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मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
  • ४७. विनयांजली- आचार्य भगवन के पूरे प्राणी मात्र के प्रति उपकारों के लिये कृतज्ञता स्वरूप |

       (0 reviews)

    आ। श्री।

    108 आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरण कमलों में कोटि-कोटि नमन-वन्दन-प्रणाम 

    नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु गुरुवर ???

                                                                                                                                                       -अभिषेक जैन सा-परिवार 

    जो निकल पड़ें है चरण-कमल

    सौभाग्य जागने वाला है

    जहाँ-जहाँ गुरुवर पग रख दे धरा पर

    सुखामृत रूपी स्वर्ण बरसने वाला है।।

     

     

    नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु गुरुवर ???

    -अभिषेक जैन सा-परिवार 

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