Jump to content
आचार्य श्री विद्यासागर मोबाइल एप्प डाउनलोड करें | Read more... ×

Saurabh Jain

Moderators
  • Content Count

    1,463
  • Joined

  • Last visited

  • Days Won

    37
My Favorite Songs

Saurabh Jain last won the day on July 23 2018

Saurabh Jain had the most liked content!

Community Reputation

64 Excellent

About Saurabh Jain

  • Rank
    Advanced Member

Personal Information

  • location
    Jaipur Rajasthan

Recent Profile Visitors

The recent visitors block is disabled and is not being shown to other users.

  • Open Group  ·  70 members  ·  Last active

    संयम के सुमेरू, वीतरग के पर्याय और मानव कल्याण के सारथी गुरूवर्य के उपकारों से उऋण होना असंभव है। किंतु उनके उपकारों को अमरता तो निश्चित ही प्रदान की जा सकती है। हम-आप, सभी शासन,प्रशासन, निर्वाचित प्रतिनधिनियों (सांसदो/विधायको/पार्षदों) सहृदय समाज जनों की मदद व सहभागिता से अपने ग्राम, नगर के सार्वजनिक स्थलों, चौराहों, यात्री प्रतीक्षालयों, बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन, विद्यालयो या तथा पब्लिक पार्क में संयम कीर्ति स्तंभ की स्थापना करके गुरूवर्य के अवदान एंव व्यक्तित्व के प्रति अपनी भावपूर्ण आदरंाजलि व्यक्त कर सकतें है। ध्यान रहे इस कीर्ति स्तंभ को सयंम स्वर्ण महोत्सव समिति द्वारा एक ही डिजाइन, एक ही आकार और एक ही रंग संयोजन में सजाया गया है। आपको सिर्फ संकल्प करना है। एवं इसकी सूचना महोत्सव समिति को देना है।ं

  • Open Group  ·  13 members  ·  Last active

    राष्ट्रीय संयम स्वर्ण महोत्सव समिति भारत के समस्त दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्रों के न्यासियों एवं पदाधिकारियों से अनुरोध करती है कि बड़ी संख्या में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित करें और भारत भर के दिगंबर जैन तीर्थ स्थलों को हरियाली से आच्छादित करने में सहयोग प्रदान करें. इन तीर्थों पर पूज्य साधु संतों का निरंतर आगमन होता रहता है इसलिए यहां पर प्राकृतिक वातावरण और सुरम्य वन आदि का होना अत्यंत आवश्यक है इसलिए आप से विनम्र प्रार्थना है कि स्थानीय वन विभाग से सहयोग लेकर वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित करें और तीर्थ स्थलों पर पधारने वाले तीर्थ यात्रियों को एक-एक पेड़ के संरक्षण के लिए एक न्यूनतम राशि निर्धारित कर दें और साथ ही साथ उन्हें वृक्षारोपण के लिए आमंत्रित करें.

  • Open Group  ·  33 members  ·  Last active

    धर्म-दर्शन एवं अध्यात्म केसार को आज की भाषा एवं मुक्त-छन्द की मनोरम काव्य-शैली में निबद्ध कर कविता-रचना को नया आयाम देने वाली एक अनुपम कृति

×