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Sanyog Jagati

मूक माटी अनोखी कृति हैं:- मुनि श्री भाव सागर जी

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मालथौन
21 फरवरी  2019
*मूक माटी अनोखी कृति -है मुनि श्री*
 मालथौन जिला सागर (मध्य प्रदेश) मे

सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य  श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत  सागर जी मुनि श्री धर्म सागर जी मुनि श्री सुब्रत सागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी
महाराज ससंघ श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर मालथौन में विराजमान है धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि हमारे जीवन में संस्कारों का बड़ा महत्व है हम फास्ट फूड ले रहे हैं लेकिन यह भी देखें कि इसमें हिंसक पदार्थ डल रहे हैं फास्ट फूड फास्ट लाइफ फास्ट डेथ यह आज हो रहा है खाने को मना नहीं है लेकिन शुद्ध बनाकर खाएं! मुनि श्री विमल सागर जी ने मूक माटी की व्याख्या करते हुए कहा कि मूक माटी अनोखी कृति है इसमें आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने सब कुछ लिख दिया है प्रातःकाल आचार्य श्री की पूजन हुई एवं धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अंनत सागर जी महाराज ने कहा कि धर्म हमारे जीवन में बहुत कुछ सहायता करता है 

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