Jump to content
मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज


1 भूमिका स्वर भावानजली - NandKumar
2 आचार्य श्री के चरण - NandKumar
3 दीक्षा दिवस महोत्सव - NandKumar
4 दीक्षा लिए गुरुवर को - NandKumar
5 आचार्य विद्यासागर का जग - NandKumar
6 चले आओ आचार्य श्री - NandKumar
7 चलते फिरते तीर्थ गुरुवर - NandKumar
8 चलो भव्यजन गुरु दरश - NandKumar
9 दिल कहे रुकजा रुकजा - NandKumar
10 जय जयकार हुआ सतकार हुआ - NandKumar
11 दीक्षा मिलेगी कब मुझे - NandKumar
12 अमृत से भारी वाणी तेरी - NandKumar
13 संसार सिन्धु से पर लगाने वाला - NandKumar
14 भावना की औड के चुनरियाँ - NandKumar
15 चौक पुराओ नगर सजाओ - NandKumar
16 गुरु विनायांजली - NandKumar

2 Comments

अति सुन्दर भावाभिव्यक्ति।भाई नन्द कुमारजीकी  आवाज़ का कहना ही क्या। आचार्य भगवन का सम्पूर्ण विश्व के लिए अनंत उपकार है। आचार्यश्री के पावन चरणों में कोटि कोटि नमन्। 

  • Like 1
Link to comment
Share on other sites

Create an account or sign in to comment

You need to be a member in order to leave a comment

Create an account

Sign up for a new account in our community. It's easy!

Register a new account

Sign in

Already have an account? Sign in here.

Sign In Now
×
×
  • Create New...