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आपकी समीक्षा

42 testimonials

  1. Me yah janana chata hu ki marte hue tote ko namokar mantra kisne sunaya
    Pankaj Kumar
    Submitted 10-09-2019 by Pankaj Kumar in आपकी समीक्षा
  2. एकलव्यों के लिए, जो आपने किया है प्रयास अतुलनीय एवं प्रशंसनीय है बना रहे गुरु कृपा इसी प्रकार आप पर - हम सभी पर निर्बाध ... प्रणाम !! नमोस्तु आचार्यश्री ! मम गुरुवर , एवं प्रसादसागर जी महाराज के चरणों में वंदन बारंबार ... Saurabh ji ko hardik shubhkamnayen ! गुरुवर मेरे ! हुआ पूर्ण एक साल आज ही के दिन बकरीद के मौके पर भाव बने थे जब संयम मार्ग में बढ़ने के मिला था आपसे आशीर्वाद करा था संकल्प पहली प्रतिमा का ... गुरुवर ! जरुरी इस इस मौके पर करूँ पेश आपके समक्ष लेखा - जोखा अपने इस एक साल का .... गुरुवर मेरे ! एकलव्य हूँ मैं तो आपका इसीलिए कर रहा प्रेषित उसी प्रकार परोक्ष में ... रात्रि में चारो प्रकार के आहार का त्याग सुबह मंदिर जी के दर्शन / पूजन के बाद ही कर रहा जलादि ग्रहण सभी प्रकार के जिमीकंद का त्याग बाहर की / बाजार की बनी सभी खाद्य पदार्थों का त्याग म्याद का बना भोजन आटे आदि की मर्यादा का रखकर ख्याल पानी को पीना छानकर अष्टमी / चतुर्दशी को सचित्त का त्याग निवृत हूँ व्यापार आदि से फिर भी जाकर वहां बैठता हूँ तीन/चार घंटे रहने को एक्टिव सोशल मीडिया पे करने को पोस्ट अपने भाव जो बनते आपकी कृपा से ... गत वर्ष में दोष लगा है इतना एक बार दही ले ली बाजार की एवं एक दिन कुल्फी चख ली अनजाने में ... भूजल की व्यवस्था बिलछानि वाली नहीं बैठी उसकी व्यवस्था अभी मोटर से खींचा हुआ जल ले रहा अभी शुद्ध भोजन की व्यवस्था चल रही घर पे बाहर में किसी क्षेत्र पर यदि जरुरत पड़ेगी तो शायद लेना पड़ सकता भोजनशाला का वहां का फिर भी प्रार्थना यही करता नित्यप्रति मंदिर जी से निकलते हुए बनी रहे चर्या निर्दोष आपकी कृपा से बढूं आगे और जैसे ही हल हो जाएँ परेशानियां घर की जो उम्मीद है सुलझ जाएँगी जल्दी ... गुरुवर ! सबसे बड़ी कृपा हुई सुबह उठते ही पीता था तीन गिलास पानी उसके बाद ही जाता था शौच आदि बहुत बोझ था जिसका कैसे पार करूँगा इस हर्डल को जो पार हो गई बिना किसी परेशानी के ... दो टाइम बंधा खाना एक जगह बैठकर दोनों टाइम सामायिक का अभ्यास जो करता हूँ नित्यप्रति डेढ़ से दो घंटे तक एकासन में बैठकर जिससे आगे बढ़ने में न आये कोई कठिनाई मुझे .... भूजल की व्यवस्था होते ही, बाकी सब का तो चल ही रहा अभ्यास निर्बाध; बढ़ जाऊंगा अगली अगली श्रेणी के लिए ... गुरुचरणों में कोटि कोटि वंदन ! मुनिवर श्री प्रसादसागर जी महराज के चरणों में नमन ..... अनिल जैन "राजधानी" श्रुत संवर्धक १२.८.२०१९
    anil jain "rajdhani"
    Submitted 12-08-2019 by anil jain "rajdhani" in आपकी समीक्षा
  3. This app is very helpful in getting information regarding vihar's and also for swadhyaya. Your quiz's are commendable because they help us to learn new things and gives us knowledge of our Dharam.
  4. जय जिनेन्द्र ।बहुत सराहनीय कार्य है।
  5. बहुत अच्छा स्वध्याय कराया गया है
    mkajmera82
    Submitted 31-05-2019 by mkajmera82 in आपकी समीक्षा
  6. ऐसी सुंदर वेब साईट के लिए साधुवाद.
    ARUNKUMARJAIN
    Submitted 30-04-2019 by ARUNKUMARJAIN in आपकी समीक्षा
  7. This is very gud
    M.jain
    Submitted 15-04-2019 by M.jain in आपकी समीक्षा
  8. जय जिनेंद्र 🙏 नमोस्तु शासन जयवंत हो 🤗 इस एप से हमारे जैन धर्म की बहुत प्रभावना हो रही है
  9. Very very nice app
  10. आपका यह सराहनीय कार्य जैन धर्म के लिए अतुलनीय योगदान है 🙏नीरज जैन 🙏
    नीरज जैन
    Submitted 15-02-2019 by नीरज जैन in आपकी समीक्षा
  11. सौरभ भाई आपके प्रयास से बहुत अच्छी वेब बनकर तैयार हुई है। आचार्य भगवन के बारे में संपूर्ण जानकारी के साथ ही वेब पर त्वरित अपडेट मिलने से यह बहुत ही प्रासंगिक वेब बन गई है। आपको और आपकी पूरी टीम को बहुत बधाई।
    Vidyasagar ji ke Bhakt
    Submitted 30-11-2018 by Vidyasagar ji ke Bhakt in आपकी समीक्षा
  12. I am very happy to join this website and thank you for sending me the information through this website. Thank u so much Jai jinedra 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
    Sanskritijain
    Submitted 30-11-2018 by Sanskritijain in आपकी समीक्षा
  13. बहुत अच्छा है भगवान को जाने के लिए कुंडलपुर के बड़े बाबा की जय ।।।।।
    Nirmal Kumar Jain
    Submitted 29-11-2018 by Nirmal Kumar Jain in आपकी समीक्षा
  14. The daily updates are really fast and informative. Please keep updating. Thanks a lot for creating and maintaining this website.
    Hitesh Jain
    Submitted 29-11-2018 by Hitesh Jain in आपकी समीक्षा
  15. बहुत ही बढ़िया साइट बनायी है इस साइट के माध्यम से मुझे बहुत ही ज्ञान की प्राप्ति हुयी मैनें दूसरों को भी ज्ञान के बारे में बताया सौरव भाई का बहुत बहुत धन्यवाद साइट बनाने के लिये गुरूदेव की पूरी जानकारी मिलती है
    Chintu
    Submitted 29-11-2018 by Chintu in आपकी समीक्षा
  16. विगत 5 दिनों से पूज्य श्री की स्नेहिल छाँव में था. अपने गृह नगर में, उनकी मृदुल मुस्कान, पावन कर से तृप्ति दायी आशीष, उनसे वार्ता का सौभाग्य व उनके पाद पंकज के प्रक्षालन का परम सुख साथ ही उनको पड्गहन का सौभाग्य इनता सब हुआ विगत दिनों में. अहार चर्या के समय उनका मृदु मुस्कान से निहारना ऎसा लगता है कि बस उनके पाद पंकज, अपने चौके के सामने बनी रंगोली को पावन कर देंगे, पर पलक झपकते ही वे आगे दिखाई देते हैं. हम अनुमान लगाते रह जाते हैं, शायद आज संकल्प कुछ और ही होगा. विशाल जानमेडनी उनकी भक्ति सरिता मे आलोढन हेतु तत्पर हर पल, पर सौभाग्य शाली होते हैं वे, जो कृपा कोर से अपलावित हो अनंत सुख सागर में शीतलता पाते हैं. सब कुछ मिलाकर सुखद रहे ये दिन.
    ARUN k jain
    Submitted 29-11-2018 by ARUN k jain in आपकी समीक्षा
  17. बहुत अच्छी वेबसाइट है गुरु जी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी यहाँ प्राप्त होती है । बहुत बहुत आभार आपका जो आप लोगो के वजह से गुरुदेव की जानकारी हमे प्राप्त होती रहती है ।
    hardik jain 28
    Submitted 29-11-2018 by hardik jain 28 in आपकी समीक्षा
  18. जयजिनेन्द्र । सम्यक दर्शन । सादर प्रणाम! गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागर वेबसाइट बहुत उपयोगी है । हम इस वेबसाइट द्वारा धर्म, साहित्य, भजन ,पूजा ,धर्म समाचार, प्रतिष्ठा महोत्सव, आचार्य श्री की प्रवचन, गीत, कई तरह विभिन्न प्रकार के विषयो की जानकारी मिलते है । अतः यह वेबसाइट जैन धर्म की सागर है । श्री सौरभ जी को हमारी बधाई ।
    Padma raj Padma raj
    Submitted 29-11-2018 by Padma raj Padma raj in आपकी समीक्षा
  19. आचार्यश्री की वाणी कै सँकलन मै हर एक समस्या का अध्यात्म के माध्यम से समाधान मिल जाता है । खोज मै एक शब्द कै माध्यम से अपना हल आचार्यश्री की वाणी सै मिल जाता है । प्रयास कै लिये हार्दिक बधाई और सशक्त बनाने कै लिये शुभकामनायें ।
    Anila NM Gangwal
    Submitted 12-10-2018 by Anila NM Gangwal in आपकी समीक्षा
  20. आपके द्वारा मीडिया का बहुत ही सुन्दर प्रयोग किया गया है।आन लाइन स्वाध्याय एकबहुत ही सुन्दर प्रयोग है जिसके लिएआप बधाई के पात्र हैं। आपको बहुत बहुत साधुवाद । मुझे इससे बहुत फ़ायदा हुआ है।आपका कोटि कोटि धन्यवाद । इस स्वाध्याय को प्रतियोगिता से जोड़ कर तो आपने इसे बहुत ही दिलचस्प भी बना दिया है। पुन:बहुत बहुत धन्यवाद प्रमोद जैन लखनऊ
    Pramod Jain
    Submitted 28-09-2018 by Pramod Jain in आपकी समीक्षा
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