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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
  • 🕉️🕉️🕉️अहिंसामयी विश्व धर्म की जय🕉️🕉️🕉️

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    🕉🕉🕉जैन धर्म की जय🕉️🕉️🕉️

     

    🇮🇳🇮🇳🇮🇳अहिंसामयी विश्व धर्म की जय🇮🇳🇮🇳🇮🇳

     

    🙇🙇🙇जैनम् जयतु शासनम्, वंदे विद्या सागरम्🙇🙇🙇

     

    महावीर पथ पालन करना, जीवों को हितकारी है,

    सत्य, अहिंसा उर में धारे, मोक्ष मार्ग अधिकारी है,

    इस जीवन का नहीं ठिकाना, घड़ी कौन सी अंतिम हो,

    स्वास-स्वास में वास प्रभू का, सेवक  आज्ञाकारी है।१। 

     

    जिनपथ पर नित बढ़ते रहना, मानव जीवन लक्ष्य है,

    शाकाहार, छानकर पानी, खाना केवल भक्ष्य है,

    त्याग, तपस्या सुख का साधन, मानव को हितकारी है,

    देव, शास्त्र, गुरु उर में धरना, त्यागें जो भी अभक्ष्य है।२।

     

    सदा निडर बन, कार्य करें जो, मिलती उसे सफलता है,

    इस जीवन में मार्ग अहिंसा, हरती सभी विफलता है,

    आत्म धर्म ही सच्चा जानों, जीवन में हितकारी है,

    सत्य, अहिंसा व्रत अपनाना, आत्म स्वरूप निकटता है।३।

     

    पंच महाव्रत पालन करना, साधु धर्म है बतलाया,

    पांच अणुव्रत उर में धरना, श्रावक का पथ समझाया,

    चार कषायें छोड़ मनुज ही, सुख पाय अपरम्पार है,

    लोभ पाप का बाप सदा ही, ब्रह्मचर्य लख हर्षाया।४।

     

    धर्म शरण आ जाओ वंदे, पा लेय हर्ष अपार है,

    भेदभाव सब भूल हृदय से, प्राणिमात्र व्यवहार है,

    , ॐ ध्वनि उर में गूँजें, पंच परमेष्ठि ध्यान रहें,

    जियों और जीने दो सबकों, विश्व शांती उपचार है।५।

     

    सादर जय जिनेंद्र,

    🙏🙏🙏🕉🕉🕉🙇🙇🙇

    अभिषेक जैन 'अबोध'


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