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सागर समाचार

बांदरी जिला सागर 26-01-2019 *पंचकल्याणक गजरथ फेरी सानंद संपन्न हुई*- मुनि श्री *बांदरी जिला सागर मध्यप्रदेश* में *सर्वश्रेष्ठ *साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज**के *शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि धर्मसागर जी मुनि श्री अचल

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बांदरी जिला सागर 26-01-2019 
*पंचकल्याणक गजरथ फेरी सानंद संपन्न हुई*- मुनि श्री
*बांदरी जिला सागर मध्यप्रदेश* में 
*सर्वश्रेष्ठ *साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज**के *शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि धर्मसागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी ससंघ* एवं* आर्यिका श्री अनंत मति माताजी  ससंघ एवं आर्यिका श्री भावना मति माता जी आदि 22 आर्यिकाओं के सानिध्य मे एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के  निर्देशन में चल रहे श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बांदरी के पंच कल्याणक  महोत्सव में पुलिस थाना ग्राउंड में पंच कल्याणक स्थल पर आचार्य श्री जी की पूजन आर्यिकाश्री अंनत मति माताजी आर्यिका श्री शुक्ल मति माताजी जी ने पढ़ी एवं पूजन करवाई।और पूजन की द्रव्य अनेक जगह के श्रद्धालुओं के द्वारा लाई गई।प्रातःकाल मोक्ष कल्याणक संपन्न हुआ।श्री आदिनाथ भगवान को मोक्ष की प्राप्ति हुई और निर्वाण कल्याणक मनाया गया। मंदिर जी में मूलनायक  पारसनाथ भगवान का भी मोक्ष कल्याणक संपन्न हुआ।मुनि संघ के द्वारा क्रियाऐ संपन्न करवाई गयी।इस अवसर पर मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान को स्वतंत्रता की प्राप्ति हो गई है। आज गणतंत्र दिवस है दोपहर में गजरथ फेरी हुई ,जिसमें आगे हाथी फिर मुनि संघ एवं आर्यिका  संघ ब्रह्मचारी भैया ,ब्रह्मचारिणी दीदी ,तीन रथ पर श्री जी, ऐरावत हाथी ,अनेक रथ ,आचार्य श्री विद्यासागर दिव्य घोष गौरझामर , टीकमगढ़ घोष ,बंडा एवं खुरई का ध्वनि विस्तारक यंत्र, और  इंद्र इंद्राणी चल रहे थे।और अष्ट कुमारी भी रथ पर सवार थी। इस कार्यक्रम में लगभग बीस हजार से ज्यादा की जनता अनेक गांवों एवं शहरों से आई थी। मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि गुरु की महिमा को बता नहीं सकते। गजरथ की फेरी में   हमारे आगे गुरुदेव चल रहे थे भावनात्मक रूप से।श्रद्धा के माध्यम से बड़े-बड़े कार्य हो जाते हैं।जब तक गजरथ महोत्सव में फेरी  नहीं होती है , तो अधूरा लगता है। जब तक गुरुदेव धरती पर विचरण करते रहेंगे।जिनालय में वृद्धि होती रहेगी।आचार्य श्री जगह-जगह चित्रकूट जिनालय के लिए आशीर्वाद प्रेरणा सानिध्य दे रहे हैं। सांसारिक कार्य में लाखों करोड़ों खर्च कर देते हैं ।संसार के सारे फेरों को बंद करके सप्त परम् स्थान को प्राप्त कराता है, गजरथ महोत्सव।
ऐसे कार्यकर्ताओं को विशेष आशीर्वाद जो दूर रहकर कार्य करते रहे। हम सभी को आचार्य श्री के दर्शन अति शीघ्र हो ऐसी हमारी भावनाएं है।
 आर्यिका श्री अनंत मति माताजी ने कहा कि मुनि श्री की साधना और तप के प्रभाव से गजरथ महोत्सव निर्विघ्न संपन्न हुआ जैसे ही प्रभु बाहर निकले सुनहरी धूप निकली जबकि मौसम बहुत गड़बड़ था। गुरुजी की छाया ही यहां मौजूद थी। गुरु की भक्ति और आशीष का चमत्कार है ,जो यह कार्य अच्छे से संपन्न हो गया। पंच ऋषिराजो के सानिध्य में यह जो पंचकल्याणक हुआ हमें लाभ मिला।हमें गुरुदेव के दर्शन अति शीघ्र मिले। पूज्य मुनि श्री की जन्मस्थली बरोदिया में पंच कल्याणक होना है। मुनि श्री का  वात्सल्य हमेशा बना रहे  पंचकल्याणक के महापात्र भगवान के माता -पिता ऋषभ गोयल (बांदरी) सागर और सौधर्म इंद्र सुदीप गोयल ,कुबेर अशोक कुमार दीप कमल  मेडिकल आदि पात्रों का सम्मान किया गया ।
 रात्रि में आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।कार्यक्रम में बिभिन्न नगरों से लोग शामिल हुये।
प्रेषक :- नीरज वैद्यराज पत्रकार
07582888100

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