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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
  • ४१. विनयांजली- आचार्य भगवन के पूरे प्राणी मात्र के प्रति उपकारों के लिये कृतज्ञता स्वरूप |

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    आ।श्री।

     

    108 आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी मुनि महाराज को मेरे सत-सत नमन-वंदन-अभिनंदन...नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु गुरुवर  ???     -अभिषेक जैन सा-परिवार 

     

    मन

    करुँ 

    गुरुदेव को

     

    शीश 

    नवा

    प्रतिदिन

     

    मन

    वच

    काय से 

     

    पूजित 

    सदा

    आप 

     

    रहे 

    सदा 

    निर्ग्रन्थ 

     

    परिग्रह

    का 

    लेश न

     

    लीन

    स्वयं

    में आप

     

    ऐसे 

    गुरुवर

    को सदा

     

    समर्पित

    मन के 

    निर्मल भाव।।

     

    नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु गुरुवर 

    -अभिषेक जैन सा-परिवार 

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