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सोशल मीडिया / गुरु प्रभावना धर्म प्रभावना कार्यकर्ताओं से विशेष निवेदन ×
नंदीश्वर भक्ति प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ×
मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
  • अध्याय 4 : सूत्र 7

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    Vidyasagar.Guru

    देवों के कामसेवन का प्रकार बतलाते हैं-

     

    कायप्रवीचारा आ ऐशानात्॥७॥

     

     

    अर्थ - मैथुन सेवन का नाम प्रवीचार है। भवनवासी, व्यन्तर, ज्योतिष्क देव और सौधर्म तथा ऐशान स्वर्ग के देव अपनी-अपनी देवांगनाओं के साथ मनुष्य की तरह शरीर से मैथुन सेवन करते हैं।

     

    English - The Residential, the Peripatetic and the Stellar devas and those in the Saudharma and the Aishan (the first two Heaven) have body sex like humans and animals.


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