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सागर समाचार

बांदरी जिला सागर 24-01-2019 *भारत की व्यवस्था अच्छी बने - मुनि श्री* बांदरी जिला सागर मध्यप्रदेश में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि धर्मसागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्र

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बांदरी जिला सागर 24-01-2019 
*भारत की व्यवस्था अच्छी बने - मुनि श्री*
बांदरी जिला सागर मध्यप्रदेश में 
सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि धर्मसागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी ससंघ एवं  आर्यिका श्री अनंत मति माताजी  ससंघ एवं आर्यिका श्री भावना मति माता जी आदि 22 आर्यिकाओं के सानिध्य मे एबं प्रतिष्टाचार्य बाल ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के  निर्देशन में चल रहे
 *श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बांदरी* के पंच कल्याणक  महोत्सव में पुलिस थाना ग्राउंड में पंच कल्याणक स्थल पर आचार्य श्री जी की पूजन मुनि श्री भाव सागर जी ने करवाई यह पूजन आर्यिका श्री गुण मति माता जी द्वारा रचित है। और पूजन की द्रव्य चन्द्रप्रभु जिनालय एवं पंच परमेष्ठी ग्रुप बंडा के द्वारा लाई गई । धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि भाग्य का अतिशय आप देख रहे हैं। कल्याणक मनाने के लिए सभी एकत्रित हो जाते हैं ना महापुरुष होते हैं वह महान पुरुषार्थ करने वाले होते हैं। तीर्थंकरों के पूर्व अवस्था में अर्थ पुरुषार्थ सिखलाया। विवाह इसलिए किया जाता है कि जिससे धर्म का प्रवाह चलता रहे। वासना की पूर्ति के लिए विवाह नहीं होता है। असि,  मसि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का उपदेश दिया। भाग्य के भरोसे नहीं बैठे पुरुषार्थ करें। राजाओं को रक्षा करने के लिए कहा जिससे भारत की व्यवस्था अच्छी बनी रहे। आज वर्षो हो जाते है न्याय नहीं मिलता है। एक गाय की कहानी के माध्यम से मुनि श्री ने बताया कि न्याय किस प्रकार किया राजा ने। अपराध को छुपाना भी बड़ा अपराध है। भारतीय संस्कृति कहती है कि विश्व एक परिवार है। आचार्य श्री ने सात सूत्र दिए हैं स्वस्थ बचन, स्वस्थ तन, स्वस्थ मन, स्वस्थ वन, स्वस्थ वतन, आदि वास्तविक शिक्षा वही मानी जाती है जिसमें कुछ अच्छा हो। पहले के लोग बीजो को जगह-जगह डालकर वृक्षों को उगाते थे। धन स्वस्थ नहीं होगा। तो मन भी स्वस्थ नहीं होगा किसान की भाव हिंसा बहुत कम होती है वह बहुत संतोषी होता है। खेती-बाड़ी है मर्यादा शिक्षा साड़ी है। 

उस गृहस्थ को लौकिक सुख है जिसके घर में खेती है जिसके घर मे साग फलों का बगीचा है जिनके यहां गायों का समूह है जिनके घर में मीठे जल का कुआं है पहले कुए का पानी और संतों की वाणी चलती थी। हमारा भारत सोने की चिड़िया कहलाता था आज भारत के लोग पिछलग्गू बन रहे हैं *इंडिया हटाओ भारत लाओ* यह गुरुदेव का कहना है। हथकरघा के वस्त्रों में अहिंसा का प्रयोग होता है और आप के वस्त्रों में *मटनटेलो* नामक चर्बी का प्रयोग होता है। इसलिए *चल चरखा जांचा परखा हथकरघा* आप अशुद्ध खाओगे तो साधुओं को कैसे शुद्ध भोजन खिलाओगे जब मूलाचार का पालन नहीं होगा तो समयसार का पालन कैसे होगा। बफर सिस्टम नहीं होना चाहिए। मुनिराज के जब तक पैरों में दम रहता है तब तक खड़े होकर ही आहार करते है महिला संगीत में जो विकृतिया आ गई है। दोपहर में मुनि श्री के द्वारा प्रतिमाओं पर दीक्षा के संस्कार किये और भगवान को नवीन पिच्छिका आर्यिका श्री ऋजुमति माता जी ने भिजबाई एवं आर्यिका श्री अनंत मति माता जी ससंघ एवं आर्यिका श्री भावना मति माता जी ससंघ ने प्रदान की। कमंडल भगवान के माता पिता श्री ऋसभ जैन बांदरी और सभी ब्रम्हचारी भैया एवं ब्रम्हचारिणी दीदियों ने प्रदान किया। मुनि श्री विमल सागर जी ने दीक्षा की महिमा बताई। 

प्रतिदिन रात्रि में आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं।कार्यक्रम में बिभिन्न नगरों से लोग शामिल हुये।

25 जनवरी शुक्रवार को प्रात 7 बजे अभिषेक, पूजन, विधान की क्रिया सम्पन्न होगी। दोपहर 1 बजे मंत्र आराधना मुनि संघ के द्वारा मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की क्रियाएं होगी। शाम 4 बजे केवल ज्ञान एवं समवशरण में मुनि श्री की दिव्य वाणी से उद्बोधन केवल ज्ञान पूजा रात्रि में आरती 7 बजे, 8 बजे से शास्त्र प्रवचन सांस्कृतिक कार्यक्रम 9 बजे से होंगे। 26 जनवरी शनिवार को मोक्ष कल्याणक के दिन प्रातः 7 बजे से मोक्ष गमन मुनि श्री के प्रवचन दोपहर 1 बजे विशाल गजरथ परिक्रमा एवं मेला होगा। 108 गांव एवं भारत के विभिन्न नगरो से श्रद्धालु आएंगे। बरोदिया में भी 30 जनवरी से 4 फरवरी 2019 तक पंचकल्याणक महोत्सव मुनि श्री विमल सागर जी ससंघ के सानिध्य में होगा पात्र चयन 28 जनवरी को होने की संभावना है मुनि श्री के बरोदिया में 27 जनवरी को पहुंचने की संभावना है 30 जनवरी 2019 बुधवार को घटयात्रा, ध्वजारोहण, गर्भ कल्याणक, पूर्व रूप 31 जनवरी गुरुवार को गर्भ कल्याणक(उत्तर रूप),  1 फरवरी शुक्रवार को जन्म कल्याणक, 2 फरवरी शनिवार को तप कल्याणक, 3 फरवरी रविवार को ज्ञान कल्याणक, 4 फरवरी सोमवार को मोक्ष कल्याणक एवं विशाल गजरथ फेरी एवं मेला होगा इस कार्य में पूरे देश के लोग आएंगे।

नीरज वैद्यराज पत्रकार

07582888100

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