीत  की रक्षा कार्य को वर्तमान में आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से आगे बढ़ रहे हैं
 

मैं तो ठेठ बाँस था, गुरु कृपा से बाँसुरी बना : जैनाचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

खजुराहो १७ जुलाई २०१८. आज मंगलवार प्रात: संयम स्वर्ण महोत्सव समापन समारोह में धर्मनायक, संघनायक, लोकनायक और संस्कृति नायक जैनाचार्य श्री विद्यासागर जी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में  कहा कि गुरु जी ने मुझे धर्म मार्ग पर प्रवृत्त कर दिया। भाग्यशाली हूँ कि मुझ अपढ़, अनगढ़, जिसे कुछ नहीं आता था उसे स्वीकार कर लिया। मैं तो ठेठ बाँस था, गुरु कृपा से  बाँसुरी बन गया। गुरू ने दीया दे दिया मुझे । मुझे न भाषा का और न भाव का ज्ञान था, किंतु गुरु ने सब कुछ समझा और स्नेह दिया। अाज के जीवन में प्रचार-प्रसार, विज्ञापन का बोलबाला है। बहुत कुछ ग़लत दिशा में है, जिससे भारतीयता पर आधारित शिक्षा-प्रणाली से बचा जा सकता है। गुरु जी के द्वारा अंकुरित बीज से समाधान संभव है। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को उनके गुरु आचार्यश्री १०८ ज्ञानसागर जी महाराज ने आषाढ़ शुक्ल पंचमी तदनुसार ३० जून १९६८ को मुनि दीक्षा प्रदान की थी।     संयम वर्ष से राष्ट्रीय संयम स्वर्ण महोत्सव समिति ने सर्वोदय सम्मान नामक एक पुरस्कार आरंभ किया है जिसमें समाज के उन नायकों का सम्मान किया जाता है जो विज्ञापन की चकाचौंध से दूर रहकर भारतीय संस्कृति, सभ्यता और जीवन पद्धति के संरक्षण में लगे हुए हैं। आज के इस पावन दिवस पर ऐसे ही ९ व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया जिनमें सर्वश्री 1.आदिलाबाद आंध्र प्रदेश में स्थित कला के स्वर्गीय रविंद्र शर्मा गुरुजी - कला ,कारीगरी एवं सामाजिक व्यवस्था के जानकार; 2.श्री एच वाला सुब्रमण्यम संगम एवं तमिल साहित्य के गैर हिंदी भाषी सुप्रसिद्ध अनुवादक. आपने दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार एवं प्रसार में निर्णायक भूमिका निभाई है; 3. टिहरी उत्तराखंड प्रदेश से आए हुए श्रीमान विजय जड़धारी जी. विजय जी चिपको आंदोलन की उपज है, और वर्तमान में बीज बचाओ आंदोलन से जुड़े हुए है; 4. श्रीराम शर्मा जी मध्य प्रदेश से संबंध रखते हैं, आपके पास भारतीय राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम आंदोलन के तमाम महत्वपूर्ण दस्तावेज यथा पत्र पत्रिकाएं ,अखबार एवं ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं का अद्भुत संग्रह है; 5. बाबा आया सिंह रियारकी महाविद्यालय जिला गुरदासपुर पंजाब के संचालक गण. महिला शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ एक स्वदेशी प्रयोग, एक ऐसा अकादमिक संस्थान जो बालिकाओं के लिए बालिकाओं के द्वारा बालिकाओं का महाविद्यालय है; 6. महाराष्ट्र राज्य के गढ़चिरौली जिले के मेडा लेखा गांव के भूतपूर्व सरपंच श्री देवाजी तोफा भाई. आपने गांधीवादी संघर्ष कर प्राकृतिक संसाधनों पर ग्राम वासियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया. आप का नारा है हमारे गांव में, हम ही सरकार; 7. राजस्थान उदयपुर के भाई रोहित जो विगत कई वर्षों से जैविक कृषि में संलग्न है और अपने प्रयोगों के माध्यम से इसे युवा पीढ़ी में लोकप्रिय भी कर रहे हैं; 8. छत्तीसगढ़ के शफीक खान जो जीवदया, शाकाहार, नशामुक्ति और गौरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रहे हैं; 9.गुजरात से अभिनव शिल्पी श्री विष्णु कांतिलाल त्रिवेदी। जिन्होंने ने अनेक भव्य मंदिरों का निर्माण किया है।
पुरस्कार में श्रीफल, दुशाला, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, श्रमदान निर्मित खादी के वस्त्र और ५१ हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।  कार्यक्रम में प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ जबलपुर, डोंगरगढ़, रामटेक, पपौरा जी और इंदौर की ३०० से अधिक छात्राओं ने अपने मनभावन प्रस्तुतियों से उपस्थित विशाल संख्या में उपस्थित गुरू भक्तों का मन मोह लिया।   दोपहर के प्रवचनों में गुरुदेव ने महाराजा छत्रसाल द्वारा कुंडलपुर के बड़े बाबा की प्राचीन प्रतिमा के संरक्षण में उनके योगदान का उल्लेख किया, संयम के महत्व पर प्रकाश डाला और  आचार्यश्री १०८ ज्ञानसागर जी महाराज के प्रति अपनी विनयांजलि प्रकट की।   समारोह में राष्ट्रीय संयम स्वर्ण महोत्सव समिति के पदाधिकारियों में सर्वश्री अशोक पाटनी (आरके मार्बल्स), प्रभात जी मुंबई, राजा भाई सूरत, विनोद जी जैन कोयला, पंकज जैन, पारस चैनल की उल्लेखनीय उपस्थिति रही| राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुनील सिंघी, श्रीमती ललिता यादव, मध्यप्रदेश शासन राज्य मंत्री,  पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण और अहमदाबाद शहर के महापौर श्री गौतम भाई शाह ने आचार्यश्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया.   संयम स्वर्ण महोत्सव के पावन दिवस पर केंद्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती ने आचार्य श्री  आशीर्वाद प्राप्त किया और उनसे अनुरोध किया कि आचार्य श्री आप इस वर्ष अपना चातुर्मास खजुराहो में ही करें साथ ही उन्होंने आचार्य श्री से हथकरघा, भारतीय भाषाओं, भारतीय संस्कृति और सभ्यता के बारे में विचार विमर्श किया.    
 

ह्यूस्टन अमेरिका में मनाया गया संयम स्वर्ण महोत्सव

२४ जून २०१८   On June 24, Sunday we conducted  a 90 minute very informative program at the Jain temple in Houston, Texas, USA to commemorate the 50th year of  Acharya Vidya Sagar jis Dixa. Nearly 150 people participated. There were several speakers; 2 Jain  samanis, Ajit Sangave, myself and others. It was very well organized. Dr. Sulekh C. Jain                  
 

प्रेस विज्ञप्ति- जैन समाज ने लिया तीर्थस्थलों पर वृक्षारोपण का संकल्प

मुंबई. 4 जुलाई 2018. सुप्रसिद्ध जैन संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षा के 50 वें वर्ष को  देशभर का जैन समाज ‘संयम स्वर्ण महोत्सव’ के रूप में पिछले एक वर्ष से विभिन्न आयोजनों के माध्यम से मना रहा है, इसी कड़ी में पिछले वर्ष ‘राष्ट्रीय संयम स्वर्ण महोत्सव समिति’ ने जुलाई २०१७ में “संयम स्वर्ण महोत्सव वर्ष २०१७-१८” के अंतर्गत हरित जैन तीर्थ अभियान का संकल्प पारित किया था और लक्ष्य रखा था कि अगले 5 वर्षों में प्रमुख तीर्थ स्थानों पर 5 लाख पेड़ लगाए जाएँगे ।  इस अभियान के अंर्तगत अनेक तीर्थस्थानों और मंदिर परिसरों में बड़ी संख्या में वृक्षारोपण किया गया था और इस साल आगामी आषाढ़ शुक्ल पंचमी अर्थात 17 जुलाई 2018 को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षा के 50 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और उनका 51 वाँ दीक्षा दिवस देशभर में मनाया जाएगा, विभिन्न राज्यों के जैन धर्मावलम्बियों ने अपने स्तर अनेक धार्मिक आयोजनों और सामाजिक हित के काम करने की योजना बना रखी है, ऐसे समय में वृक्षारोपण अभियान को नाम दिया गया है “विद्या तरु/विद्या-वाटिका” वृक्षारोपण अभियान। समिति के गौरव अध्यक्ष श्री अशोक पाटनी (आरके मार्बल्स) ने एक अपील जारी कर भारत के समस्त तीर्थ क्षेत्रों के न्यासियों एवं पदाधिकारियों अनुरोध किया है कि लोग जुलाई 2018 के इस महीने में अपने आसपास के तीर्थ क्षेत्रों, मंदिरों, धर्मशालाओं और संस्थानों के परिसरों में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित करें । उन्होंने आगे कहा है कि देशभर में वर्षा आरंभ हो चुकी है और यही वृक्षारोपण का सही समय है।     इस अपील का व्यापक असर हुआ है और विभिन्न तीर्थक्षेत्रों पर बड़ी संख्या में वृक्षारोपण शुरू भी हो चुका है. मध्यप्रदेश के दमोह जिले में स्थित सुप्रसिद्ध दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कुण्डलपुर से गौरव जैन ने जानकारी दी है कि भारी वर्षा के पीछे कुण्डलपुर के पर्वत पर वृक्षारोपण का कार्य शुरू कर दिया गया है और अब तक 500 पौधों का रोपण कर दिया  गया, अगले एक माह  में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की 51 वें दीक्षा के उपलक्ष्य में  5100 पेड़ कुण्डलपुर पर्वत लगा दिए जाएँगे, उन्होंने बताया कि विभिन्न संस्थानों, युवक मंडलों, महिला मंडलों के सदस्य इस वृक्षारोपण में भाग ले रहे हैं.   नवोदित दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र डोंगरगढ़ से सुधीर जैन ने सूचना दी है कि क्षेत्र पर वृक्षारोपण की तैयार चल रही है और इस वर्ष क्षेत्र पर 1500 पौधे रोप जाएँगे, पिछले वर्ष भी यहाँ लगभग 2000 वृक्ष लगाये गए थे.   सागर जिले के भाग्योदय तीर्थ चिकित्सालय से ब्र. श्री मिहिर जैन ने बताया है कि उन्होंने इस अभियान के अंतर्गत 500 पौधों का रोपण चिकित्सालय परिसर में करवाया है.   कटनी के पास स्थित श्री बहोरीबंद तीर्थक्षेत्र से लोकप्रिय कवि श्री अजय अहिंसा ने अवगत कराया है कि  बहोरीबंद में पिछले साल ही विद्या वाटिका का निर्माण किया गया है जिसमें 400 पौधे रोप गए थे, इस वर्ष पौधे लगाने की उनकी योजना है.  भारत भर के जैन तीर्थ स्थानों से इस वृक्षारोपण अभियान को शुरू करने के समाचार आ रहे हैं.   “हरित तीर्थ अभियान” अब केवल जैन तीर्थों तक सीमित नहीं रह गया है, अन्य समाज के लोग भी इससे प्रेरणा लेकर इस अभियान को देश व्यापी अभियान की शक्ल देना चाहते हैं.  अब तक हम लोग हरित गाँव, हरित शहर, हरित विद्यालय जैसे अभियानों के बारे में खूब सुनते थे, पहली बार किसी ने “हरित तीर्थ” का नारा दिया है.   जैन समाज के लोग पर्यावरण के प्रति जागरुक हैं जो उन्होंने तीर्थ स्थलों के लिए “हरित तीर्थ अभियान” आरम्भ किया है, यदि देश भर के सभी सम्प्रदायों के लोग इस अभियान से जुड़ जाएँ और अपने-२ तीर्थ स्थानों की हरियाली लौटाने का बीड़ा उठा लें तो अल्प समय में ही भारत के सभी धर्मों के तीर्थ स्थल हरे भरे हो जाएँगे.  कुंडलपुर में जारी वृक्षारोपण के चित्र संलग्न हैं।    प्रवीण कुमार जैन संयुक्त सचिव,  ‘राष्ट्रीय संयम स्वर्ण महोत्सव समिति’ अणु डाक: cs.praveenjain@gmail.com   चलभाष:  98199-83708        
 

संयम स्वर्ण कीर्ति स्तम्भ लोकार्पण समारोह - अजमेर 30 जून 2018◼

परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के दीक्षा के 50 वर्ष पूर्ण होने पर उनकी दीक्षा स्थली अजमेर में परम पूज्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं प्रेरणा से संस्थापित 71 फुट ऊंचा भव्य कीर्ति स्तंभ का लोकार्पण हुआ |   जैन समाज के श्रेष्ठी पाटनी परिवार (आर के मार्बल्स समूह) को इस कीर्ति स्तम्भ के पुण्यार्जन का लाभ मिला ।       कीर्ति स्तम्भ के साथ अन्य  लोकार्पण:  बड़ा दड़ा संयम स्वर्ण भवन का भी लोकार्पण हुआ  डाक टिकिट हुआ जारी   आचार्य श्री के हायकू एवं विचारों पर विशेष डायरी    इस सम्पूर्ण कार्यक्रम को आप यहाँ देख सकते हैं :       समाज में आरके मार्बल जैसे परिवार की जरुरत-जैन मुनि सुधासागर। नारेली तीर्थ का मुख्य द्वारा आचार्य विद्यासागर महाराज के नाम से बनेगा। स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगा जीवन चरित्र 30 जून को अजमेर के महावीर सर्किल के निकट पंचायत बड़ धड़ा की नसिया के परिसर में आचार्य विद्यासागर महाराज के 71 फिट ऊंचे कीर्ति स्तंभ का लोेकार्पण जैन मुनि सुधासागर महाराज ने किया। इसी स्थान पर 50 वर्ष पूर्व आज के दिन ही बालक विद्यासागर ने आचार्य ज्ञान सागर महाराज से दीक्षा ग्रहण की थी। इस स्तंभ पर कोई 2 करोड़ रुपए की राशि खर्च हुई है। कीर्ति स्तंभ का सम्पूर्ण निर्माण कार्य आरके मार्बल और वंडर सीमेंट के मालिक अशोक पाटनी की ओर से करवाया गया है। इसलिए लोकार्पण समारोह में पाटनी परिवार के सदस्यों का अभिनंदन भी किया गया। सुधासागर महाराज ने कहा कि पैसा तो बहुत लोगों के पास होता है। लेकिन ऐसे लोग कम होते हैं जो धर्म के कार्यों पर खर्च करते है। आचार्य विद्या सागर महाराज के कीर्ति स्तंभ का निर्माण कर अशोक पाटनी ने अजमेर के धार्मिक महत्व को और बढ़ाया है। आज समाज में पाटनी परिवार जैसों की जरुरत है। अशोक पाटनी ने बिना कहे कीर्ति स्तंभ का निर्माण कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब अजमेर आने वाले लोग इस कीर्ति स्तंभ का अवलोकन भी करेंगे। इस अवसर पर पाटनी का कहना रहा कि मैं आज जो कुछ भी हंू उसके पीछे आचार्य विद्यासागर महाराज और जैन मुनि सुधासागर महाराज का आशीर्वाद है।
  नारेली तीर्थ का द्वारः  समारोह में अजमेर प्राधिकरण के अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा ने घोषणा की कि नारेली तीर्थ स्थल का मुख्य द्वार आचार्य विद्या सागर महाराज के नाम पर बनाया जाएगा। द्वार के निर्माण का कार्य प्राधिकरण करेगा। वहीं स्कूली शिक्षा मंत्री देवनानी ने कहा कि अगले शिक्षा सत्र में आचार्य विद्यासागर महाराज की जीवनी को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
(एस.पी.मित्तल) (30-06-18)
   

आज अभी 3 बजे परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का मंगल विहार, टीकमगढ़ से अतिशय क्षेत्र श्री बंधा जी की ओर हुआ।

आगे की सुचना देखने के लिए यहाँ पर क्लिक करें     पूज्य आचार्य भगवन ससंघ का हुआ मंगल विहार।

आज 28 जून अभी 3 बजे परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का मंगल विहार, टीकमगढ़ से अतिशय क्षेत्र श्री बंधा जी की ओर हुआ। ◆ आज रात्रि विश्राम: रमपुरा (11 किमी)
◆ कल की आहार चर्या: दिगौड़ा सम्भावित (रमपुरा से 13 किमी) ■ आचार्यसंघ की अगवानी करेंगे मुनि संघ। पूज्य मुनिश्री अभय सागर जी महाराज ससंघ का बरुआ सागर से हुआ मंगल विहार। परसों 30 जून को प्रातःकाल पूज्य आचार्यसंघ की भव्य अगवानी करेंगे, पूज्य मुनिश्री अभय सागर जी ससंघ। वर्षो के अंतराल के उपरांत करेंगे गुरु दर्शन, मिलेंगे गुरुचरण।
      भव्य मंगल प्रवेश
नन्दीश्वर कालोनी टीकमगढ़
         🎊🚩🎊
श्रीमद आचार्य भगवंत श्री विद्यासागर जी महाराज का बालयति संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश नन्दीश्वर जिनालय टीकमगढ़ में आज 28 जून गुरुवार को प्रातः वेला में हुआ । 
       गत वर्ष नन्दीश्वर कालोनी में आर्यिका माँ विज्ञानमती माता जी ससंघ वर्षायोग सम्पन्न हुआ था। आर्यिका संघ के सानिध्य में त्रिकाल चौवीसी जिनालय का भूमिपूजन किया गया था।  
🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸
    🎊विद्या गुरु का मंगल विहार🎊 संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का अभी अभी ६.४० मिनट पर अतिशय क्षेत्र पपौरा जी से टीकमगढ़ के लिए हुए मंगल विहार आहरचार्य 👉🏻टीकमगढ़ संभावित  
 

अतिशय क्षेत्र पपौरा जी में स्थित दयोदय गौशाला मे  हथकरघा भवन का हुआ शिलान्यास

दिनाँक  आज 27 जून 2018 को
अतिशय क्षेत्र पपौरा जी में स्थित दयोदय गौशाला मे  हथकरघा भवन का शिलान्यास आचार्य श्री के मंगल सानिध्य में हुआ
  "मेरी आस्था का नाम" भाग्योदय,प्रतिभास्थली, मातृभाषा के उन्नायक,गोधन पालक, हथकरघा को जीवंत करने वाले तपस्वी श्रेष्ठ चर्या के धारी आचार्य "श्री १०८ विद्यासागर सागर जी महाराज जी" महा मुनिराज जैसे साक्षात तीर्थंकर जैन धर्म में है
गुरुदेव नमन
रजत जैन भिलाई   हथकरघा का शुभारंभ
अतिशय क्षेत्र श्री पपौरा जी मे, परम पूज्य आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में, आज प्रातः गौशाला परिसर में हथकरघा केंद्र का शुभारंभ हुआ। यहाँ पर 162 X 45 फ़ीट का विशाल भवन बनकर तैयार हो रहा है। इसमे 108 हथकरघा स्थापित किये जायेंगे।

कैलिफ़ोर्निया (अमेरिका) में संयम स्वर्ण महोत्सव का अभूतपूर्व आयोजन, जुटे ४५० श्रावक श्राविकाएं

२३ जून २०१८, कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका.  लगभग ४५० लोगों ने कार्यक्रम में आकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराईऔर सभी का उत्साह देखते बना  आचार्यश्री के जीवन पर आधारित वृत्तचित्र(डॉक्यूमेंटरी फिल्म) ने सबका मन मोह लिया! बच्चों का नाटक "विद्याधार से विद्यासागर" हिंदी भाषा में किया गया, उन बच्चों द्वारा जो सिर्फ अंग्रेजी ही जानते हैं  और हिंदी पढ़ भी नहीं पाते! आचार्य श्री के चित्र और विभिन्न प्रकल्प  की झांकी लगायी गई | महिलाओं का नृत्य और गरबा भी हुआ शुद्ध भोजन, चाय और शाम के भोजन की पूरी व्यवस्था स्वयंसेवकों  ने ही  की,  बाजार से कुछ भी नहीं मंगाया गया|   कार्यक्रम विवरण    पूजन और अभिषक - ८ से १० बजे तक  नाश्ता - १० से १०:३०  भोजन - १२ से १:३०  सांस्कृतिक कार्यक्रम - १:३० से ५:३०  रास गरबा - ५:३० से ६:३०  सूर्यास्त के पहले शाम का भोजन - ६:३०- से ७:३०     कार्यक्रम झलकियाँ                        
 

आचार्य श्री के जीवन चारित्र पर आधारित फिल्म 'विद्योदय' 30 जून को 50 शहरों में दिखाई जाएगी | स्थान सूची बनाने में सहयोग दें |

*विद्योदय विशेष सूचना*
क्या आपके शहर में यह फिल्म दिखाई जा रही है ? क्या आपको स्थान मालूम है, जैसे कि मुझे सूचना मिली कि जयपुर में 6 स्थानों पर दिखाई जाएगी, पर स्थानों का नाम नहीं पता हैं, क्या आप सहायता कर सकते हैं ?
आप यह सूचना इस लिंक पर ज़रूर डालें ताकि कोई भी भक्त सूचना न मिलने के कारण वंचित न रह जाये | स्थान का नाम नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें ताकि इसकी सूची बनाकर सभी तक पहुँचाई जा सके और सभी यह फिल्म देख सकें।        स्थान सूचि  जयपुर  ग्वालियर   
 

पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में मोनिका सुहास शाह द्वारा स्वरबद्ध श्री भक्तामर स्तोत्र और श्री वर्द्धमान स्तोत्र का विमोचन

पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में मोनिका सुहास शाह द्वारा स्वरबद्ध श्री भक्तामर स्तोत्र और श्री वर्द्धमान स्तोत्र का विमोचन          
 

संस्कार गुरुकुल समर कैंप 4 से 10 जून

श्रुत संवर्धन ज्ञान संस्कार शिविरों में बह रही है संस्कार और ज्ञान की गंगा स्थानीय स्तर पर 12 को तथा सामूहिक समापन 13 को करगुवां जी झाँसी में होगा नई बस्ती, अटा मंदिर और जखौरा, तालबेहट में  चल रहे हैं ज्ञान संस्कार शिविर ललितपुर। परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में  परम पूज्य सराकोद्धारक आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से श्रुत संवर्धन संस्थान, मेरठ के तत्वावधान में श्रुत संवर्धन ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर टीकमगढ़- झांसी-ललितपुर के विभिन्न अंचलों में 4 से 13 जून 2018 तक  बड़े ही उत्साह से आयोजित हो रहे हैं।
 केंद्रीय शिविर समिति के  संयोजक मनीष शास्त्री ने बताया कि उक्त शिविरों में  ज्ञान दर्पण भाग 1, 2 छहडाला, भक्तामर स्त्रोत, तत्वार्थ सूत्र,  द्रव्य संग्रह आदि की कक्षाएं संचालित हो रही हैं साथ में ही रात्रि में अनेक प्रेरणादायक सांस्कृतिक आयोजन और अनेक धार्मिक प्रतियोगिताएं हो रही हैं । जनपद के ललितपुर नगर में नई बस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से आये विद्वान आशीष शास्त्री मबई और शुभम शास्त्री के निर्देशन में शिविर अनेक गतिविधियों के साथ चल रहा है वहीं अटा जैन मंदिर में पंडित ज्ञानचंद्र जैन शास्त्री, राहुल शास्त्री और राजेन्द्र शास्त्री शिविर में अध्यापन करा रहे हैं। स्थानीय संयोजक श्रीमती वीणा जैन, सचिन जैन शास्त्री, अनूप जैन सहयोग प्रदान कर रहे हैं। दोनों जैन मंदिरों के प्रबंधकगण आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं।दोनों स्थानों पर पूजन प्रशिक्षण में बच्चे उत्साह से सम्मलित हो रहे हैं। जैन मंदिर जखौरा जैसे छोटे स्थान पर शिविरार्थियों का उत्साह देखते बनता है। यहाँ सभी आयु वर्ग के लोग रुचिपूर्वक शिविर का लाभ उठा रहे हैं।प्रतिदिन रात्रि में आयोजित विविध धार्मिक प्रतियोगिताओं में लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। यहाँ पर रहित शास्त्री शाहगढ़ और भुवनेश शास्त्री बूंदी प्रशिक्षण दे रहे हैं। तालबेहट में जैन मंदिर में पीयूष शास्त्री टीकमगढ़ और अभिषेक शास्त्री बालाघाट के निर्देशन में शिविर में बड़ी संख्या में शिविर का लाभ उठा रहे हैं। पूज्य आर्यिका संभवमती माता जी का मङ्गल सान्निध्य भी मिल रहा है।  अध्यापन कराने के लिए श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर, श्रमण ज्ञान भारती मथुरा, स्याद्वाद महाविद्यालय बनारस आदि  के वरिष्ठ विद्वान, नवोदित विद्वान एवं ब्रह्मचारी भैया, ब्रह्मचारिणी दीदी एवं वरिष्ठ विद्वान अध्यापन कार्य संपादित कर रहे हैं।
 केंद्रीय शिविर समिति के सह निर्देशक डॉ सुनील संचय ने बताया कि परम पूज्य आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा से सन 2000 से  12 राज्यों के  1000 स्थानों पर ये शिविर आयोजित हो चुके हैं। श्रुत संवर्धन ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर एक बार फिर बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों में आयोजित हो रहे हैं। पाश्चात्य संस्कृति से लुप्त होते नैतिक संस्कार, विलुप्त होते आदर्शों को पुनः जीवित करने के लिए इन शिक्षण शिविरों का आयोजन होता आ रहा है । शिविर का स्थानीय स्तर पर समापन 12 जून को किया जाएगा तथा 13 जून को एक साथ सभी शिविरों का सामूहिक समापन समारोह आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र करगुवां जी झाँसी में आयोजित होगा। जिसमें सभी प्रशिक्षक विद्वानों का सम्मान, शिविर के प्रतिभाशाली शिविरार्थियों और स्थानीय संयोजकों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।
शिविर समिति के संयोजक चेतन शास्त्री बंडा और सुनील शास्त्री नागौद ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से पाश्चात्य की ओर बड़ रही युवा पीढ़ी को नैतिक शिक्षा देकर उन्हें संस्कारित करना उद्देश्य है। मानव जीवन में संस्करों का बडा महत्व है. संस्कार संपन्न संतान ही गृहस्थाश्रम की सफ़लता और समृध्दि का रहस्य है. प्रत्येक गृहस्थ अर्थात माता-पिता का परम कर्तव्य बनता है कि वे अपने बालकों को नैतिक बनायें और कुसंस्कारों से बचाकर बचपन से ही उनमें अच्छे आदर्श तथा संस्कारों का ही बीजारोपण करें शिक्षण शिविर संचालन हेतु  एक केंद्रीय समिति बनाई गई जिसमें परम संरक्षक श्री प्रदीप जैन आदित्य पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार ,श्री अनिल जैन विधायक निवाड़ी,  कुलपति डॉक्टर शीतल चंद्र जयपुर, निर्देशक डॉक्टर श्रेयांश कुमारजैन बड़ौत, ब्र. अनीता दीदी , ब्र. मनीष भैया, प्रवीण जैन झांसी ,कपिल मलैया सागर ,सह निर्देशक डॉक्टर निर्मल शास्त्री हटा , डॉक्टर सुनील संचय ललितपुर, परामर्श प्रमुख श्री अनिल जैन दिल्ली ,राकेश जैन दिल्ली ,अजित शास्त्री अलवर, निरीक्षक समिति पंडित रमेश जैन शास्त्री जोबनेर, राजेंद्र जैन महावीर सनावद, रिषभ जैन झांसी, राजीव जैन झांसी, अक्षय आलिया ललितपुर, रवि जैन बबीना, मुख्य संयोजक ब्र. जय कुमार जी निशान्त भैया टीकमगढ़, संयोजक मनीष शास्त्री शाहगढ़ ,चेतन जैन बंडा, सुनील प्रसन्न शास्त्री नागौद,क्षेत्रीय संयोजक राजेश जैन शास्त्री सेसई  बनाये गए हैं। सभी शिविर स्थानों पर स्थानीय संयोजक बनाये गए हैं जो स्थानीय स्तर पर शिविर की गतिविधियों को देख रहे हैं।आयोजक श्रुत संवर्धन संस्थान मेरठ एवं संस्कृति संरक्षण संस्थान दिल्ली है।
नई बस्ती में शिविर के दौरान आशीष शास्त्री और शुभम शास्त्री ने कहा कि परिवाररुपी पाठशाला मे बच्चा अच्छे और बुरे का अन्तर समझाने का प्रयास करता है. जब इस पाठशाला के अध्यापक अर्थात माता-पिता, दादा-दादी संस्कारी होंगे, तभी बच्चों के लिए आदर्श उपस्थित कर सकते है. आजकल माता-पिता दोनों ही व्यस्तता के कारण बच्चों मे धैर्यपूरक सुसंस्कारों के सिंचन जैसा महत्वपूर्ण कार्य उपेक्षित हो रहा है.  माता- पिता स्वय़ं को योग्य एवं सुसंस्कृत बनावें। इन शिविरों के माध्यम से जहॉ बच्चे संस्कारित होंगे वहीं उनके अभिभावक भी संस्कारित होंगे।
  आर्यिका अनुनयमति जी ,श्वेत मति जी  

संयम स्वर्ण जयंती वर्ष पर ग्रेटर नोएडा में जैन यूथ वर्कशॉप की सुंदर शुरुआत

ग्रेटर नोएडा में जैन यूथ वर्कशॉप की सुंदर शुरुआत    जैन युवा प्रोफेशनल्स में दिखा जैन दर्शन सीखने का जज्बा    *YOUTH WORKSHOP 2018*    दिनांक 10  जून 2018 को आचार्य श्री विद्यासागर संयम स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में  दिगम्बर जैन मंदिर ग्रेटर नोएडा में जीवन जीने की कला पर एक *युवा कार्यशाला* का सफल आयोजन किया गया। जिसमे 150 से अधिक लोगों ने भाग लिया। नई दिल्ली के जैनदर्शन विभाग,श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ,मानित विश्वविद्यालय से पधारे हुए जैन विद्या के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दो विद्वान प्रो वीरसागर जी जैन व प्रो. अनेकांत कुमार जैन जी ने जैन धर्म और दर्शन के अनुसार जीवन जीने की सही कला क्या है इस विषय पर युवाओं को अत्यंत मनोवैज्ञानिक तरीके से संबोधित किया । डॉ वीरसागर जी ने जीवन में क्या महत्त्वपूर्ण है, हम अपने जीवन को अच्छा, सुंदर, चमकदार कैसे बना सकते हैं, इसको अत्यंत सरलता से बताया। डॉ अनेकांत कुमार जैन जी ने युवाओं में बढ़ते स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए जैन सिद्धातों पर आधारित stress management techniques की सुंदर व्याख्या की तथा कायोत्सर्ग के प्रयोग भी करवाये । मंच का संचालन श्रीमती श्रद्धा जैन, मंगलाचरण प्रस्तुति श्रीमती आशु जैन, अंजू जैन, सरोज जैन ने किया। इसमें समाज के गणमान्य सदस्य श्री सुखमाल जी, अमित जी, बृजेश चंद्र जैन जी, महेंद्र जी आदि उपस्थित रहे। स्मित जैन, अलंकृत जैन, शुभम जैन, सम्यक जैन, शुभनय जैन आदि युवाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।                      - श्रीमती आशु जैन ,ग्रेटर नोएडा    Dr Anekant Kumar Jain 
JIN FOUNDATION 
New Delhi      
 

 शास्त्री परिषद् वार्षिक अधिवेशन 6 से 8 जून, 2018

श्रीक्षेत्र श्रवणबेलगोला
द्वितीय दिवस - 7 जून,  2018   श्रुतपंचमी महोत्सव प्रारम्भ - श्रवणबेलगोला में आज दिनांक 7 जून को दोपहर 2 बजे 12 दिवसीय श्रुतपंचमी महोत्सव प्रारम्भ हो गया। स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी की प्रेरणा और निर्देशन में विद्वानों को सम्मानित किया गया और उनकी भव्य शोभायात्रा निकाली गई। तत्पश्चात् आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज एवं समस्त मुनि-आर्यिका संघ के सानिध्य में शास्त्री परिषद् का अधिवेशन प्रारम्भ हुआ। इस सत्र में प्राचार्य ब्र. अनिल भैया, अन्तर्राष्ट्रीय जैन विद्वान डॉ. हम्पाना, गणिनी आर्यिका माताजी एवं मुनिश्री उत्तम सागर जी सहित तीन मुनिराजों और आचार्यश्री वर्धमान सागर जी एवं आचार्यश्री वासुपूज्य सागर जी ने सम्बोधित किया।
संयुक्त मंत्री पं. विनोद कुमार जैन रजवांस ने शास्त्री परिषद् बुलेटिन के "संयम स्वर्ण विशेषांक" का विमोचन आचार्यश्री वर्धमान सागर जी, स्वस्तिश्री भट्टारक स्वामीजी एवं डॉ. श्रेयांस कुमार जी से करवाया। सभा का संचालन परिषद् के महामंत्री ब्र. जय कुमार जैन 'निशान्त' ने किया। रात्रिकालीन सत्र में विद्वानों की सभा में परम पूज्य स्वस्तिश्री भट्टारक चारुकीर्ति महास्वामीजी ने गोमट्टसार ग्रंथ का स्वाध्याय किया। उन्होंने तथा डॉ. श्रेयांस कुमार जी ने विद्वानों की अनेक जिज्ञासाओं का समाधान किया।  
 

संयम स्वर्ण महोत्सव के उपलक्ष पर सेन्ट्रल जेलों में लगे वाटर कूलर

सेन्ट्रल जेलों मैं जैन समाज ने लगवाये वाटर कूलर     तस्वीरें देखे - केंद्रीय जेल - इंदौर मैं लगाया वाटर कूलर  सेंट्रल जेल - भोपाल मैं लगाया वाटर कूलर सर्किल जेल - सिवनी में  वाटर कूलर प्रदान किया गया। केन्द्रीय जेल - नरसिंहपुर में वाटर कूलर प्रदान किया गया | केंद्रीय जेल - बडवानी वाटर कूलर प्रदान किया गया | केंद्रीय जेल - उज्जैन मैं वाटर कूलर प्रदान किया | सेंट्रल जैल - ग्वालियर में वाटर कूलर प्रदान किया गया |

पपोरा जी में आज हुआ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश ! सहस्त्रकूट जिनालय एवम प्रतिभास्थली निर्माण की घोषणा।

परम पूज्य आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का आज भव्य मंगल प्रवेश अतिशय क्षेत्र श्री पपोरा जी जिला टीकमगढ़ में भक्तों के अपार उत्साह और अत्यंत भक्ति भाव के साथ हुआ! प्रस्तुत है ऐसी झलकियाँ जिन्हें हर कोई जानना चाहेगा !

आज प्रातः लगभग 7 बजे से ही पूज्य आचार्य संघ की अगवानी का क्रम शुरू हुआ ! यहाँ अब तक का सबसे बड़ा इतिहास रचा गया ! लगभग साडे चार कि.मी. लम्बी शोभा यात्रा में देश भर के करीब 1 लाख श्रद्धालु सामिल हुए! भक्तो का सैलाब इस कदर था कि सब ओर, कोई ओर छोर दिखाई ही नही दे रहा था ! पूज्य आचार्यश्री जी के मंचासीन होते ही बाल ब्र श्री सुनील भैया जी इन्दौर द्वारा बड़ी ही कुशलता से बोलियाँ प्रारंभ की गई। देखते ही देखते पाद प्रक्षालन की बोली 100-100 कलश पार कर गई। पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्रेष्टि श्री राजा जैन कारी टीकमगढ़ परिवार एवं श्रेष्ठी श्री महेंद्र कुमार लोहिया परिवार को प्राप्त हुआ ! इसके अलावा भी कई बोलियाँ लगाई गई जो अभूतपूर्व थी। शहस्त्रकूट जिनालय में स्थापित होने बाली दो प्रतिमाओं के अनावरण भी सम्पन्न हुए।   बनेगा सहस्त्र कूट जिनालय - पपोराजी में बनने वाले इस भव्य जिनालय का निर्माण स्वर्ण वर्ण के पीले पत्थर से किया जावेगा! इस जिनालय के सम्पूर्ण रूप से निर्माण के पुण्यशाली पुन्यार्जक बनने का सौभाग्य प्राप्त किया श्रेष्ठी श्री राजा जैन कारी परिवार टीकमगढ़ (अनुमानित निर्माण लागत 700 कलश )!   प्रतिभा स्थली के निर्माण को मिली स्वीकृति, हुई घोषणा - पूज्य आचार्यश्री का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने बाले, शिक्षा और संस्कार प्रदान करने हेतु भारत की चोथी और मप्र की दूसरी प्रतिभा स्थली पपौरा जी मे प्रारंभ करने की घोषणा आज कर दी गई! मिली जानकारी अनुसार इसी वर्ष 108 बेटियों के प्रवेश के साथ एक नव निर्मित अन्य भवन में प्रतिभा स्थली प्रारंभ कर दी जावेगी। प्रतिभा स्थली हेतु अपने प्रथक भवन का शिलान्यास भी अतिशीघ्र होने जा रहा है यह भवन लगभग एक वर्ष में तैयार हो जावेगा। (यह सभी जानकारी सूत्रों से प्राप्त अनुसार है। कोई त्रुटि होने पर हमें सूचित अवश्य करें।)

देश की राजधानी नई दिल्ली में मना संयम स्वर्ण महोत्सव

अपराजेय साधक अन्तर्यात्री महापुरुष दिगम्बराचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का 50वां संयम स्वर्ण महोत्सव दिनांक 15 अप्रैल को देश की राजधानी नई दिल्ली में आचार्य श्री के आज्ञानुवर्ती शिष्यों के सान्निध्य में भव्य तरीके से मनाया गया। कार्यक्रम के मंगल प्रेरणा स्त्रोत मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज तथा मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज थे। सी बी डी ग्राउंड, करकरडूमा में आयोजित इस कार्यक्रम में आचार्य श्री के शिष्य मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज, मुनिश्री चंद्र सागर जी महाराज, मुनि श्री वीर सागर जी महाराज, मुनि श्री विशाल सागर जी महाराज तथा मुनि श्री धवल सागर जी महाराज द्वारा सान्निध्य प्रदान किया गया। श्री सुधा-प्रमाण प्रभावना संघ, दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ श्री अशोक जी जैन पाटनी श्रीमती सुशीला जी जैन पाटनी, आर के मार्बल्स द्वारा ध्वजारोहण द्वारा किया गया।   संयम स्वर्ण महोत्सव कार्यक्रम में समारोह अध्यक्ष के रूप में श्री राजेन्द्र के गोधा, संपादक - समाचार जगत उपस्थित थे तथा मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रदीप जैन आदित्य, झांसी, श्री हुक़ूमसहन्द जैन काका, कोटा, श्री प्रमोद जैन कोयले वाले,  श्री पंकज जैन पारस चैनल, श्री महावीर जी अष्टगे, आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मंगलाचरण के पश्चात आचार्य श्री की नृत्य एवं संगीतमय पूजन की गई जिसमें दिल्ली के विभिन्न स्थलों से आये महिला मंडल एवं बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में नवीन शाहदरा के महिला मंडल "जैन अपनापन फाउंडेशन" द्वारा मुख्य भूमिका निभाई गई। युवा साथी श्री सचिन जैन, श्री आशीष जैन तथा श्री नीरज जैन की अथक प्रयासों ने कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए।   कार्यक्रम का संचालन भैया प्रदीप जैन "सुयश" तथा गौरव जैन छाबड़ा द्वारा किया गया तथा नीलेश जैन व पंकज जैन ने अपनी स्वर लहरियों से पूरे कार्यक्रम को बांधे रखा। मुनिश्री वीरसागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में आचार्य श्री के गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि गुरुवर में अपने पूर्ववर्ती आचार्य शांतिसागर जी महाराज, आचार्य वीरसागर जी, आचार्य शिवसागर जी तथा आचार्य ज्ञानसागर जी के गुणों को एकसाथ देखा जा सकता है।   मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने गुरुवर के प्रति कविताओं के माध्यम से विनयांजलि प्रस्तुत की। नई दिल्ली में संयम स्वर्ण महोत्सव का आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक रहा और दिल्ली जैन समाज में इस कार्यक्रम ने जबरदस्त छाप छोड़ी।   CA गौरव छाबड़ा   ----------   जैसे ही आचार्य भगवंत के आशीर्वाद से पांच ऋषिराजो का जो अपनी तप संयम की साधना में कथंचित किसी भी तरह का दोष नही लगाते निर्दोष मुनि चर्या के पॉलक और वह भी अल्प उम्र के बाल ब्रह्मचारी मुनि जिनकी चेहरे की चमक देखते ही युवाओ की टोलियां की टोलियां उनके दर्शनार्थ आने लगी व्यस्को ने तो जैसे बगैर बोल सुने ही सब कुछ समझ लिया जैसे एक नवजात बच्चा अपनी माँ के अनकहे शब्दो की भली भांति समझने लगता है  बृद्ध भी अपने आप को गौरवशाली मानने लगे कि चलो अंत समय ही सही सद ज्ञान और सच्चे वीतरागी श्रमण के दर्शन का सौभाग्य तो मिला
                ऐसे ऋषिराजो के सानिध्य में सचिन आशीष और नीरज तीन युवाओ ने जगत पूज्य मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज एवं मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं निर्देशन में आचार्य भगवंत के संयम स्वर्ण महोत्सव का एक भव्यातिभव्य आयोजन को रखा चूंकि आयोजन दिल्ली की सर जमी पर था और सानिध्य था पाँच पाँच मुनिराजों का जो अपनी साधना के लिये प्रख्यात है सो आयोजको को समन्वय करने भी खाशी दुबिधा हो रही थी एक तरफ तो भीषण गर्मी थी दूसरी और संघ के साधुगण किसी भी तरह से पंखों का इस्तेमाल हवा के लिये नही करते है सो पांडाल में भी उसी तरह के माहौल को बनाया गया ताकि आने वाले देख कर अंदाजा लगा सके कि गर्मी में बगैर पंखे के बैठना भी साधना है ना कि वातानुकूलित कमरों में बैठ कर जप आदि करना
            जैसे ही आयोजन प्रारम्भ हुआ भीड़ से पांडाल खचाखच भर गया और जब तक आयोजन चलता रहा मजाल था कि भीड़ में से कुछ भी व्यक्ति बाहर निकले हो अथार्त सभी व्यक्ति अंत अंत तक सभी मुनि राजो के मुँह से आचार्य भगवंत की दीक्षा के कुछ संस्मरणों को सुनने में ही लगे रहे जो कि दिल्ली जैसे शहर में एक नए इतिहास के बराबर है
              मुनि श्री चंद्र सागर जी महाराज ने कहा कि मुझे तो उम्मीद भी नही थी जिस शहर के आदमी पिच्छी लगवाने को आतुर रहते यानि आश्रीवाद तो पिच्छी का ही मान है उस भौतिक चकाचौंध वाली  नगरी के सभी लोग आज पीछे पीछे भागे आ रहे है
           मुनिराजों के मंगल आशीष को सुन कर बीच बीच मे पांडालके बैठे श्रावको ने बार बार उत्साह पूर्वक तालियों से समर्थन किया जब यह कहा गया कि आप ने अभी जो परीक्षा दी है आप उसमे पास हो गए है यदि ऐसी ही ललक आप सभी में बनी रही तो पक्का है एक दिन आचार्य भगवंत स्वयं साक्षात दिल्ली आएंगे
              आयोजन में शहर के बाहर से पधारे भक्तों ने भी दिल्ली शहर में होने वाले इस अविस्मरणीय आयोजन की खूब खूब तारीफ की मात्र कुछ ही दिनों में इतने बड़े आयोजन को करना ऐसे ही सम्भव तो नही किन्तु इस असम्भव कार्य को संभव किया एक टीम भावना से काम करने वाली कुछ महिलाओं के संघटन ने जिनका नाम जैन अपनापन फाउंडेशन था 
               श्री सुधा प्रमाण संघ के इन युवाओ ने जो महती प्रभावना पूर्ण कार्य को अंजाम दिया उसमे आने वाले सभी रहवासियों ने मुनिराजों की साधना का जमकर दीदार किया और प्रशंसा में खूब कसीदे कहे 
           अब लगता है वह दिन दूर नही जब दिल्ली से एक दो नही वरन सैकड़ों लोग आचार्य भगवंत के दर्शनों को इस भावना से करने अवश्य आये
कि-- जिसकी कृति है इतनी सुंदर 
वो कितना सूंदर होगा
             आयोजन समिति के सभी सदशयो को बार बार साधुवाद देते हुए उनके द्वारा किये गए इस अभूतपूर्व कार्य की सराहना करता हु और वीर प्रभु से अनुरोध करता हु कि मुनिराजों के द्वारा मनाए गए इस आयोजन की धूम से जैन धर्म का विस्तार हो और आचार्य भगवंत की जगत में जय जय कार हो
                 आचार्य भगवंत के चरणों मे सत सत नमन श्रीश ललितपुर
  --------------------------  
×