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पत्राचार के माध्यम से गुरुदेव के जीवन पर आधारित पाठ्यक्रम को घर बैठे पूरा करें और जीतें पुरस्कार वर्तमान के महान आचार्य संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के जीवन चरित्र को आत्मसात करने का स्वर्णिम अवसर - आचार्यश्री  विद्यासागर पत्राचार पाठ्यक्रम

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18 वर्ष से अधिकआयु वर्ग आचार्य विद्यासागर पाठ्यक्रम में ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए नीचे बटन को क्लिक करे:

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  1. What's new in this club
  2. JAI~ JINENDRA, I registered myself for ACHARYA SHRI VIDHYASAGAR PATHYAKRAM online, I also paid fee for this through Pay U online, Reference is:- Your payment(Id-189349831) of Rs 205.0 for Jain Vidyapeeth is successful. For queries on your payment visit: http://pmny.in/FI6L8HEhtoCj. Kindly do needful for Further action. Thanks
  3. इस पाठ्यपुस्तक में आचार्यश्री के धरा पर अवतरण, दिव्य चेतना की प्रासि से लेकर आचार्य पद की प्राप्ति तक की यात्रा है। एक आचार्य के रूप में इतने बड़े संघ के संचालन की नीति, सरल हृदयी परंतु दृढ़ अनुशासक की उनकी भूमिका और आगम के अनुरूप श्रेष्ठतम आचरण पर प्रकाश डाला गया है। उनका बाह्य व्यक्तित्व जितना आकर्षक एवं सौम्य है उतना ही आभ्यन्तरीय व्यक्तित्व भी निर्मल एवं पवित्र है। मर्यादा पुरूषोत्तम कुशल साधक के रूप में उनके जीवन का यह हिस्सा सामान्य श्रावक ही नहीं वरन समस्त साधु समाज के लिए भी प्रेरणा और चिंतन का विषय है। संस्मरणों के माध्यम से आचार्यश्रीजी के अन्तरंग की साधना को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया है वह भावुक पाठकों के हृदय में सीधे उतर कर सच्चरित्री बनने की प्रेरणा देती है। कैसी लगी आपको यह पुस्तक - आप अपने अनुभव मीचे कमेंट में जरूर लिखे |
  4. इसमें आचार्य श्री विद्यासागरजी द्वारा इन पचास वर्षों में अपने गुरु आचार्य श्री ज्ञानसागरजी को जिन-जिन रूपों में स्मरण किया गया है, उन विषयों को १o अध्याय के रूप में बाँटा गया है। एक दिव्य पुरुष आचार्य श्री विद्यासागरजी का निर्माण जिनके द्वारा हुआ है ऐसे अलौकिक पुरुष आचार्य श्री ज्ञानसागरजी महाराज को वह जिस समर्पित भाव से एवं याचकभाव से स्मरण करते हैं, वे भाव आत्मा को स्पन्दित कर देते हैं। जिनको पूरी दुनिया भगवानतुल्य मानती है, वो स्वयं अपने गुरु का गुणगान करते नजर आते हैं तो युगों-युगों से चली आ रही भारत की गुरु-शिष्य परंपरा जीवंत हो जाती है। कैसी लगी आपको यह पुस्तक, अपने अनुभव नीचे जरूर लिखे |
  5. 24/03/2018 शनिवार सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक पाठ्यक्रम सूची । 25/03/2018 रविवार सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक पाठ्यक्रम सूची ।
  6. तमिलनाडु के पोन्नूरमलै के श्री विसाकाच्चार्य तपोवन मे पाठ्यक्रम लोगो को सिखाते हैं।
  7. पहली बार तमिलनाडू मे पच्चीस लोगो से ज़्यादा लोग एक साथ हमारी पाठ्यक्रम मे भर्ती हुए है । आगमी 27-01-2018 सुबह साढ़े दस बजे से शाम साढ़े चार बजे तक पाठ्यक्रम कक्षाशुरुआत करते है। हर द्वितीय व चतुर्थ शनिवार कक्षा चलाते है ।
  8. 11 september ko registration kiya tha lekin books abhi tak nahi aayi Merchant Name: Jain Vidyapeeth Order Amount: Rs 205.00 Payment ID: 162825606 Merchant Order ID: 342787-162825606 Customer Address ashok jain,D401, Vaswani Brentwood, Vibgyor School Road, Thubarahalli, Bangalore-560066 Customer Name shilpa jain
  9. पत्राचार की सदस्यता प्राप्त करने की अंतिम तिथि तिथि 31 अक्टूबर २०१७ हो गसी हैं
  10. जय जिनेन्द्र लगभग 2 माह पहले मैंने ऑनलाइन पंजीकरण किया था , परन्तु अभी तक एक भी पुस्तक प्राप्त नहीं हुई है, क्या आप चैक कर के बता सकते है कि हमे पुस्तक कब से प्राप्त होगी? धन्यवाद ऋषभ जैन
  11. आपके घर के पते पर पोस्ट से भेजी जाएगी यह पुस्तके एक साथ नहीं मिलेगी - आपको नया भाग लगबघ 2 महीने के अन्तराल में मिलेगा
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