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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

हथकरघा वस्त्र खास क्यों ?


Vidyasagar.Guru
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चमक उठी है कुल की नारी

हथकरघा की साड़ी न्यारी

 

हथकरघा का सुन्दर कपडा

वदन, वतन की रक्षा करता

 

हथकरघे का पानी छन्ना

दया धर्म को पाले मुन्ना

 

हथकरघा व जेविक खेती

स्वस्थ रहेंगे बेटा-बेटी

 

संस्कृति रक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा

आश्रय दान करे हथकरघा

 

  • यह पूर्ण अहिंसक विधि से बना है।
  • यह शुद्ध है। (पावरलूम से बने वस्त्रों में मटन टेलो, पशुओं की चर्बी आदि हिंसक वस्तुओं का उपयोग होता है)
  • यह त्वचा के रोगों की रोकथाम करता है।
  • यह देश के बेरोजगारों को, आशा की नई किरण दिखाने वाला है। ?
  • यह ध्यान व एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है।
  • यह भारतीय हस्तशिल्प, कला कौशल का परिचायक है।  
  • यह आधुनि परिधान के अनेक रंगों व डिजायनों में उपलब्ध है।
  • इसमें पर्यावरण विकास व स्वदेशी भावना की शक्ति है।  
  • यह आपके पसीने से, आपको ही ठंडक का एहसास दिलाने वाला है।
  • यह “जियो और जीने दो” व “परस्परोपग्रहो जीवानाम्” की कहावत चरितार्थ करता है  
  • इसमें ऋषि, मुनि, साधु व साध्वियों की सद्भावनायें जुड़ी हैं।  
  • यह जेल के कैदियों के श्रम का प्रतिफल है।

 

करे हथकरघा-तन की सुरक्षा ।

आश्रयदान व संस्कृति की रक्षा ।।

 

- आचार्य विद्यासागर

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