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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज


1 आचार्यश्री के मुखारविंद से सुनें मूकमाटी भाग 1 - आचार्य विद्यासागर जी
2 आचार्यश्री के मुखारविंद से सुनें मूकमाटी भाग 2 - आचार्य विद्यासागर जी
3 आचार्यश्री के मुखारविंद से सुनें मूकमाटी भाग 3 - आचार्य विद्यासागर जी

5 Comments

अद्भुत काव्यपाठ,अनुपम कृति का अनूठा वाचनाकार,ये कर्ण इंद्रिय का मिलना सफल हुआ। धन्य हो गुरुदेव.जय हो आपकी.

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1 minute ago, Uma Jain said:

अद्भुत काव्यपाठ,अनुपम कृति का अनूठा वाचनाकार,ये कर्ण इंद्रिय का मिलना सफल हुआ। धन्य हो गुरुदेव.जय हो आपकी.

 

Edited by Uma Jain
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नमोस्तु गुरुवर आपकी ये अनूठी रचना और आपके ही मुखारविन्द से सुनना जीवन धन्य हो गया इसके बारे में कुछ कह पाना सूरज को दीपक दिखाना है बस एक शब्द है अद्भुत अद्भुत🙏🙏🙏🙏🙏

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Vidyasagar.Guru

आचार्यश्री के मुखारविंद से सुनें मूकमाटी महाकाव्य के चयनित अंश
आचार्य विद्यासागर जी

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