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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

धन विदेष में क्यों रखते हैं।


संयम स्वर्ण महोत्सव

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चंद्रगिरि डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में विराजमान दिगम्बर जैन आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी ने कहा कि करोड़ो रूपयो का व्यय होने पर भी कुछ नहीं हो रहा है और कहते हैं कि आप जानों, और कहते हैं कि श्ष्वेत क्रांतिश् है । शासन क्या है आप जानो। कमा – कमाकर रख रहे हो क्या होगा, केवल नारे लगाने से कुछ नहीं होगा। आज दूध में मिलावट हो रही है, वह दूध बच्चों को भी पिलाया जाता है कितनी सारी बिमारियाँ होती है। धन विदेषों में रखते हैं क्योंकि माता – पिता, भाई – बहन, पति/पत्नि पर विष्वास नही रहता है। कोई ड्रेस एड्रेस नहीं है कोड से चलता है। इससे बढ़कर कोई पागलपन नहीं है । सारी सम्पदा विदेष में रखते हैं यह समझ में नहीं आ रहा है। जनसंख्या बढ़ती जा रही है, धर्म की श्रेणी नीचे आ रही हैै। आज हार्ट अटैक की औसत उम्र 40 साल हो गई है।जैसे व्यापारी सुबह अखबार नहीं देखता है तो व्यापार कैसे करेगा इसी प्रकार जिनवाणी पूछती है कि देखो और चर्या करो। दान श्रावक के लिये वरदान है।

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