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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

54 वें दीक्षा दिवस पर आचार्य श्री को शत शत नमन


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परम पूज्य आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के करकमलो द्वारा दिनांक - 30 जून, 1968  तिथि - आषाढ़ शुक्ल-पंचमी वि.सं.- 2025, अजमेर (राजस्थान) मे आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को दीक्षा प्रदान की गई थी| इस बार यह तिथि 14 जुलाई 2021 को है |

54 वें दीक्षा दिवस पर आचार्य श्री को शत शत नमन

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इस पावन प्रकल्प पर हम सब मिलकर करे गुरुवर को नमन 

 

नमोस्तु आचार्य श्री जी,   नमोस्तु आचार्य श्री जी, नमोस्तु आचार्य श्री जी    !!!

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*🙏जय जिनेंद्र🙏*,,
*🇮🇳भारत को भारत बोलिए🇮🇳*
*जैनम् जयतु शासनम्*
        *वंदे विघा सागरम्* 
*नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु*
परम पूज्य आचार्य श्री के चरणों में कोटि कोटि
 नमोस्तु  नमोस्तु नमोस्तु
*आचार्य विद्यासागर सेवक मंडल भेल भोपाल*

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33 minutes ago, Vidyasagar.Guru said:

परम पूज्य आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के करकमलो द्वारा दिनांक - 30 जून, 1968  तिथि - आषाढ़ शुक्ल-पंचमी वि.सं.- 2025, अजमेर (राजस्थान) मे आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को दीक्षा प्रदान की गई थी| इस बार यह तिथि 14 जुलाई 2021 को है |

54 वें दीक्षा दिवस पर आचार्य श्री को शत शत नमन

Namostu Namostu Namostu Acharya shri Gurudev!!!!🙏🙏🙏🙏🙏

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गुरुवर के पावन चरणों में शत शत नमन 🙏🙏

परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जयवंत हो! 🙏🙏🙏

 

 

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large.1264050978_13-36-14-1592640158410..jpg.664cf007dcdd3947c19edf54fb64f0942.jpg.11aecdf3bef658fa0b4850bba38890a4.jpgविद्या गुरु का क्या कहना, 

तुम हो जैन धर्म का गहना, 

दीक्षा दिवस है आप का आज, 

धन्य है अपने आप में यह बात, 

धन्य है गुरु ज्ञान सागर जी महाराज, 

और धन्य है आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज, 

आगम की वाणी को हम तक पहुंचाया है, 

तुमको पाकर मेरा रोम रोम हर्षाया है, 

आप को आती इतनी भाषाएं कि क्या कहना,

लेकिन आप ने बना रखा है मातृभाषा हिंदी को अपना गहना, 

इंडिया नहीं भारत बोलो, 

संसार समुद्र में फंसे हो अब तो तुम मोक्ष मार्ग का ताला खोलो, 

गुरुवर की करुणा का नहीं कोई पार, 

आपने खुलवादी घोशालाएं अपार, 

जनकल्याण, हथकरघा, पूर्ण आयु आयुर्वेद संस्थान,
 
आपके आशीर्वाद से हुआ ना जाने कितने मंदिरों का निर्माण, 

आप गुरुवर कर रहे हो जैन धर्म की इतने अच्छे से प्रभावना, 

चल सकूं आपके कदमों पर यही भाती हूं आज के दिन मैं भावना, 

आपसे दीक्षित है ना जाने कितने शिष्य शिष्याऐ,

आपकी तो चर्या ही ऐसी है कि अपने आप लोग खिंचे चले आएं, 

आपको भला कौन कर सकता है शब्दों में बयान, 

भक्त तो बस भावना ही भा सकते हैं यहाँ |
भक्त तो बस भावना ही भा सकते हैं यहाँ |


मेरे, मेरे परिवार और समस्त जीवों की तरफ से नमोऽस्तु, नमोऽस्तु, नमोऽस्तु मेरे आराध्य गुरुवर, सन्त शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी  महामुनिराज 🙏🙏🙏

आचार्य श्री दीर्घायु हो 🙏🙏🙏
दीक्षा दिवस जयवन्त हो 🙏🙏🙏

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  • 2 weeks later...

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