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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

पाक्षिक पत्रिका: "श्री विद्यासागर कार्मिक जगत" अंक - 8

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पाक्षिक पत्रिका: "श्री विद्यासागर कार्मिक जगत" अंक - 8


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जय जिनेन्द्र
गुरुदेव के विषय मे कितना कुछ कहा जाता है कि गुरुदेव बहुत अच्छे कार्य कर रहे हैं। समाज सिर्फ जैन समाज नही अपितु अजैन समाज का भी कल्याण हो सके ऐसी कुछ योजनाये हम सभी के सन्मुख लाये हैं परन्तु हमारा योगदान इन योजनाओ को आगे बड़ाने मे नगणय हैं। सिर्फ गुरुदेव की प्रशंसा से ही बात नही बनेगी आगे आ कर अपने दायित्व को सम्भाले अपने करने योग्य कार्य करने से ही गुरुदेव के सपनो को साकार किया जा सकता है।

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