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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

पीला रंग गुरुकृपा में सहायक होता है : - मुनिश्री विमल सागर जी


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*दमोह 17-05-2019*
*पीला रंग गुरुकृपा में सहायक होता है  - मुनिश्री* 

 दमोह ( मध्यप्रदेश)  में *सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के* शिष्य मुनि श्री  विमल सागर जी महाराज  श्री दिगंबर जैन नन्हे  मंदिर दमोह में विराजमान है। प्रातः काल आचार्य श्री की पूजन संपन्न हुई।इष्टोपदेश ग्रन्थ पर प्रवचन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री विमलसागर जी महाराज ने कहा कि यह संसारी प्राणी इस संसार समुद्र में अज्ञान के कारण अनादि काल से राग-द्वेष रूपी दो लंबी डोरियों के खींचने रूप कार्य से अर्थात घुमाई जाती हुई मथानी की तरह घूम रहा है। शाम को मुनिश्री भावसागर जी ने कहा कि मनुष्य जैसे वस्त्र पहनता है वैसा ही उसका व्यक्तित्व दिखता है।रंगों का व्यक्ति के जीवन से अटूट संबंध है।व्यक्ति के स्वभाव , मनःस्थिति , शरीर और आत्मा पर इनका गहरा प्रभाव पड़ता है।काला रंग हिंसा और क्रुरता के विचार उत्पन्न करता है। पीला रंग क्रोध को कम करता है।पीला रंग गुरु का होता है इस का ध्यान करने से गुरुकृपा बनी रहती है।सफ़ेद रंग निर्मलता , क्षमा , त्याग , और विकार रहितता , उत्पन्न करता है। कमेटी ने बताया कि 19 मई रविवार को प्रातः 6:30 बजे दमोह की सभी पाठशालाओ के बच्चो को सामूहिक पूजन मुनिश्री के सानिध्य में करवाई जाएगी।महावीर जयंती के पुरुस्कारों का वितरण भी होगा। कमेटी ने बताया कि 7 जून दिन शुक्रवार को *श्रुतपंचमी महामहोत्सव* संपन्न होगा जिसमें प्रातः 7 बजे देव , शास्त्र , गुरु की शोभायात्रा निकलेगी फिर श्रुतस्कन्ध का अभिषेक दमोह नगर के इतिहास में प्रथम बार होगा 1008 शास्त्र महिलाएं सिर पर रखकर शोभायात्रा मे चलेगी और नंन्हे जैन मंदिर में षटखंडागम आदि ग्रंथो की महापूजन होगी मुनिश्री के प्रवचन होंगे।
 

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