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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

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जय जिनेन्द्र

शीर्षक - परिग्रह छोड़ो, परोपकार करो।

भावार्थ - जो परिग्रह से मुक्त होते है, उनके ऊपर कोई ग्रह अपना प्रभाव नहीं डाल सकता।

नमोस्तु आचार्य श्री ़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़😊

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