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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

आपकी समीक्षा

48 testimonials

  1. आभार प्रकट

    सौरभ भैया आपने बहुत ही अच्छी वेबसाइट डिजाइन किया हमारे लिए यह सबसे अच्छा तरीका है स्वाध्याय करने का 

    यह जैन धर्म का सागर है और आचार्य भगवन् के लिए आपका जो समर्पण भाव है वह बहुत ही अच्छा है 

    सभी जरूर इस ऐप और वेवसाईट के द्वारा स्वाध्याय करने का प्रयास करें

    सादर जय जिनेन्द्र 🙏🙏🙏

    मोनिका जैन टड़ा
    Submitted 23-07-2021 by मोनिका जैन टड़ा in आपकी समीक्षा
  2. आचार्य श्री जी के अवतरण दिवस

    आचार्य श्री जी के अवतरण दिवस पर उनके श्री चरणों में कोटि कोटि नमोस्तु अर्पित करते हैं।  नमोस्तु गुरु देव। नमोस्तु गुरु देव। नमोस्तु गुरु देव। DSC_9834.jpg

    Padma raj Padma raj
    Submitted 10-10-2020 by Padma raj Padma raj in आपकी समीक्षा
  3. Thank you so much

    Many thanks for sharing this useful  information. Its an eye opener for all modern Jain's who don't seem to be interested to know their rich past and are forgetting their Jain religion and it's contribution to the world.

    Please keep updating this app. 

     

     

  4. Excellent initiative to overcome this virus

    Great initiative

    Vimla bai
    Submitted 06-05-2020 by Vimla bai in आपकी समीक्षा
  5. Happy to see this website and web.. u had done a good job, keep it continue..

     

    Feel free to subordinate any kind of work to me, will be glad to serve you.

     

    JAI JINENDRA!!

    CA Mohit Jain
    Submitted 24-02-2020 by CA Mohit Jain in आपकी समीक्षा
  6. 🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼

    Rounak jai
    Submitted 07-12-2019 by Rounak jai in आपकी समीक्षा
  7. Me yah janana chata hu ki marte hue tote ko namokar mantra kisne sunaya
    Pankaj Kumar
    Submitted 10-09-2019 by Pankaj Kumar in आपकी समीक्षा
  8. एकलव्यों के लिए,
    जो आपने किया है प्रयास
    अतुलनीय एवं प्रशंसनीय है
    बना रहे गुरु कृपा इसी प्रकार
    आप पर - हम सभी पर
    निर्बाध ...
    प्रणाम !!
    नमोस्तु आचार्यश्री ! मम गुरुवर ,
    एवं प्रसादसागर जी महाराज के चरणों में
    वंदन बारंबार ...
    Saurabh ji ko hardik shubhkamnayen !
    गुरुवर मेरे !
    हुआ पूर्ण एक साल
    आज ही के दिन
    बकरीद के मौके पर
    भाव बने थे जब संयम
    मार्ग में बढ़ने के
    मिला था आपसे आशीर्वाद
    करा था संकल्प पहली प्रतिमा का ...
    गुरुवर ! जरुरी इस इस मौके पर
    करूँ पेश आपके समक्ष
    लेखा - जोखा
    अपने इस एक साल का ....
    गुरुवर मेरे !
    एकलव्य हूँ मैं तो आपका
    इसीलिए कर रहा प्रेषित
    उसी प्रकार परोक्ष में ...
    रात्रि में चारो प्रकार के आहार का त्याग
    सुबह मंदिर जी के दर्शन / पूजन के बाद ही
    कर रहा जलादि ग्रहण
    सभी प्रकार के जिमीकंद का त्याग
    बाहर की / बाजार की बनी
    सभी खाद्य पदार्थों का त्याग
    म्याद का बना भोजन
    आटे आदि की मर्यादा का
    रखकर ख्याल
    पानी को पीना छानकर
    अष्टमी / चतुर्दशी को
    सचित्त का त्याग
    निवृत हूँ व्यापार आदि से
    फिर भी जाकर वहां
    बैठता हूँ तीन/चार घंटे
    रहने को एक्टिव सोशल मीडिया पे
    करने को पोस्ट
    अपने भाव
    जो बनते आपकी कृपा से ...
    गत वर्ष में दोष लगा है इतना
    एक बार दही ले ली बाजार की
    एवं एक दिन कुल्फी चख ली
    अनजाने में ...
    भूजल की व्यवस्था
    बिलछानि वाली
    नहीं बैठी उसकी व्यवस्था अभी
    मोटर से खींचा हुआ जल ले रहा अभी
    शुद्ध भोजन की व्यवस्था
    चल रही घर पे
    बाहर में किसी क्षेत्र पर
    यदि जरुरत पड़ेगी
    तो शायद लेना पड़ सकता
    भोजनशाला का वहां का
    फिर भी
    प्रार्थना यही करता नित्यप्रति
    मंदिर जी से निकलते हुए
    बनी रहे चर्या निर्दोष
    आपकी कृपा से
    बढूं आगे और
    जैसे ही हल हो जाएँ
    परेशानियां घर की
    जो उम्मीद है
    सुलझ जाएँगी जल्दी ...
    गुरुवर ! सबसे बड़ी कृपा हुई
    सुबह उठते ही
    पीता था तीन गिलास पानी
    उसके बाद ही जाता था
    शौच आदि
    बहुत बोझ था जिसका
    कैसे पार करूँगा इस हर्डल को
    जो पार हो गई
    बिना किसी परेशानी के ...
    दो टाइम बंधा खाना
    एक जगह बैठकर
    दोनों टाइम सामायिक का अभ्यास
    जो करता हूँ नित्यप्रति
    डेढ़ से दो घंटे तक
    एकासन में बैठकर
    जिससे आगे बढ़ने में न आये
    कोई कठिनाई मुझे ....
    भूजल की व्यवस्था होते ही,
    बाकी सब का तो
    चल ही रहा अभ्यास निर्बाध;
    बढ़ जाऊंगा अगली अगली श्रेणी के लिए ...
    गुरुचरणों में कोटि कोटि वंदन !
    मुनिवर श्री प्रसादसागर जी
    महराज के चरणों में नमन .....
    अनिल जैन "राजधानी"
    श्रुत संवर्धक
    १२.८.२०१९

    anil jain "rajdhani"
    Submitted 12-08-2019 by anil jain "rajdhani" in आपकी समीक्षा
  9. This app is very helpful in getting information regarding vihar's and also for swadhyaya. Your quiz's are commendable because they help us to learn new things and gives us knowledge of our Dharam.
  10. जय जिनेन्द्र ।बहुत सराहनीय कार्य है।
  11. बहुत अच्छा स्वध्याय कराया गया है
    mkajmera82
    Submitted 31-05-2019 by mkajmera82 in आपकी समीक्षा
  12. ऐसी सुंदर वेब साईट के लिए साधुवाद.
    ARUNKUMARJAIN
    Submitted 30-04-2019 by ARUNKUMARJAIN in आपकी समीक्षा
  13. This is very gud
    M.jain
    Submitted 15-04-2019 by M.jain in आपकी समीक्षा
  14. जय जिनेंद्र 🙏
    नमोस्तु शासन जयवंत हो 🤗
    इस एप से हमारे जैन धर्म की बहुत प्रभावना हो रही है
  15. Very very nice app
  16. आपका यह सराहनीय कार्य जैन धर्म के लिए अतुलनीय योगदान है
    🙏नीरज जैन 🙏
    नीरज जैन
    Submitted 15-02-2019 by नीरज जैन in आपकी समीक्षा
  17. सौरभ भाई आपके प्रयास से बहुत अच्छी वेब बनकर तैयार हुई है। आचार्य भगवन के बारे में संपूर्ण जानकारी के साथ ही वेब पर त्वरित अपडेट मिलने से यह बहुत ही प्रासंगिक वेब बन गई है। आपको और आपकी पूरी टीम को बहुत बधाई।
    Vidyasagar ji ke Bhakt
    Submitted 30-11-2018 by Vidyasagar ji ke Bhakt in आपकी समीक्षा
  18. I am very happy to join this website and thank you for sending me the information through this website.




    Thank u so much
    Jai jinedra 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
    Sanskritijain
    Submitted 30-11-2018 by Sanskritijain in आपकी समीक्षा
  19. बहुत अच्छा है भगवान को जाने के लिए
    कुंडलपुर के बड़े बाबा की जय ।।।।।
    Nirmal Kumar Jain
    Submitted 29-11-2018 by Nirmal Kumar Jain in आपकी समीक्षा
  20. The daily updates are really fast and informative. Please keep updating. Thanks a lot for creating and maintaining this website.
    Hitesh Jain
    Submitted 29-11-2018 by Hitesh Jain in आपकी समीक्षा
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