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Sanyog Jagati

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About Sanyog Jagati

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  • Birthday 05/12/2001

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    Gourjhamar Sagar m.p

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  1. ■◆◆◆■◆◆◆■◆◆◆■◆◆◆ *खितौला* *22-03-2019* सभी के कष्ट दूर हो ऐसी भावना भाये:-मुनि श्री खितौला सिहोरा जबलपुर ( मध्यप्रदेश) मे सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य *मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ* के सानिध्य मे 21 मार्च को दोपहर में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर खितौला में सम्मान समारोह में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि मंदिर बहुत सुंदर है और प्रतिमा भी अष्टधातु की विशाल प्रतिमा है।पंचकल्याणक भी अद्वितीय हुआ है।छोटी समाज होकर भी यह बड़ा कार्य किया है।आप प्रशंसा के पात्र हैं। सभी ने तन मन धन से सहयोग किया है। यह मंदिर गरीब और अमीर सभी का है। इसलिए पंचायती मंदिर बनाए जाते हैं। प्रतिमा विराजमान करवाने वाले वेदी आदि बनवाने वाले एवं मंदिर को वस्तु दान करने वाले अपना स्वामित्व नहीं रखें। दान देने के बाद यदि समय के अंदर नहीं देते हैं तो निर्माल्य का दोष लगता है और बहुत सी बीमारियां होती हैऔर बहुत सी परेशानियां आती हैं।आगे की पीढ़ी पूजन अभिषेक करेंगी तो आपको भी उसका पुण्यार्जन होगा अच्छे कार्यों में विघ्न तो आते है। णमोकार मंत्र विश्व का शक्तिशाली मंत्र है जिनेवा में 1997 मे विश्व शांति मंत्र की उपाधि मिली है। इसके प्रभाव से कैंसर जैसे रोग भी ठीक हो गए भक्तामर स्त्रोत के प्रभाव से भी विभिन्न परेशानियां दूर हो गई मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि गुणवान व्यक्ति वही होता है जो विवेक बान होता है आप लोगों ने बहुत अच्छी शुरुआत की है। आज होली का दिन है आप लोग मंदिर में होली मना रहे हैं। मंदिर धार्मिक अनुष्ठानों से सुशोभित होते हैं। भक्ति आराधना करने से अतिशय घटित होते हैं। भक्तों की भक्ति में अतिशय होते हैं। जीवन का कोई भरोसा नहीं है कब क्या हो जाए और हमारे अरमान रह जाए होली को विवेक पूर्वक मनाएं।दौड़ना है तो सिंह की दौड़ में दौड़ो। हे भगवन आपकी श्रद्धा के बिना मुझे बहुत ही संपदा भी मिल जाए तो वह व्यर्थ है।जो भगवान के करीब होता है वह गरीब नहीं होता है।जीवन भर के लिए जो ब्रह्मचर्य व्रत धारण करता है ऐसी भावना करता है वह अतुल बलशाली होता है। मैंने पूर्व में जीवो का सम्मान नहीं किया होगा इसलिए आज सम्मान नहीं मिल रहा है। सभी के कष्ट दूर हो ऐसी भावना करना चाहिए जैसे भाव होते हैं वैसा पूण्य का अर्जन होता है। श्रद्धा के केसर से होली खेले बिना शांति के धार्मिक अनुष्ठानों का आनंद नहीं आता है।पंचकल्याणक में पात्र बनने वालों का सम्मान किया गया चित्र अनावरण अजित कुमार जैन (मझौली वालों)सिहोरा विनोद कुमार जैन सौधर्म इंद्र के द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया संचालन राहुल सिंघई ने किया सम्मान मंदिर कमेटी पंचकल्याणक कमेटी ने किया।
  2. ■◆◆◆■◆◆◆■◆◆◆■◆◆◆ *खितौला* *16-03-2019* *तप की महिमा अपरंपार है:- मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज खितौला सिहोरा जबलपुर ( मध्यप्रदेश) मे सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी ससंघ के सानिध्य मे पंचकल्याणक के अंतर्गत तप कल्याणक की क्रियाएं सपन्न हुई। प्रातः काल श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर खितौला से मुनि श्री बारी बहू स्टेडियम पहुचे लोगो ने भक्ति नृत्य करके खुशीयाँ मनाकर आनंद लिया और आरती की गई और अभिषेक शांतिधारा पूजन की गई आचार्य श्री की पूजन हुई मुनि श्री भाव सागर जी के द्वारा पूजन करवाई गई। शहपुरा (भिटोनी),सिहोरा जैन समाज के द्वारा पूजन की द्रव्य लाई गई मुनि श्री विमल सागर महाराज ने आष्टनिकापर्व में 13-14 मार्च को 2 उपवास किये है पारणा के बाद 16 -17 मार्च को बेला यानी 2 उपवास धारण किए हैं ज्ञात हो कि छपारा में लगातार छह उपवास किए थे ।गौरझामर में चार उपवास लगातार किए थे ।और गौरझामर में एक उपवास एक आहार की साधना की थी। दिल्ली के कलाकारों द्वारा नाटिका की प्रस्तुति दी गई उदयपुर राजस्थान के बैंड की शानदार प्रस्तुति हुई। 17मार्च, 2019 रविवार को केवलज्ञान कल्याणक,18मार्च 2019 सोमवार को मोक्ष कल्याणक एवम गजरथ फेरी होगी एंव 19 मार्च 2019 सोमवार को श्री जी नवीन वेदी पर विराजमान होगें एंव कलशारोहण ध्वज दंड स्थापित होगा यह कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य ब्रहमचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में हुआ। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अंनतसागर जी ने कहा कि तप कल्याणक का दिन है आज तप विभिन्न रूप से किए जाते हैं। रस त्याग आदि करके भी किए जाते हैं । भगवान ने कठिन साधना की तब जाकर वह महान बने तीर्थंकरों ने बहुत सारा वैभव त्यागकर मुनि पद धारण किया ।तप के द्वारा व्यक्ति ख्याति चाहता है हमारे कर्मों का क्षय हो इसलिए तप किए जाते हैं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज गुरुदेव बड़े-बड़े तप एवं साधना करते हैं लेकिन किसी भी ख्याति आदि की इच्छा नहीं रखते हैं। आचार्य श्री जी ने कहा था मुक्तागिरी में कि हमारे जब तक आवश्यक पल रहे है निर्दोष चर्या हो रही थी तब तक 9 उपवास किए मुझे रिकॉर्ड नहीं बनाना है । लिखा रहता है , *नकल हमेशा होती है बराबरी कभी नहीं होती* गुरुदेव की मुक्तागिरी में 9 उपवास के बाद पारणा हुई ,आचार्य श्री कठिन तप करते रहते हैं धर्म-कर्म की बात आती है तो कहीं कमर में दर्द होता है तथा अन्य शारीरिक परेशानियां आ जाती है लौकिक कार्यों में सब दर्द ठीक हो जाते हैं।पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी ने तप का महत्व बताते हुए कहा कि तप के साथ मरण करके जीव का 7 या 8 भव में उद्धार हो जाता है ।चारो गतियो के दुख सहे है सब कुछ अनुकूल नही मिलता यह संसारी प्राणी अकेला जन्मता है और अकेले मरता है कोई साथ नही जाता है यह अकेला कर्म करता है और अकेला ही भोगता है,जो धर्म करते है वो संसार से खाली नही जाते लबालब भरे जाते है।काया रोग की माया है दिन रात पोषण के बाद भी हमारा साथ नही देती ।कमेटी के लोगों ने जानकारी दी कि 4 वर्ष में यह मंदिर तैयार हुआ है मंदिर 3 मंजिल है अष्टधातु की मूलनायक पारसनाथ भगवान की प्रतिमा है जो जबलपुर जिले की प्रथम प्रतिमा है जैसलमेर 5 फ़ीट की चंद्रप्रभु भगवान की प्रतिमा है चार वेंदी बन चुकी है राजस्थान के कारीगरों द्वारा यह कार्य किया गया है प्रसिद्ध वास्तु विद, इंजीनियर के मार्गदर्शन में यह कार्य हुआ है शहपुरा भिटौनी से आये शुभाशुं जैन ने समाज की ओर से भावना व्यक्त की ।। पिच्छीका देने का सौभाग्य शचि इंद्राणी मरूदेवी एवं ब्रह्मचारिणी दीदी को मिला एवं कमंडल देने का सौभाग्य ब्रह्मचारी भाइयों सौधर्म इंद्र एवं नाभिराय को प्राप्त हुआ ।सौधर्म इंद्र ने आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण किया। ■◆◆◆■◆◆◆■◆◆◆■■◆◆◆
  3. ■◆◆◆■◆◆◆■◆◆◆■◆◆◆ *खितौला* *15-03-2019* *रंगोली से वास्तु दोष दूर होते है :-मुनि श्री विमल सागर जी महाराज* खितौला सिहोरा जबलपुर ( मध्यप्रदेश) मे सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी ससंघ के सानिध्य मे पंचकल्याणक के अंतर्गत जन्म कल्याणक की क्रियाएं सपन्न हुई। प्रातः काल श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर खितौला से मुनि श्री बारी बहू स्टेडियम पहुचे लोगो ने भक्ति नृत्य करके भगवान के जन्म की खुशीयाँ मानाकर आनद लिया और आरती की गई और अभिषेक शांतिधारा पूजन आरती की गई आचार्य श्री की पूजन हुई मुनि श्री भाव सागर जी के द्वारा पूजन करवाई गई। भगवान आदि कुमार का पांडुक शिला पर 1008 कलशों से जन्माभिषेक किया गया पूरे नगर में मिष्ठान वितरण किया गया। दिल्ली के कलाकारों द्वारा नाटिका की प्रस्तुति दी गई उदयपुर राजस्थान के बैंड की शानदार प्रस्तुति हुई। 16 मार्च शनिवार को तपकल्याणक की क्रियाए संपन्न होंगी। यह कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य ब्रहमचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में हुआ। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि आज अत्यंत प्रसन्नता का दिन है मुनि श्री विमल सागर महाराज जी ने कहा कि आज अत्यंत प्रसन्नता का दिन है आज लुटा दो जो कुछ लुटाना है जिन्होंने तीन लोक के कल्याण की भावना भायी थी उसी के परिणाम स्वरुप यह पद प्राप्त हुआ है आज भी कलिकाल में पंचकल्याणक करने से भी विशेष पुण्य का अर्जन होता है। *सीना तो तानों पसीना तो बहाओ धर्म कार्य में* जिसके अंदर दया का स्थान करुणा होती है और जियो और जीने दो की भावना से कार्य करते हैं वह तीर्थंकर बनते हैं ।आज पशुपालन बंद हो गया है क़त्ल खानों में गायों को निर्दयता पूर्वक काटा जा रहा है आपके बेल्ट पर्स आदि बनते हैं। गाय की रक्षा करने के लिए आपको आगे आना चाहिए गायों के भोजन की व्यवस्था करना चाहिए। भगवान का सुंदर रूप होता है भगवान की भक्ति करने से सुंदर रूप मिलता है ऐसी भक्ति करो कि अगले भव में भगवान बन जाओ। समय निकालकर भगवान की पूजन करें और प्रवचन सुने। भगवान के 1008 नामों से स्तुति करें । सौधर्म इन्द्र एरावत हाथी पर बैठकर बालक को सुमेरु पर्वत में ले जाता है और 1008कलशों से अभिषेक करता है। लोग बदलते जा रहे हैं ऐसे पात्रों का उपयोग कर रहे हैं पूजन अभिषेक किया और अलग कर देते आप लेकिन उपदेश दिया अच्छे पात्रों से अभिषेक करें तो लोगो ने परिवर्तित किए ।जन्मदिन मनाएं तो केक नहीं काटे मिठाई बांटे मोमबत्ती नहीं बुझाए दीपक से आरती करें अभिषेक करवाएं विधान करवाएं और जितने वर्ष के हो गए हो तो उतने श्री फल चड़ाए उतने दीपक से आरती करें मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि आज भगवान का जन्म हुआ है इस भारत में अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है यह देश पहले विश्व गुरु था हमारे पास बहुत से गुरुकुल थे दुनिया में यदि कोई संपदा है तो वह गाय है हमारा देश नशा मुक्त हो युवाओं को नशे से बचाना है हमारे युवा अभिषेक करें पूजन करें क्योंकि बाद में बड़े शहरों में पहुंचने के बाद पूजन नहीं करते हैं । भारत को भारत ही बनाना है इंडिया नहीं। हिंदी भाषा को महत्व दें चुनाव आने वाला है हम अपनी मांगें ऐसे लोगों तक पहुंचाए हमारी तीन संताने होना चाहिए एक देश के लिए एक समाज के लिए एक अपने लिए। जिस प्रकार अभिनंदन जैन ने दूसरे देश में जाकर वीरता का कार्य किया ऐसे ही हमारे युवाओं को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे देश समाज और परिवार का गौरव बड़े ऐसी संतान को जन्म दे जो कुछ अच्छा कार्य करें। प्रतिष्ठा चार्य जी ने बतायाअपने घर के आगे रंगोली डालने स वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। इंद्रदेव ने भी किया अभिषेक पूजन। गौशाला के लिए लोगों ने दान दिया और मंदिर के लिए अभिषेक शांतिधारा और पूजन के बर्तन दिए।
  4. *खितौला* 14-03-2019 *आज की संतान माता माता पिता के उपकार को भूल जाती है*- मुनि श्री खितौला सिहोरा जबलपुर ( मध् यप्रदेश) मे सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य *मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि धर्मसागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी ससंघ* के सानिध्य मे पंचकल्याणक के अंतर्गत गर्भ कल्याणक उतार रूप की क्रियाएं सपन्न हुई। प्रातः काल श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर *खितौला *से मुनि श्री बारी बहू स्टेडियम पहुचे लोगो ने भक्ति नृत्य करके आनद लिया और आरती की गई और मंत्रो के द्वारा मंदिर की शुद्धि की गई । अभिषेक शांतिधारा पूजन आरती की गई आचार्य श्री की पूजन हुई मुनि श्री भाव सागर जी के द्वारा पूजन करवाई गई। भगवान की माता की गोद भराई का कार्यक्रम हुआ । दिल्ली के कलाकारों द्वारा नाटिका की प्रस्तुति दी गई उदयपुर राजस्थान के बैंड की शानदार प्रस्तुति हुई। 15 मार्च शुक्रवार को जन्मकल्याणक की क्रियाए संपन्न होंगी। 1008कलशों से भगवान का जन्मअभिषेक होगा। यह कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य ब्रहमचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में हुआ। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि भाग्य का अतिशय होता है तब पंचकल्याणक होते हैं जिसके अंदर विश्व कल्याण की भावना आ जाती है तो तीर्थंकर बनते हैं। आस्था कहती है कि रात के अंधेरे में भी में बेधड़क चलती हूं। आस्था मजबूत होती है तो कहीं कोई शंका नहीं होती। महावीर जयंती के दिन विवाह आदि कार्य नहीं करें ,एक दिन वर्ष में मिलता है और अवकाश रहता है तो धर्म की प्रभावना करें विश्व को संदेश देने के लिए कि अहिंसा के उपासक की जन्म जयंती है। जो प्रतिमाओं को विराजमान करता है वह धन्य है और पूजन एवं भक्ति अभिषेक करता है उसका पुण्य पड़ता है और वह मुक्ति को प्राप्त करता है।भगवान की जो अच्छे अच्छे द्रव्यो से पूजा करता है उसकी महिमा का वर्णन कौन कर सकता हैं।दूध निकालने वाले व्यक्ति पशुओं को इंजेक्शन लगाते हैं जिससे पशुओं को कष्ट होता है और दूध नुकसानदायक होता है। फास्ट फूड नहीं खाना चाहिए। ऐसी संतान को जन्म दू जो तीनों लोको का कल्याण करने वाला हो।सिहोरा से एक ऐसी संतान निकाली जो मुनि श्री और प्रसाद सागर जीमहाराज जी बने। दोपहर में मुनि श्री अचल सागर जी ने कहा कि प्रत्येक जीव मात्र के कल्याण की भावना भाने वाला तीर्थंकर बनता हैं। आज की संतान माता पिता के उपकार को भूल जाती है। खूंखार व्यक्ति की संगत से व्यक्ति खूंखार हो जाता है। मनोरंजन के साधन आज अधोपतन के साधन बनते जा रहे हैं, एक गेम है पपजी वह खतरनाक साबित हो रहा है। फ्री फायर भी एक हिंसक गेम है देश के सैनिक यदि बलिदान नहीं देते तो हमारे देश की स्थिति खराब हो जाती। घर परिवार में माहौल खराब होता जा रहा हैं,तलाक जदा हो रहे है। फैशन के तरीके बदल रहे है, पहले इतनी बीमारियां नहीं होती थी किन्तु आज बहुत बीमारियां होने लगी है, मानसिक तनाव ज्यादा हो रही है अंदर अंदर घुटन हो रही है। कुंडलपुर दमोह के बड़े बाबा का ओरा आश्चर्यचकित करने वाला रहा शांति धारा के बाद ओरा और बढ़ गया आप भी विश्व शांति महायज्ञ करने जा रहे हैं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का आभामंडल भी आश्चर्यचकित करने वाला रहा।
  5. *खितौला* 13-03-2019 *धर्म के बिना जीवन शून्य होता है*- मुनि श्री खितौला सिहोरा जबलपुर ( मध्यप्रदेश) मे सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य *मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि धर्मसागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी ससंघ* के सानिध्य मे पंचकल्याणक के अंतर्गत ध्वजारोहण हुआ। प्रातः काल श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर खतौला से मुनि श्री बारी बहू स्टेडियम पहुचे लोगो ने भक्ति नृत्य करके आनद लिया और आरती की गई और मंत्रो के द्वारा पात्रों की सकली करण के द्वारा की शुद्धि की गई । अभिषेक शांतिधारा पूजन आरती की गई। दिल्ली के कलाकारों द्वारा नाटिका की प्रस्तुति दी गई उदयपुर राजस्थान के बैंड की शानदार प्रस्तुति हुई। 14 मार्च गुरुवार को गर्भकल्याणक की क्रियाए संपन्न होंगी। यह कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य ब्रहमचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में हुआ। * अजित कुमार जैन अभिषेक कुमार जैन (मंझोली वाले)सिहोरा ने विशेष सहयोग दिया। *ध्वजारोहण करने का सौभाग्य* निर्मलचंद,विमलचंद,दिनेश ,राजेश, सतेंद्र,नीरज,विकाश (विशु),विनीत, निक्की, मोंटी शास्त्र अर्पण करने का सौभाग्य *इंजीनियर अर्जित जैन* जबलपुर ने प्राप्त किया।मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि ध्वजारोहण के बिना मांगलिक कार्य अधूरे होते हैं। ध्वजा धर्म देवता का प्रतीक है। धर्म से सर्वश्रेष्ठ सुख की प्राप्ति होती है। धर्म के बिना जीवन शून्य होता है । जो नव देवता को नमस्कार करता है उसके अंदर धर्म का प्रवेश होता है। जल गालन की प्रक्रिया पंचम काल के अंत तक चलेगी। दान और पूजा श्रावक के प्रमुख कर्तव्य है। पंचकल्याणक में ऐसा पुण्य संचय कर लेना कि हमारा कल्याण हो जाए। धर्म की ध्वजा की रक्षा करने में ही राजा का मरण होता है। धर्म की रक्षा के लिए शरीर का भी त्याग करना पड़े तो भी कोई परेशानी नहीं। दोपहर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अनंत सागर जी ने कहां कि अनुष्ठान के द्वारा सिर्फ मनोरंजन नहीं करना है किंतु हमें आत्म कल्याण करना है। जो कार्य महापुरुषों ने किए हैं वही हम करेंगे तो भगवान जैसे बनेंगे। आचार्य श्री ने कहा था कि उन महापुरुषों का चरित्र पढ़ो जिन्होंने मुड़कर नहीं देखा । गर्भ कल्याणक का प्रसंग है आज ।आधुनिक यंत्र बहुत खतरनाक साबित हो रहे हैं। गर्भ में आने वाली संतान को गर्भपात के माध्यम से मार देते हैं लोग। हो सकता वही संतान कोई विशेष व्यक्तित्व बने। कर्म लोन की तरह है।जो चुकाना ही पड़ेगा । *एक मिनट का मजा और जिंदगी भर की सजा* कर्म किसी को भी नहीं छोड़ते हैं विद्याधर को भी मल्लप्पा जी और श्रीमंती है कैसे संस्कार दिए कि पूरा परिवार ही संयममय हो गया और इस पूरे विश्व को अनोखे आचार्य श्री विद्यासागर जी जैसे संत मिले। ऐसी संतान हो जो माता पिता का नाम रोशन करे। संस्कार का योगदान महत्वपूर्ण होता है। जीवन को आनंदमय बनाएं। कार्यक्रम में नगर के आसपास के विशेष व्यक्तित्व आ रहे हैं । पनागर जैन समाज के द्वारा पूजन की द्रव्य अर्पण की गई .....................................................................
  6. 🌷 *पद विहार की जानकारी* 🌷 03/03/2019 *भारत के गौरव राष्ट्र हित चिंतक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य* *मुनि श्री विमल सागर जी महाराज( ससंघ)का बिहार मालथौन से खितौला के लिए चल रहा है *रात्रि विश्राम 3/03/2019*:- जबेरा (सभाबित) 03/03/2019 की आहरचार्य नोहटा मैं होगी *4/03/2019 की आहार चर्या* सिग्रामपुर (संभावित) *संभावित बिहार मार्ग* नोहटा से जबेरा 17k.m सिग्रामपुर 13 k.m गुबरा 4 k.m मझोली 10 k.m सिहोरा खितौला 20 k.m 05/03/2019 को मझोली मैं आहरचार्य होने की संभावना है *6/03/2019 को खितौला मैं दोपहर मैं प्रबेश होने की संभावना है* *संपर्क सूत्र* 7089095448 9926257007 9630986952 7024092007
  7. *अद्वितीयपंचकल्याणक महोत्सव* 12 से 18 मार्च 2019 *स्थान* श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर खितौला (सीहोरा) जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश) *कार्यक्रम स्थल* बारी बहु स्टेडियम खितौला *आशीर्वाद*:- बाल ब्रह्मचारी संघनायक आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज *संभावित सानिध्य* मुनि श्री 108 अभय सागर जी महाराज ससंघ *सानिध्य* मुनि श्री 108 विमल सागर जी मुनि श्री 108 अनंत सागर जी मुनि श्री 108 धर्म सागर जी मुनि श्री 108 अचल सागर जी मुनि श्री 108 भाव सागर जी महाराज ससंघ *मांगलिक महोत्सव कार्यक्रम* 11 मार्च 2019-सोमवार पात्र चयन दोपहर 1 बजे 12 मार्च 2019 मंगलवार घट यात्रा 13 मार्च 2019 बुधवार ध्वजारोहण गर्भ कल्याणक पूर्व रूप 14 मार्च2019 गुरुवार गर्भ कल्याणक उत्तररूप 15 मार्च 2019 शुक्रवार जन्म कल्याणक 16 मार्च2019 शनिवार तप कल्याणक 17 मार्च2019 रविवार ज्ञान कल्याणक 18 मार्च 2018 सोमवार मोक्ष कल्याणक/गजरथ फेरी *प्रतिष्ठाचार्य* प्रतिष्ठा सम्राट प्रतिष्ठा रत्न बाल ब्रह्मचारी विनय भैया जी बंडा *आयोजक* सकल दिगंबर जैन समाज खितौला (सिहोरा )जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश)कार्यक्रम का प्रसारण जिनवाणी चैनल पर होगा *खितौला पहुंच मार्ग* बहोरीबंद तीर्थ क्षेत्र 25 किमी, पनागर तीर्थ क्षेत्र- 20 गोसलपुर तीर्थ क्षेत्र-15 जबलपुर -39 कटनी- 52 जबलपुर कटनी मार्ग पर खितौला स्टेशन है। *संपर्क सूत्र* 9926357007 9329246533
  8. 🌷बिहार अपडेट🌷🌷 24/02/2019 सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य *मुनि श्री विमल सागर जी* *मुनि श्री अनंत सागर जी* *मुनि श्री धर्म सागर जी* *मुनि श्री अचल सागर जी* *मुनि श्री भाव सागर जी महाराज* का बिहार मालथौन से बंडा के लिए हो गया है *रात्रि विश्राम*:- मढैया *25/02/2019 की आहार चर्या* मढ़ैया में होगी मढ़ैया में आहार चर्या उपरांत मुनि श्री( ससंघ) का बिहार रजवास के लिए होगा *बिहार दिशा*:- बंडा संपर्क सूत्र +918109524921
  9. मालथौन 21 फरवरी 2019 *मूक माटी अनोखी कृति -है मुनि श्री* मालथौन जिला सागर (मध्य प्रदेश) मे सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि श्री धर्म सागर जी मुनि श्री सुब्रत सागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ससंघ श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर मालथौन में विराजमान है धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि हमारे जीवन में संस्कारों का बड़ा महत्व है हम फास्ट फूड ले रहे हैं लेकिन यह भी देखें कि इसमें हिंसक पदार्थ डल रहे हैं फास्ट फूड फास्ट लाइफ फास्ट डेथ यह आज हो रहा है खाने को मना नहीं है लेकिन शुद्ध बनाकर खाएं! मुनि श्री विमल सागर जी ने मूक माटी की व्याख्या करते हुए कहा कि मूक माटी अनोखी कृति है इसमें आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने सब कुछ लिख दिया है प्रातःकाल आचार्य श्री की पूजन हुई एवं धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अंनत सागर जी महाराज ने कहा कि धर्म हमारे जीवन में बहुत कुछ सहायता करता है
  10. 🌷🌷*विहार अपडेट*🌷🌷 17/02/2019 सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य *मुनि श्री विमल सागर जी* *मुनि श्री अनंत सागर जी* *मुनि श्री धर्म सागर जी* *मुनि श्री अचल सागर जी* *मुनि श्री भाव सागर जी महाराज* का बिहार श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बरोदिया से अभी-अभी हो गया है *बिहार दिशा* मालथौन (बरोदिया से मालथौन 12 कि.मी.) " आज शाम 5:00 बजे मालथौन में नगर प्रवेश होगा" *संपर्क सूत्र* 9644756213 7024092007
  11. सागर बरोदिया कला 14 फरवरी 2019 मंदिर का प्रभाव समाज पर पड़ता है- मुनि श्री भाव सागर जी बरोदिया कला तहसील मालथौन जिला सागर (मध्य प्रदेश) मे सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ विराजमान है श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बरोदिया कला में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि मंदिर की वस्तुएं सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए ।द्रव्य भीऐसी हो की अपना मन पूजन में अच्छा लगे ।छत्र चवर भामंडल अष्ट प्रातिहार्य आदि अच्छे होना चाहिए ।दान देने के बाद मंदिर बेदी ,प्रतिमा या दान की हुई वस्तु पर स्वामित्व नहीं होना चाहिए। शांति धारा सभी को सुनाई दे ऐसी व्यवस्था करें। गंधोदक उत्तम अंग पर लगाना चाहिए और सभी को देना चाहिए ।जो दान देने के बाद धन सामग्री नहीं देता है तो 60 वर्ष तक मनुष्य के मल में कीड़ा बनता है कैंसर टीवी आदि जैसे असाध्य रोग होते हैं। प्रतिदिन शांति धारा अभिषेक बोली से होता है तो राग द्वेष नहीं होता है। मंदिर अच्छा होता है तो समाज पर अच्छा प्रभाव पड़ता है मुनि श्री विमल सागर जी महाराज का आज उपवास रहा पाठशाला का कलश स्थापना का कार्यक्रम 15 फरवरी को प्रातः 8 बजे संपन्न होगा।
  12. सागर बरोदिया कला 05फरवरी 2019 दान बोलकर नहीं देने से असाध्य रोग होते हैं- मुनि श्री भाव सागर जी सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी ससंघ के सानिध्य में श्रीजी वेदी पर विराजमान हुए अभिषेक हुआ शांतिधारा हुई आरती हुई एवं पूजन हुई ।दोपहर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि यह अभूतपूर्व पंचकल्याणक निर्विघ्न संपन्न हुआ सभी ने तन मन धन से सहयोग दिया है। आप प्रतिदिन युवाओं को लाएं और अभिषेक पूजन भक्ति करवाएं। मंदिर की द्रव्य ,धोती एवं अन्य सामग्री उपयोग करते हैं तो उसकी राशि अवश्य दें नहीं तो निर्माल्य का दोष लगेगा ।जो मंदिर की पूजन की सामग्री और जल की एवं अन्य वस्तुओं की व्यवस्था करता है तो उसको छठवां हिस्सा प्राप्त होता है। यहां के मंदिर और प्रतिमा बहुत सुंदर हैं। आप लोगों को साधुओं का लाभ मिलता रहे। दान बोलने के बाद नहीं देने से असाध्य रोग होते हैं इसलिए बोली लेकर अवश्य देना। मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि आपने भाव सागर जी के भाव सुने अच्छे भाव रखने में क्या जाता है कार्य हो या ना हो भावना अच्छी एवं ऊंची रखना चाहिए। आचार्यो ने आयुर्वेद ग्रंथों की रचना की उनका लाभ लेना चाहिए। पूजन भक्ति आदि करने से कर्मों का क्षय होता है ।ज्ञान की विनय करने से क्षयोपशयम बढ़ता है । पत्थर के ऊपर भी निशान आ जाते हैं।किसी से कोई गलती हो जाती है तो कर्मों को दोष दे। धार्मिक कार्यों में बाधा डालने से विशेष कर्मों का बधं होता है । लाख कर्म छोड़कर भगवान का अभिषेक पूजन करो । पंचकल्याणक के सभी पात्र आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के दर्शनार्थ भाग्योदय तीर्थ सागर पहुंचे और आचार्य श्री का आशीर्वाद लिया।
  13. बरोदिया कला 03फरवरी 2019 *दान की महिमा अपरम्पार है*- मुनि श्री सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी ससंघ एबं प्रतिष्टाचार्य बाल ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में चल रहे श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बरौदिया के पंच कल्याणक महोत्सव में हायर सेकेंडरी प्लेग्राउंड बरोदिया कला में पंच कल्याणक स्थल पर आचार्य श्री जी की पूजन मुनि श्री भाव सागर जी ने करवाई । और पूजन की द्रव्य गोपालगंज सागर,मालथौन जैन समाज के द्वारा लाई गई । धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि दान की महिमा अपरम्पार है जीवन भर जो अतिथि के लिये भोजन के लिये इंतजार करता है उसको विशेष पुण्य अर्जन होता है। घर मे पूजन के बर्तन स्टील के नही होना चाहिए। पीतल ,ताँबा या रजत के होना चाहिए श्रावक कहता है कि मेने अपने लिये भोजन बनाया है उसमें से साधुओं को दान देता हूं। पूजन ओर आहार दान में सिर ढ़कना चाहिए। दूसरे के चौके के सामने पड़गाहन नही करना चाहिए दूसरे चौके वालो को विकल्प होता है। विशुद्धि बढ़ाने से ही साधुओं को आहार देने का अवसर प्राप्त होता है ।विवेक ,श्रद्धा ,भक्ति से आहार दान देना चाहिए। गंधोदक को अच्छी तरह से ग्रहण करना चाहिए। राजा श्रेयांश ओर राजा सोम ने मुनि श्री बृषभ सागर जी महाराज को आहार दान दिया ओर सभी महापात्रो एवं अन्य श्रावकों ने भी आहार दान दिया। प्रतिदिन रात्रि में आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं।कार्यक्रम में बिभिन्न नगरों से लोग शामिल हुये।प्रात 7 बजे अभिषेक, पूजन, विधान की क्रिया होगी गांव एवं भारत के विभिन्न नगरो से श्रद्धालु आएंगे। 3 फरवरी रविवार को ज्ञान कल्याणक की क्रियाएं हुई समोशरण में मुनि श्री ने धर्म देशना दी ओर कहा की अहिंसा प्रधान है हम सभी को पालन करना चाहिए ।समोशरण में शास्त्र अर्पण किया गया और आरती की गई 4 फरवरी सोमवार को मोक्ष कल्याणक एवं विशाल गजरथ फेरी एवं मेला होगा इसमें चार्टर प्लेन से पुष्प वर्षा करने का सौभाग्य अरविन्द कुमार जैन भूसा वालो को प्राप्त हुआ जो प्लेन में बैठ कर श्री जी के ऊपर एवं परिकमा पथ पर पुष्प वर्षा करेगे। कार्यक्रम में पूरे देश के लोग आएंगे।
  14. बांदरी जिला सागर *भारत की व्यवस्था अच्छी बने - मुनि श्री* बांदरी जिला सागर मध्यप्रदेश में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि धर्मसागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी ससंघ एवं आर्यिका श्री अनंत मति माताजी ससंघ एवं आर्यिका श्री भावना मति माता जी आदि 22 आर्यिकाओं के सानिध्य मे एबं प्रतिष्टाचार्य बाल ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में चल रहे *श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बांदरी* के पंच कल्याणक महोत्सव में पुलिस थाना ग्राउंड में पंच कल्याणक स्थल पर आचार्य श्री जी की पूजन मुनि श्री भाव सागर जी ने करवाई यह पूजन आर्यिका श्री गुण मति माता जी द्वारा रचित है। और पूजन की द्रव्य चन्द्रप्रभु जिनालय एवं पंच परमेष्ठी ग्रुप बंडा के द्वारा लाई गई । धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि भाग्य का अतिशय आप देख रहे हैं। कल्याणक मनाने के लिए सभी एकत्रित हो जाते हैं ना महापुरुष होते हैं वह महान पुरुषार्थ करने वाले होते हैं। तीर्थंकरों के पूर्व अवस्था में अर्थ पुरुषार्थ सिखलाया। विवाह इसलिए किया जाता है कि जिससे धर्म का प्रवाह चलता रहे। वासना की पूर्ति के लिए विवाह नहीं होता है। असि, मसि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का उपदेश दिया। भाग्य के भरोसे नहीं बैठे पुरुषार्थ करें। राजाओं को रक्षा करने के लिए कहा जिससे भारत की व्यवस्था अच्छी बनी रहे। आज वर्षो हो जाते है न्याय नहीं मिलता है। एक गाय की कहानी के माध्यम से मुनि श्री ने बताया कि न्याय किस प्रकार किया राजा ने। अपराध को छुपाना भी बड़ा अपराध है। भारतीय संस्कृति कहती है कि विश्व एक परिवार है। आचार्य श्री ने सात सूत्र दिए हैं स्वस्थ बचन, स्वस्थ तन, स्वस्थ मन, स्वस्थ वन, स्वस्थ वतन, आदि वास्तविक शिक्षा वही मानी जाती है जिसमें कुछ अच्छा हो। पहले के लोग बीजो को जगह-जगह डालकर वृक्षों को उगाते थे। धन स्वस्थ नहीं होगा। तो मन भी स्वस्थ नहीं होगा किसान की भाव हिंसा बहुत कम होती है वह बहुत संतोषी होता है। खेती-बाड़ी है मर्यादा शिक्षा साड़ी है। उस गृहस्थ को लौकिक सुख है जिसके घर में खेती है जिसके घर मे साग फलों का बगीचा है जिनके यहां गायों का समूह है जिनके घर में मीठे जल का कुआं है पहले कुए का पानी और संतों की वाणी चलती थी। हमारा भारत सोने की चिड़िया कहलाता था आज भारत के लोग पिछलग्गू बन रहे हैं *इंडिया हटाओ भारत लाओ* यह गुरुदेव का कहना है। हथकरघा के वस्त्रों में अहिंसा का प्रयोग होता है और आप के वस्त्रों में *मटनटेलो* नामक चर्बी का प्रयोग होता है। इसलिए *चल चरखा जांचा परखा हथकरघा* आप अशुद्ध खाओगे तो साधुओं को कैसे शुद्ध भोजन खिलाओगे जब मूलाचार का पालन नहीं होगा तो समयसार का पालन कैसे होगा। बफर सिस्टम नहीं होना चाहिए। मुनिराज के जब तक पैरों में दम रहता है तब तक खड़े होकर ही आहार करते है महिला संगीत में जो विकृतिया आ गई है। दोपहर में मुनि श्री के द्वारा प्रतिमाओं पर दीक्षा के संस्कार किये और भगवान को नवीन पिच्छिका आर्यिका श्री ऋजुमति माता जी ने भिजबाई एवं आर्यिका श्री अनंत मति माता जी ससंघ एवं आर्यिका श्री भावना मति माता जी ससंघ ने प्रदान की। कमंडल भगवान के माता पिता श्री ऋसभ जैन बांदरी और सभी ब्रम्हचारी भैया एवं ब्रम्हचारिणी दीदियों ने प्रदान किया। मुनि श्री विमल सागर जी ने दीक्षा की महिमा बताई। प्रतिदिन रात्रि में आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं।कार्यक्रम में बिभिन्न नगरों से लोग शामिल हुये। 25 जनवरी शुक्रवार को प्रात 7 बजे अभिषेक, पूजन, विधान की क्रिया सम्पन्न होगी। दोपहर 1 बजे मंत्र आराधना मुनि संघ के द्वारा मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की क्रियाएं होगी। शाम 4 बजे केवल ज्ञान एवं समवशरण में मुनि श्री की दिव्य वाणी से उद्बोधन केवल ज्ञान पूजा रात्रि में आरती 7 बजे, 8 बजे से शास्त्र प्रवचन सांस्कृतिक कार्यक्रम 9 बजे से होंगे। 26 जनवरी शनिवार को मोक्ष कल्याणक के दिन प्रातः 7 बजे से मोक्ष गमन मुनि श्री के प्रवचन दोपहर 1 बजे विशाल गजरथ परिक्रमा एवं मेला होगा। 108 गांव एवं भारत के विभिन्न नगरो से श्रद्धालु आएंगे। बरोदिया में भी 30 जनवरी से 4 फरवरी 2019 तक पंचकल्याणक महोत्सव मुनि श्री विमल सागर जी ससंघ के सानिध्य में होगा पात्र चयन 28 जनवरी को होने की संभावना है मुनि श्री के बरोदिया में 27 जनवरी को पहुंचने की संभावना है 30 जनवरी 2019 बुधवार को घटयात्रा, ध्वजारोहण, गर्भ कल्याणक, पूर्व रूप 31 जनवरी गुरुवार को गर्भ कल्याणक(उत्तर रूप), 1 फरवरी शुक्रवार को जन्म कल्याणक, 2 फरवरी शनिवार को तप कल्याणक, 3 फरवरी रविवार को ज्ञान कल्याणक, 4 फरवरी सोमवार को मोक्ष कल्याणक एवं विशाल गजरथ फेरी एवं मेला होगा इस कार्य में पूरे देश के लोग आएंगे।
  15. *अद्भुत पंचकल्याणक महोत्सव* श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर बरोदिया कला दिनांक 30 जनवरी से 04 फरवरी 2019 कार्यक्रम स्थल हाई स्कूल प्लेग्राउंड बरोदिया कला तहसील मालथौन जिला सागर (मध्य प्रदेश) *आशीर्वाद* बाल ब्रह्मचारी संघनायक आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज *सानिध्य* नगर गौरव मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि धर्मसागर जी, मुनि श्री अचल सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज *प्रतिष्ठाचार्य* प्रतिष्ठा सम्राट प्रतिष्ठा रत्न बाल ब्रह्मचारी विनय भैया जी बंडा आयोजक सकल दिगंबर जैन समाज बरोदिया कला तहसील मालथौन जिला सागर (मध्य प्रदेश) *संपर्क सूत्र* 8085872108,9575873301
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