Jump to content
Sign in to follow this  
Sanyog Jagati

मुनि श्री के सानिध्य में आदिनाथ जयंती मनाई गई।

Recommended Posts

*बाकल 29-03-2019*
आदिनाथ जयंती मनाई गई

बाकल जिला कटनी ( मध्यप्रदेश) मे सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य *मुनि श्री  विमल सागर जी महाराज ससंघ* के सानिध्य मे 29 मार्च को प्रातः काल में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर बाकल में श्री आदिनाथ जयंती मनाई गई इससे पूर्व मुनि संघ की भव्य आगवानी हुई लोगो ने अपने अपने घरों में पाद प्रक्षालन किया श्री आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक हुआ शांति धारा हुई आरती पूजन हुई छत्र चमर अर्पण किये गये संचालन कवि अजय जैन "अहिंसा"बाकल ने कियाl  धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि यहां सुंदर मंदिर और वेदी बने ऐसी हमारी भावना है। हमारे प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ जी भगवान की जन्म जयंती आज हम बना रहे हैं।यह नगरी भी विश्व में प्रसिद्ध हो जाए ऐसी हमारी भावना हैl अभी श्री आदिनाथ जयंती से शुरुआत हुई है और आगे श्री महावीर जयंती भी आप मनाएlप्रथम और अंतिम तीर्थंकर में सभी 24 तीर्थंकर गर्भित हो जाते हैं। छोटी-छोटी समाज भी बड़े-बड़े काम करती हैंl मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि आपका पुण्य है कि श्री आदिनाथ भगवान की जयंती आप मना रहे हैंl *सर्वश्रेष्ठ मंत्र है तो विश्वास  है* भगवान की वाणी पर विश्वास होना जरूरी है।युग के आदि में भगवान का आज के दिन जन्म हुआ था।उत्तम पात्रों से शांतिधारा करना चाहिएlजैसी भावना होती है वैसे होने लगता है।परिग्रह का त्याग कर देते हैं तो मुक्ति का कारण बन जाता है।भगवान ने कहा था कि *कृषि करो या ऋषि बनो* दान देने से धन अनन्त गुना हो जाता है।वैराग्य की ओर विरले लोग ही बढ़ते हैं। और वह महापुरुष बनते हैं। आदिनाथ जी ने जन्म लेकर वन की ओर गमन किया।
26 मार्च को मुनि श्री ससंघ का विहार खितौला से हुआ था मुनि श्री का विहार तपती धूप में चल रहा है अप्रैल माह में कुण्डलपुर पहुँचने की संभावना है सलैया, रैपुरा,कुम्हारी,हिनोती होते हुए कुण्डलपुर पहुचेंगे मुनि श्री के पैरों में छाले है फिर भी कष्टों को सहन करते हुए विहार कर रहे है ।

Share this post


Link to post
Share on other sites
Sign in to follow this  

×
×
  • Create New...