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Sanyog Jagati

मंदिर का प्रभाव समाज पर पड़ता है- मुनि श्री भाव सागर जी

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सागर बरोदिया कला
14 फरवरी  2019

मंदिर का प्रभाव समाज पर पड़ता है- मुनि श्री भाव सागर जी
 बरोदिया कला तहसील मालथौन जिला सागर (मध्य प्रदेश) मे

सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य  श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी 
महाराज ससंघ  विराजमान है श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बरोदिया कला में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि मंदिर की वस्तुएं सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए ।द्रव्य भीऐसी हो की अपना मन पूजन में अच्छा लगे ।छत्र चवर भामंडल अष्ट प्रातिहार्य आदि अच्छे होना चाहिए ।दान देने के बाद मंदिर बेदी ,प्रतिमा या दान की हुई वस्तु पर स्वामित्व नहीं होना चाहिए। शांति धारा सभी को सुनाई दे ऐसी व्यवस्था करें। गंधोदक उत्तम अंग पर लगाना चाहिए और सभी को देना चाहिए ।जो दान देने के बाद धन सामग्री नहीं देता है तो 60 वर्ष तक मनुष्य के मल में कीड़ा बनता है कैंसर टीवी आदि जैसे असाध्य रोग होते हैं। प्रतिदिन शांति धारा अभिषेक बोली से होता है तो राग द्वेष नहीं होता है। मंदिर अच्छा होता है तो समाज पर अच्छा प्रभाव पड़ता है मुनि श्री विमल सागर जी महाराज का आज उपवास रहा पाठशाला का कलश स्थापना का कार्यक्रम 15 फरवरी को प्रातः 8 बजे संपन्न होगा।
 

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