Jump to content
मेरे गुरुवर... आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
  • 🙇🙇🙇नमन🙇🙇🙇

       (0 reviews)

    🙇🙇🙇🙇🙇🙇

     

    मन करुँ गुरुदेव को

    आठों पहर दिन रैन

    उर में श्रद्धा भावना

    मिलें सदा सुख-चैन।।

     

    जिनवाणी की वाचना

    जिन आगम का सार

    चतुर्मास आरंभ हुआ

    खजुराहों हुआ निहाल।।

     

    साहित्य के सँसार में

    कलम मेरी जब चली  

    भावनाएँ ही प्रमुख थी 

    शब्दों की गीतांजली।।

     

     

    सादर

    🙇🙇🙇

    अभिषेक जैन 'अबोध'

    भेल भोपाल-४६२०२२

    ९४२५३०२७४२


    User Feedback

    Create an account or sign in to leave a review

    You need to be a member in order to leave a review

    Create an account

    Sign up for a new account in our community. It's easy!

    Register a new account

    Sign in

    Already have an account? Sign in here.

    Sign In Now

    There are no reviews to display.


×
×
  • Create New...