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Sanyog Jagati

सभी के कष्ट दूर हो ऐसी भावना भाये:-मुनि श्री भाव सागर जी महाराज

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*खितौला* *22-03-2019* 

सभी के कष्ट दूर हो ऐसी भावना भाये:-मुनि श्री 

खितौला सिहोरा  जबलपुर ( मध्यप्रदेश) मे सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य *मुनि श्री  विमल सागर जी महाराज ससंघ* के सानिध्य मे 21 मार्च को दोपहर में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर खितौला में सम्मान समारोह में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि मंदिर बहुत सुंदर है और प्रतिमा भी अष्टधातु की विशाल प्रतिमा है।पंचकल्याणक भी अद्वितीय हुआ है।छोटी समाज होकर भी यह बड़ा कार्य किया है।आप प्रशंसा के पात्र हैं। सभी ने तन मन धन से सहयोग किया है। यह मंदिर गरीब और अमीर सभी का है। इसलिए पंचायती मंदिर बनाए जाते हैं। प्रतिमा विराजमान करवाने वाले वेदी आदि बनवाने वाले एवं मंदिर को वस्तु दान करने वाले अपना स्वामित्व नहीं रखें। दान देने के बाद यदि समय के अंदर नहीं देते हैं तो निर्माल्य का दोष लगता है और बहुत सी बीमारियां होती हैऔर बहुत सी परेशानियां आती हैं।आगे की पीढ़ी पूजन अभिषेक करेंगी तो आपको भी उसका पुण्यार्जन होगा अच्छे कार्यों में विघ्न तो आते है। णमोकार मंत्र विश्व का शक्तिशाली मंत्र है जिनेवा में 1997 मे विश्व शांति मंत्र की उपाधि मिली है। इसके प्रभाव से कैंसर जैसे रोग भी ठीक हो गए भक्तामर स्त्रोत के प्रभाव से भी विभिन्न परेशानियां दूर हो गई मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि गुणवान व्यक्ति वही होता है जो विवेक बान होता है आप लोगों ने बहुत अच्छी शुरुआत की है। आज होली का दिन है आप लोग मंदिर में होली मना रहे हैं। मंदिर धार्मिक अनुष्ठानों से सुशोभित होते हैं। भक्ति आराधना करने से अतिशय घटित होते हैं। भक्तों की भक्ति में अतिशय होते हैं। जीवन का कोई भरोसा नहीं है कब क्या हो जाए और हमारे अरमान रह जाए होली को विवेक पूर्वक मनाएं।दौड़ना है तो सिंह की दौड़ में दौड़ो। हे भगवन आपकी श्रद्धा के बिना मुझे बहुत ही संपदा भी मिल जाए तो वह व्यर्थ है।जो भगवान के करीब होता है वह गरीब नहीं होता है।जीवन भर के लिए जो ब्रह्मचर्य व्रत धारण करता है ऐसी भावना करता है वह अतुल बलशाली होता है। मैंने पूर्व में जीवो का सम्मान नहीं किया होगा इसलिए आज सम्मान नहीं मिल रहा है। सभी के कष्ट दूर हो ऐसी भावना करना चाहिए जैसे भाव होते हैं वैसा पूण्य का अर्जन होता है। श्रद्धा के केसर से होली खेले बिना शांति के धार्मिक अनुष्ठानों का आनंद नहीं आता है।पंचकल्याणक में पात्र बनने वालों का सम्मान किया गया चित्र अनावरण अजित कुमार जैन (मझौली वालों)सिहोरा विनोद कुमार जैन सौधर्म इंद्र के द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया संचालन राहुल सिंघई ने किया सम्मान मंदिर कमेटी पंचकल्याणक कमेटी ने किया।

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