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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

*अवसर जब आते है दबे पांव आते हैं:-मुनि श्री विमल सागर जी*


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बीना 08/07/2020
*अवसर जब आते है दबे पांव आते हैं:-मुनि श्री विमल सागर जी*
मंगल कलश स्थापना संपन्न हुई
सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य गुरूवर श्री विद्यासागर जी महा मुनिराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य  
मुनि श्री विमल सागर जी मुनिराज
मुनि श्री अनंत सागर जी मुनिराज, 
मुनि श्री धर्म सागर जी मुनिराज,
मुनि श्री अचल सागर जी मुनिराज, 
मुनि श्री भाव सागर जी मुनिराज
  -श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर चौबीसी जिनालय बड़ी बजरिया बीना जिला सागर (मध्य प्रदेश) में कलश स्थापना 8 जुलाई को ब्रह्मचारी नितिन भैया जी इंदौर के निर्देशन में संपन्न हुई
 इस अवसर पर मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि आप के चमत्कारी चिंतामणि पारसनाथ भगवान की और गुरुदेव की कृपा हुई और चातुर्मास मिला। अवसर दबे पांव आते हैं और जब जाते हैं तो पंख लगाकर उड़ जाते हैं। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने अनेक दोहे लिखे हैं लेकिन उनमें रहस्य छुपा हुआ है। अभी संक्रमण काल चल रहा है बच कर रहना है। धन में जीवन खो दिया तो व्यर्थ चला जाएगा। अनंत परिवर्तन इस जीव ने किए हैं। नौ ग्रह इतने खतरनाक नहीं है जितना परिग्रह है।एक उदाहरण दिया सर सेठ हुकुमचंद का जिनको घाटा लग रहा था दान दिया तो घाटे की पूर्ति हो गई। मुनि श्री चंद्रप्रभ सागर जी जब गौरझामर में आए थे उन्होंने बताया था कि एक व्रत किया जिसमें पांच उपवास किए थे और पारणा में अंतराय आया गया था। उन्हें देखकर हमारे अंदर भी भावना हुई की ऐसे ही हमें भी उपवास करना है। दान की महिमा अपरंपार है जो प्रभु के मंदिर के लिए दान देता है उसका वर्णन करने के लिए कोई समर्थ नहीं है।
  -चातुर्मास मंगल कलश स्थापना करने का सौभाग्य विभिन्न महानुभावों ने प्राप्त किया
प्रथम कलश सुनीलकुमार महेन्द्रकुमार सिद्धार्थ कुमार कुशाग्र जैन पडरिया परिवार बीना द्वितीय कलश महेन्द्र कुमार मनीष कुमार जैन सेतपुर परिवार तृतीय कलश डॉ डी सी जैन अमित,सचिन कुमार जैन अलंकार ज्वेलर्स परिवार,चतुर्थ कलश मनिकचंद भूपेश नीलेश शैलेश जैन चौधरी स्टील परिवार,पंचम कलश गुलझारीलाल पदमचंद सुनील कुमार नौगांव परिवार को प्राप्त हुआ। इसके अलावा और भी लोगो ने कलश स्थापित किए।

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