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  • विनयांजली- आचार्य भगवन के पूरे प्राणी मात्र के प्रति उपकारों के लिये कृतज्ञता स्वरूप |

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    आचार्य गुरुवर श्रीमद विद्यासागर जी मुनि महाराज

     इस युग में श्रवण संस्कृति के प्रणेता आचार्य गुरुवर श्रीमद विद्यासागर महाराज, भिलाई छत्तीसगढ़ में साक्षात विद्यमान, को सब मुनि सहित मेरा परिवार सहित सादर नमोस्तु...

                                                                                                                      -अभिषेक जैन स-परिवार 

     

    तुम धीर हो, गम्भीर हो

    वेदनामयी इस धरा में

    इस युग के तुम महावीर हो

     

    चेतना को जो जगा दे

    भावना उत्तम बना दे

    निज आत्मा से जो मिलादे

     

    परमात्मा की शाश्वत 

    अनुभति को जो प्रगटादे

    प्राणी जगत का कल्याण करने

    इस जगत की पीर हरने

    मानों स्वयँ माहावीर उतरे

    आपके गुण स्तवन का

    मैं मूर्ख क्या वर्णन करूँ

    बस चरण में जगह देदो

    इतनी ही इक्षा धरु

     

    आपके दर्शनों का

    लाभ प्रभु मिलता रहे

    और मेरा मलिन मन

    आपकी भक्ति से सदा

    खिलता रहे

     

    गुरु आशीष दो..आशीष दो..आशीष दो

     

                            ०१ आचार्य गुरुवर श्रीमद विद्यासागर जी मुनि महाराज.docx    -अभिषेक जैन स-परिवार

     

     



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